लाइव न्यूज़ :

फ्यूचर रिटेल को राहत नहीं, अमेजन को मध्यस्थता केन्द्र का फैसला प्राधिकरणों को बताने पर रोक नहीं

By भाषा | Updated: December 21, 2020 19:40 IST

Open in App

नयी दिल्ली, 21 दिसंबर दिल्ली उच्च न्यायालय ने सोमवार को किशोर बियानी की अगुवाई वाले फ्यूचर रिटेल लिमिटेड (एफआरएल) की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें अमेजन को सिंगापुर अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता केन्द्र के फैसले के बारे में सेबी, भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) और अन्य प्राधिकरणों को लिखने से मना करने की अपील की गई थी।

सिंगापुर के मध्यस्थता केन्द्र ने फ्यूचर समूह और रिलायंस रिटेल के बीच हुए 24,713 करोड़ रुपये के परिसंपत्ति बिक्री सौदे पर रोक लगा दी थी।

न्यायमूर्ति मुक्ता गुप्ता ने एफआरएल की दलील को खारिज कर दिया। याचिका में दावा किया गया था कि अमेजन 24,713 करोड़ रुपये के रिलायंस- फ्यूचर सौदे पर आपातकालीन न्यायाधिकरण के फैसले के बारे में अधिकारियों को लिख रही है।

न्यायालय ने आदेश में कहा कि एफआरएल ने अंतरिम निषेधाज्ञा जारी करने के लिए आवेदन किया है, लेकिन पहली नजर में सुविधा संतुलन फ्यूचर रिटेल और अमेजन दोनों के पक्ष में है, और क्या किसी भी पक्ष को कोई अपूरणीय क्षति होगी, यह मुकदमे की सुनवाई के दौरान या सक्षम मंच द्वारा निर्धारित किया जाना है।

अदालत ने आगे कहा कि उसने इस वजह से भी अंतरिम तौर पर निषेधाज्ञा नहीं दी, क्योंकि एफआरएल और अमेजन, दोनों ही वैधानिक प्राधिकारियों या नियामकों के समक्ष अपनी बात कह चुके हैं और अब इस बारे में ‘‘वैधानिक प्राधिकारियों/ नियामकों को निर्णय लेना है।’’

न्यायालय ने कहा कि समझौते को मंजूरी देने वाला एफआरएल का 29 अगस्त का बोर्ड प्रस्ताव अवैध नहीं था, जैसा कि अमेजन ने दावा किया है और इस बारे में वैधानिक अधिकारियों तथा नियामकों के समक्ष अमेजन की दलील गलत दावों पर आधारित थी।

हालांकि, उच्च न्यायालय एफआरएल की इस दलील से सहमत नहीं था कि 25 अक्टूबर का अपातकालीन मध्यस्थता (ईए) आदेश कानूनी अधिकार क्षेत्र के बाहर था और इस कारण यह आदेश अमान्य है।

ऐसे में अदालत ने एफआरएल की अंतरिम रोक लगाने के आवेदन को रद्द करते हुए कहा कि मांगी गई राहत नहीं दी जा सकती।

सिंगापुर अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता केंद्र (एसआईएसी) ने 25 अक्टूबर के अपने आदेश में अमेजन के पक्ष में फैसला देते हुए फ्यूचर रिटेल लिमिटेड पर कंपनी की परिसंपत्तियों के किसी भी तरह के हस्तांतरण, परिसमापन या किसी करार के तहत दूसरे पक्ष से कोष हासिल करने के लिए प्रतिभूतियां जारी करने पर रोक लगायी है।

मामला पिछले साल अगस्त में फ्यूचर समूह की कंपनी फ्यूचर कूपन्स लिमिटेड में 49 प्रतिशत हिस्सेदारी का अमेजन द्वारा अधिग्रहण किए जाने और इसी के साथ समूह की प्रमुख कंपनी फ्यूचर रिटेल में पहले हिस्सेदारी खरीदने के अधिकार से जुड़ा है। फ्यूचर रिटेल में फ्यूचर कूपन्स की भी हिस्सेदारी है।

इस संबंध में विवाद तब उत्पन्न हुआ जब फ्यूचर समूह ने करीब 24,000 करोड़ रुपये में अपने खुदरा, भंडारण और लॉजिस्टिक कारोबार को रिलायंस इंडस्ट्रीज को बेचने का समझौता किया।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

Open in App

संबंधित खबरें

विश्वक्या ईरान और यूएस के बीच सीजफायर बढ़ेगा आगे? डोनाल्ड ट्रंप के बयान से युद्धविराम पर मंडराए अनिश्चितता के बादल

भारतजनगणना और परिसीमन के चक्रव्यूह में महिला आरक्षण बिल! क्या है अब मोदी सरकार की नई रणनीति?

क्राइम अलर्टTCS Nashik Case: धर्म परिवर्तन की शिकायतों से कंपनी का इनकार, जांच के लिए निगरानी पैनल तैयार

क्राइम अलर्टCR Park Double Murder: दिल्ली में डबल मर्डर से सनसनी, बाप-बेटे को को उतारा मौत के घाट; पुलिस खंगाल रही डिटेल्स

भारतTamil Nadu Road Accident: कोयंबटूर में टूरिस्ट बस खाई में गिरी, 9 पर्यटकों की मौत; पीएम और राष्ट्रपति ने जताया दुख

कारोबार अधिक खबरें

कारोबारPetrol, Diesel Price Today: क्रूड ऑयल के दामों में उछाल जारी, जानें भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर कितना हुआ असर

कारोबारआधार कार्ड की सुरक्षा है आपके हाथ! जानें अपने आधार को ऑनलाइन लॉक और अनलॉक कैसे करें?

कारोबारGold Rate Today: 17 अप्रैल 2026 को सोना हुआ सस्ता, 24 कैरेट सोने की कीमत ₹ 1,55,525 प्रति 10 ग्राम

कारोबारPetrol, Diesel Price Today: कहां सस्ता और कहां महंगा हुआ पेट्रोल और डीजल, चेक करें लेटेस्ट प्राइस लिस्ट

कारोबारEPFO: नहीं काटने होंगे दफ्तर के चक्कर, ऑनलाइन ठीक करें पीएफ अकाउंट की गलतियां; जानें स्टेप-बाय-स्टेप प्रोसेस