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महाराष्ट्र मंत्रिमंडलः 35 किमी लंबी, लागत 22,862 करोड़ रुपये, कॉरिडोर में 20 स्टेशन, मुंबई और नवी मुंबई हवाई अड्डों को जोड़ने वाली मेट्रो परियोजना

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: January 27, 2026 20:02 IST

Maharashtra Cabinet: मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार, 30.7 हेक्टेयर भूमि के अधिग्रहण पर 388 करोड़ रुपये खर्च आने का अनुमान है।

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ठळक मुद्देकॉरिडोर में 20 स्टेशन होंगे, जिनमें छह भूमिगत और 14 ‘एलिवेटेड’ स्टेशन शामिल हैं।अवसंरचना समिति ने 35 किलोमीटर लंबी मेट्रो लाइन-8 परियोजना को मंजूरी दी।निर्माण कार्य, स्वीकृतियों के तीन साल के भीतर पूरा कर लिया जाए।

मुंबईः महाराष्ट्र मंत्रिमंडल अवसंरचना समिति ने मुंबई और नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों को जोड़ने वाली 35 किलोमीटर लंबी मेट्रो परियोजना को मंगलवार को मंजूरी दे दी। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि इस परियोजना की लागत 22,000 करोड़ रुपये से अधिक होगी। इस कॉरिडोर में 20 स्टेशन होंगे, जिनमें छह भूमिगत और 14 ‘एलिवेटेड’ स्टेशन शामिल हैं।

मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार, 30.7 हेक्टेयर भूमि के अधिग्रहण पर 388 करोड़ रुपये खर्च आने का अनुमान है। अवसंरचना समिति ने 35 किलोमीटर लंबी मेट्रो लाइन-8 परियोजना को मंजूरी दी, जिसकी अनुमानित लागत 22,862 करोड़ रुपये है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने निर्देश दिया कि छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे तक मेट्रो परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण और स्वीकृतियां छह महीने के भीतर पूरी कर ली जाएं और निर्माण कार्य, स्वीकृतियों के तीन साल के भीतर पूरा कर लिया जाए।

विज्ञप्ति में बताया गया कि कुल 35 किलोमीटर लंबी मेट्रो लाइन में से 9.25 किलोमीटर हिस्सा मुंबई हवाई अड्डे के टर्मिनल-2 से घाटकोपर पूर्व तक भूमिगत होगा और 24.63 किलोमीटर हिस्सा घाटकोपर पश्चिम से नवी मुंबई हवाई अड्डे के टर्मिनल-2 तक ‘एलिवेटेड’ होगा।

फडणवीस ने संबंधित विभागों को नागपुर-गोंदिया और भंडारा-गडचिरोली मार्गों पर समृद्धि एक्सप्रेसवे के विस्तार में तेजी लाने व परियोजनाओं में देरी न होने देने का भी निर्देश दिया। समिति ने आगामी कुंभ मेले के मद्देनजर 3,954 करोड़ रुपये की लागत से 66.15 किलोमीटर लंबी नासिक शहर रिंग रोड परियोजना को भी मंजूरी दी। समिति ने खनिज परिवहन को सुगम बनाने के लिए गडचिरोली जिले में 85.76 किलोमीटर लंबे नवेगांव मोरे-कोंसारी-मुलचेरा-हेदरी-सूरजगढ़ राजमार्ग को चार लेन वाली कंक्रीट सड़क में बदलने की भी मंजूरी दी।

महाराष्ट्र मंत्रिमंडल ने आईटीआई में पीएम-सेतु योजना लागू करने को दी मंजूरी

महाराष्ट्र मंत्रिमंडल ने पीएम-सेतु योजना के तहत औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) के आधुनिकीकरण के लिए मंगलवार को एक योजना को मंजूरी दे दी जिसका उद्देश्य युवाओं के कौशल विकास और रोजगार के अवसरों में सुधार करना है। एक सरकारी विज्ञप्ति के अनुसार, इस योजना को पहले चरण में नागपुर, छत्रपति संभाजीनगर और पुणे जिलों के आईटीआई में लागू किया जाएगा तथा अगले चरण में इसका विस्तार अन्य जिलों में किया जाएगा। विज्ञप्ति के मुताबिक, इस कार्यक्रम का उद्देश्य प्रशिक्षण बुनियादी ढांचे को उन्नत करना और विद्यार्थियों के लिए रोजगार प्राप्ति को आसान बनाना है।

इसका मकसद कुशल मानव संसाधन की मांग और आपूर्ति के बीच के अंतर को कम करना है। मुख्यमंत्री कार्यालय के एक बयान के अनुसार, यह परियोजना ‘हब-एंड-स्पोक मॉडल’ पर आधारित होगी और अगले वर्ष से चरणबद्ध तरीके से लागू की जाएगी। ‘उन्नत आईटीआई के माध्यम से प्रधानमंत्री कौशल और रोजगार क्षमता परिवर्तन’ (पीएम-सेतु) योजना चार अक्टूबर, 2025 को शुरू की गयी थी।

जिसका मकसद 1,000 सरकारी आईटीआई का आधुनिकीकरण करना है। केंद्र सरकार, महाराष्ट्र सरकार और उद्योग जगत का योगदान क्रमशः 50:33:17 प्रतिशत है। प्रत्येक क्लस्टर (एक हब आईटीआई और चार सहायक आईटीआई) पर पांच वर्षों में लगभग 241 करोड़ रुपये की लागत आएगी।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में ठेकेदारों के लंबित भुगतान को निपटाने के लिए ‘ट्रेड रिसीवेबल्स डिस्काउंटिंग सिस्टम (टीआरईडीएस) प्लेटफॉर्म’ का उपयोग करने का भी निर्णय लिया गया जिससे लोक निर्माण विभाग से जुड़े सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों को राहत मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने सभी विभागों को इस प्लेटफॉर्म को अपनाने और मानक संचालन प्रक्रिया तैयार करने का निर्देश दिया है। ई-निविदा और ई-प्राप्ति पोर्टल को बाद में टी-आरईडीएस प्लेटफॉर्म से जोड़ा जाएगा ताकि बिल जमा करने, सत्यापन और छूट देने की प्रक्रिया एक ही स्थान पर हो सके।

मंत्रिमंडल ने भारत के शत्रु संपत्ति संरक्षक द्वारा प्रबंधित शत्रु संपत्तियों की बिक्री के लिए पहले पंजीकरण पर स्टांप शुल्क में छूट को मंजूरी दे दी है। महाराष्ट्र में ऐसी 428 संपत्तियां हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय ने बताया कि इस छूट से खरीददारों के लिए लागत कम होने और नीलामी के प्रति बेहतर प्रतिक्रिया मिलने की उम्मीद है।

सरकार ने एक अन्य निर्णय में धुले में जवाहर शेतकरी सहकारी कताई मिल के पुनरुद्धार को मंजूरी दे दी है। आधुनिकीकरण और पुनरुद्धार के लिए राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम के माध्यम से 156.90 करोड़ रुपये की राशि उपलब्ध कराई जाएगी। मौजूदा भूमि राजस्व कानूनों के तहत विभिन्न प्रयोजनों के लिए आवंटित सरकारी भूमि की पट्टा अवधि को 30 वर्ष से बढ़ाकर 49 वर्ष तक करने को भी मंजूरी दे दी।

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