लखनऊ:आईपीएल 2026 के मैच में, लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) के खिलाफ कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) ने लखनऊ के एकाना क्रिकेट स्टेडियम में संघर्ष कर रही है। एलएसजी के बायें हाथ के तेज गेंदबाज मोहसिन खान ने कमाल का प्रदर्शन करते हुए अपने 4 ओवर में 23 रन देकर पांच विकेट ले लिए।
उन्होंने केकेआर की शीर्ष और मध्यक्रम की बल्लेबाजी को नेस्तनाबूद कर दिया। उन्होंने टिम सीफर्ट, रहाणे, रोवमैन पॉवेल, कैमरून ग्रीन और अनुकूल रॉय को अपना शिकार बनाया है। पहले बल्लेबाजी करने उतरी केकेआर के कप्तान अजिंक्य रहाणे ने 15 गेंदों में 10 रन बनाए, जिसमें एक छक्का भी शामिल था। विकेटकीपर-बल्लेबाज टिम सीफर्ट बिना कोई रन बनाए (डक पर) 3 गेंदों में आउट हो गए।
इसी प्रकार अंगकृष रघुवंशी एक अनोखे तरीके से आउट हुए। उन्हें 'फील्ड में बाधा डालने' के कारण आउट करार दिया गया। 8 गेंदों की उनकी पारी 9 रनों पर समाप्त हुई, जिसमें एक चौका भी शामिल था। रोवमैन पॉवेल भी 4 गेंदों का सामना करने के बाद सिर्फ 1 रन बनाकर आउट हो गए। इसी प्रकार धड़ाधड़ अन्य विकेट गिरे।
कौन हैं मोहसिन ख़ान?
उत्तर प्रदेश के संभल में 15 जुलाई 1998 को जन्मे मोहसिन खान की कहानी संघर्ष और निरंतर मेहनत की मिसाल है। घरेलू क्रिकेट में उत्तर प्रदेश क्रिकेट टीम के लिए खेलते हुए उन्होंने अपनी पहचान बनानी शुरू की। साल 2018 में सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी के दौरान उन्होंने टी20 क्रिकेट में पदार्पण किया और आठ मैचों में 13 विकेट लेकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। इसी प्रदर्शन ने उन्हें क्रिकेट जगत में पहचान दिलाई और चयनकर्ताओं की नजरों में ला खड़ा किया।
इसी साल उन्होंने विजय हजारे ट्रॉफी में लिस्ट-ए क्रिकेट में कदम रखा और फिर 2020 में रणजी ट्रॉफी के जरिए प्रथम श्रेणी क्रिकेट में भी अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। हालांकि, उनकी शुरुआती आईपीएल यात्रा उतनी आसान नहीं रही। 2018 और 2020 की नीलामी में एमआई ने उन्हें अपनी टीम में शामिल तो किया, लेकिन उन्हें मैदान पर उतरने का मौका नहीं मिला। इसके बावजूद नेट्स में बुमराह और मुस्तफिजुर रहमान जैसे दिग्गज गेंदबाज़ों के साथ अभ्यास ने उनके खेल को निखारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
करियर का असली मोड़ 2022 में आया, जब लखनऊ सुपर जायंट्स ने उन्हें मेगा ऑक्शन में अपनी टीम में शामिल किया। इस मौके को मोहसिन ने दोनों हाथों से भुनाया और अपने पहले ही आईपीएल सीजन में नौ मैचों में 14 विकेट लेकर खुद को साबित किया। उनकी सबसे यादगार गेंदबाज़ी दिल्ली के खिलाफ देखने को मिली, जहां उन्होंने चार ओवर में सिर्फ 16 रन देकर चार विकेट झटके और टीम को रोमांचक जीत दिलाई। उनकी स्किडी गेंदबाज़ी और तेज़ रफ्तार बल्लेबाज़ों के लिए चुनौती बन गई, जिससे उन्हें अलग पहचान मिली।