क्या ईरान और यूएस के बीच सीजफायर बढ़ेगा आगे? डोनाल्ड ट्रंप के बयान से युद्धविराम पर मंडराए अनिश्चितता के बादल

By अंजली चौहान | Updated: April 18, 2026 11:21 IST2026-04-18T11:19:02+5:302026-04-18T11:21:47+5:30

US-Iran War: तेहरान ने अहम तेल मार्ग तक सशर्त पहुँच का संकेत दिया, जबकि ट्रंप परमाणु समझौते को लेकर दबाव बनाए हुए हैं।

Will the ceasefire between Iran and US be extended Donald Trump statement casts uncertainty over truce | क्या ईरान और यूएस के बीच सीजफायर बढ़ेगा आगे? डोनाल्ड ट्रंप के बयान से युद्धविराम पर मंडराए अनिश्चितता के बादल

क्या ईरान और यूएस के बीच सीजफायर बढ़ेगा आगे? डोनाल्ड ट्रंप के बयान से युद्धविराम पर मंडराए अनिश्चितता के बादल

US-Iran War: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ सीजफायर आगे बढ़ाने को लेकर विचार कर रहा है। मगर ट्रंप ने साफ कहा कि अगर सीजफायर आगे नहीं बढ़ता तो युद्ध जारी रहेगा। इससे इस बात की संभावना बढ़ गई है कि अगर पश्चिम एशिया में दुश्मनी को पूरी तरह से रोकने के लिए इस्लामिक रिपब्लिक के साथ कोई समझौता नहीं होता है, तो इस क्षेत्र में फिर से सैनिक कार्रवाई शुरू हो सकती है।

ट्रंप ने कहा कि यह फैसला इस बात पर निर्भर करेगा कि सीजफायर की समय सीमा से पहले कोई समझौता हो पाता है या नहीं। उन्होंने आगे कहा कि अगर सीजफायर का समझौता नहीं भी होता है, तो भी ईरान के बंदरगाहों पर US की नौसैनिक नाकेबंदी जारी रहेगी।

US राष्ट्रपति ने कहा, "हो सकता है कि मैं इसे आगे न बढ़ाऊँ। लेकिन नाकेबंदी जारी रहेगी, हाँ, हो सकता है कि मैं इसे आगे न बढ़ाऊँ। तो, नाकेबंदी तो रहेगी ही, और बदकिस्मती से, हमें फिर से बम गिराना शुरू करना पड़ेगा।"

ट्रंप उस सवाल का जवाब दे रहे थे कि क्या सीजफायर को आगे बढ़ाया जाएगा, अगर बुधवार, 22 अप्रैल तक कोई समझौता नहीं हो पाता है - जब मौजूदा दो हफ़्ते का सीजफायर खत्म होने वाला है।

इन टिप्पणियों से पता चलता है कि US का रुख सख्त हो रहा है; ट्रंप ने साफ कर दिया है कि जहाँ एक तरफ नाकेबंदी जारी रहेगी, वहीं दूसरी तरफ़ दुश्मनी में आया ठहराव शायद जारी न रहे। 

इस बीच, CNN ने बातचीत से जुड़े ईरानी अधिकारियों के हवाले से बताया है कि किसी समझौते पर पहुँचने के लिए सोमवार को इस्लामाबाद में ईरानी और अमेरिकी वार्ताकारों के बीच बातचीत का एक नया दौर शुरू होने की उम्मीद है।

CNN के अनुसार, दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडल रविवार को पाकिस्तान की राजधानी पहुँच सकते हैं। इस दौरे का मकसद दोनों पक्षों के बीच किसी संभावित समाधान के लिए जमीन तैयार करना है, क्योंकि इससे पहले हुई बातचीत किसी नतीजे पर नहीं पहुँच पाई थी। 

11 अप्रैल से 12 अप्रैल तक इस्लामाबाद में हुई शांति वार्ता, US और ईरान के बीच एक महीने से ज़्यादा समय से चल रही दुश्मनी को खत्म करने की एक ऐतिहासिक, लेकिन बेनतीजा कूटनीतिक कोशिश थी। पाकिस्तान की मध्यस्थता में हुई यह बातचीत, 1979 की इस्लामिक क्रांति के बाद दोनों देशों के बीच पहली उच्च-स्तरीय, आमने-सामने की बातचीत थी।

Web Title: Will the ceasefire between Iran and US be extended Donald Trump statement casts uncertainty over truce

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