लाइव न्यूज़ :

सरकार ने बैंक ऑफ इंडिया के कार्यकारी निदेशक पी आर राजगोपाल का कार्यकाल बढ़ाया

By भाषा | Updated: August 30, 2021 13:26 IST

Open in App

सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक ऑफ इंडिया ने सोमवार को कहा कि सरकार ने उसके कार्यकारी निदेशक पी आर राजगोपाल का कार्यकाल दो साल के लिए बढ़ा दिया है। बैंक ने शेयर बाजार को बताया कि केंद्र सरकार ने 26 अगस्त 2021 को जारी अधिसूचना के जरिए बैंक के कार्यकारी निदेशक पी आर राजगोपाल के कार्यालय को उनके वर्तमान अधिसूचित कार्यकाल से आगे दो साल के लिए या अगले आदेश तक, जो भी पहले हो, बढ़ा दिया है। उनका मौजूदा कार्यकाल 28 फरवरी 2022 को खत्म होना था। सरकार ने पिछले सप्ताह सार्वजनिक क्षेत्र के विभिन्न बैंकों के कार्यकारी निदेशकों का कार्यकाल बढ़ा दिया था। इसके अलावा पंजाब नेशनल बैंक और बैंक ऑफ महाराष्ट्र के प्रबंध निदेशक एवं सीईओ के कार्यकाल को भी बढ़ाया गया है।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

Open in App

संबंधित खबरें

कारोबारBank Strike Today: आज देशव्यापी बैंक हड़ताल, जानिए आपके शहर में कौन से बैंक खुलें, कौन से बंद? पूरी लिस्ट यहां

कारोबारBank Holiday: आज से लेकर अगले 5 दिनों तक बंद रहेंगे बैंक, जानिए RBI ने क्यों दी लंबी छुट्टी

कारोबारBank Holidays in September 2025: सितंबर में त्योहारों का सीजन, आधे महीने बंद रहेंगे बैंक; चेक करें डेट वाइज छुट्टियां

कारोबारआरबीआई मौद्रिक नीतिः आपने किस बैंक से लिया होम या कार लोन?, इन बैंकों ने घटाई ब्याज दर, देखें लिस्ट

कारोबारमहिलाओं को ज्यादा से ज्यादा रोजगार मुहैया कराएं बैंक, RBI गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा...

कारोबार अधिक खबरें

कारोबार12 ज्योतिर्लिंगों में से एक भीमाशंकर मंदिर पर खर्च होंगे 172.22 करोड़ रुपये, महाराष्ट्र सरकार ने 6 तीर्थ और विरासत स्थलों के लिए 993 करोड़ रुपये मंजूर

कारोबारGold Price Today: सोने का भाव आज का 18 मई 2026, जानें दिल्ली, मुंबई समेत बड़े शहरों में सोने की कीमत

कारोबार₹6 ट्रिलियन का नुकसान! सेंसेक्स में 833.20 अंक की गिरावट, क्रूड का भाव 111.2 डॉलर प्रति बैरल

कारोबारऊर्जा संकट और बढ़ते विदेशी मुद्रा संकटः मितव्ययिता की शुरुआत तो बहुत पहले ही हो जानी चाहिए थी!

कारोबारघरों की ‘होम मिनिस्टर’ पर बचत की जिम्मेदारी?, पीएम मोदी की ‘बचत और आत्मनिर्भरता’ की अपील?