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अमरनाथ यात्रा के लिए सुरक्षा प्रबंधों की कवायद तेज, 70 हजार से डेढ़ लाख तक अर्द्ध सैनिक बलों की होगी तैनाती

By सुरेश एस डुग्गर | Updated: April 27, 2026 15:51 IST

आधिकारिक तौर पर 70 हजार से डेढ़ लाख तक अर्द्ध सैनिक बलों को अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा की खातिर तैनात किया जाएगा।

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जम्मू: इस साल की अमरनाथ यात्रा के लिए सुरक्षा प्रबंधों की कवायद तेज हो गई है। हालांकि अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा की खातिर सेना की तैनाती आधिकारिक तौर पर नहीं होगी। लेकिन सेनाधिकारी कहते हैं कि उनके पास यात्रा के बाहरी इलाकों की सुरक्षा का भार हमेशा की तरह रहेगा। पर सूत्रों के अनुसार, अन्य सुरक्षाबलों को इस बार भी खतरे को भांपते हुए सेना की कमान के तहत ही अमरनाथ यात्रा में कार्य करना होगा।

आधिकारिक तौर पर 70 हजार से डेढ़ लाख तक अर्द्ध सैनिक बलों को अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा की खातिर तैनात किया जाएगा। इनमें सेना के जवानों की गिनती नहीं होगी और न ही प्रदेश पुलिस के जवानों की। सभी को अगर मिला लिया जाए तो अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा की खातिर तैनात किए जाने वाले सुरक्षाकर्मियों की संख्या दो लाख से अधिक रहेगी। 

इनकी तैनाती लखनपुर के प्रवेश द्वार से लेकर अमरनाथ गुफा तक के रास्तों पर होगी। इतने जवानों की तैनाती के बाद भी अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा को लेकर चिंता हमेशा प्रकट की जाती है। खासकर ताजा टारगेट किलिंग वाले हमलों के बाद। दरअसल पाकिस्तान और आतंकी बौखलाहट में हैं। 

दरअसाल अमरनाथ यात्रा की तैयारियां इस साल रिकार्ड तोड़ने के इरादे के साथ जोरों पर हैं। सरकार और प्रशासन मिलकर हर कोशिश कर रहे हैं कि यात्रा हर साल के रिकार्ड तोड़े और श्रद्धालुओं को हर सुविधा उपलब्ध हो। लेकिन इसी बीच खुफिया एजेंसियों को यह जानकारी मिली है कि आतंकी संगठन इस यात्रा को निशाना बनाने की योजना बना रहे हैं। इनपुट के मुताबिक, आतंकी हैंडलर यात्रा मार्ग और प्रमुख पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था, जवानों की तैनाती और पर्यटकों की संख्या पर नजर रख रहे हैं।

सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए आधिकारिक तौर पर लगभग 60-70 हजार जवान तैनात किए जाएंगे, जिनमें जम्मू कश्मीर पुलिस, सेना, सीआरपीएफ, सीआईएसएफ और आईटीबीपी शामिल हैं। पश्चिम बंगाल चुनाव के बाद अतिरिक्त अर्धसैनिक बलों की टुकड़ियां भी राज्य में भेजी जाएंगी।

सुरक्षा बलों ने तुरंत सतर्कता बढ़ा दी है और त्रिस्तरीय सुरक्षा नेटवर्क लागू किया गया है। जम्मू कश्मीर में कठुआ, अनंतनाग, पहलगाम, गंदरबल और बालटाल सहित यात्रा के सभी प्रमुख पड़ावों पर निगरानी कड़ी कर दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि सीमापार बैठे आतंकी पूरी नजर रखे हुए हैं और किसी भी चूक का फायदा उठाने की कोशिश कर सकते हैं।

सुरक्षा सूत्रों का कहना है कि अमरनाथ यात्रा पहले भी आतंकियों का निशाना रही है, इसलिए इस बार विशेष सतर्कता बरती जा रही है। यात्रियों और पर्यटकों से अपील की गई है कि वे संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत सुरक्षा बलों को दें और सुरक्षा निर्देशों का पालन करें। 

टॅग्स :अमरनाथ यात्राजम्मू कश्मीर
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