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आतंकियों के मंसूबों को नाकाम करतीं जांच एजेंसियां

By लोकमत समाचार सम्पादकीय | Updated: December 11, 2023 08:04 IST

इन दिनों जबकि दुनियाभर में आतंकवादी घटनाएं बढ़ रही हैं, देश में जांच एजेंसी द्वारा महाराष्ट्र और कर्नाटक में दबिश देते हुए आईएस आतंकी मॉड्यूल पर शिकंजा कसने के महत्व को सहज ही समझा जा सकता है।

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ठळक मुद्देएनआईए द्वारा महाराष्ट्र-कर्नाटक में छापेमारी करके आतंकी मॉड्यूल पर शिकंजा कसा जा रहा हैएनआईए ने बीते शनिवार को महाराष्ट्र-कर्नाटक में छापेमारी करके आईएस के 15 संदिग्धों को दबोचाजांच एजेंसी ने पिछले महीने भी आईएस की बड़ी आतंकी योजनाओं का पर्दाफाश किया था

इन दिनों जबकि दुनियाभर में आतंकवादी घटनाएं बढ़ रही हैं, देश में जांच एजेंसी द्वारा महाराष्ट्र और कर्नाटक में दबिश देते हुए आईएस आतंकी मॉड्यूल पर शिकंजा कसने के महत्व को सहज ही समझा जा सकता है।

राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक एंड सीरिया (आईएसआईएस), जिसे इस्लामिक स्टेट(आईएस) भी कहा जाता है, के खिलाफ शनिवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए महाराष्ट्र और कर्नाटक के विभिन्न ठिकानों पर छापेमारी की और उसके एक मॉड्यूल के 15 सदस्यों को गिरफ्तार किया।

उल्लेखनीय है कि पिछले महीने ही आईएस की बड़ी आतंकी योजना का पर्दाफाश हुआ था और गिरफ्तार एक आतंकवादी के कबूलनामे से कई खुलासे हुए थे। पता चला कि भारत के कुछ महत्वपूर्ण सैन्य ठिकाने आईएस के निशाने पर थे और कई ठिकानों की बाकायदा रेकी की गई तस्वीरों को पाकिस्तान और सीरिया भेजा गया था। इससे कल्पना की जा सकती है कि आतंकवादी अगर अपने मकसद में कामयाब हो जाते तो कितनी बड़ी तबाही मचती।

जांच एजेंसी ने इस साल की शुरुआत में भी आईएस के महाराष्ट्र मॉड्यूल के खिलाफ मामला दर्ज किया था और उनका नेटवर्क नेस्तनाबूद करने के लिए ठोस कार्रवाई की है। आमतौर पर कोई आतंकवादी घटना होने के बाद काफी होहल्ला मचता है, खुफिया एजेंसियों की मुस्तैदी पर सवाल उठाए जाते हैं, लेकिन घटना होने के पहले ही जब खुफिया सूचनाओं के बल पर आतंकियों के इरादों को नाकाम कर दिया जाता है तो आमतौर पर इस ओर लोगों का ज्यादा ध्यान नहीं जाता लेकिन जांच एजेंसियों की इसी सक्रियता की बदौलत भविष्य में होने वाली बड़ी वारदातों पर रोक लग पाती है।

आईएसआईएस तो लंबे समय से भारत और आसपास के देशों को मिलाकर इस्लामिक स्टेट ऑफ खुरासान बनाने का सपना देखता रहा है और कई देशों में अपनी हिंसक वारदातों को अंजाम भी दे रहा है। पिछले कुछ वर्षों में इस आतंकी संगठन के कुछ सदस्यों को लखनऊ, केरल और कानपुर से भी गिरफ्तार किया गया है, जिससे इसके खतरनाक इरादों का पता चलता है लेकिन हमारे देश की जांच एजेंसियां उसके इरादों को नाकाम करती रही हैं।

जांच एजेंसियों की सतर्कता की ही बदौलत पिछले पांच वर्षों में 900 से ज्यादा संदिग्ध/आतंकी पकड़े जा चुके हैं, जिनमें वर्ष 2018 में 184, 2019 में 164, 2020 में 251, 2021 में 146 और 2022 में 172 पकड़े गए थे। इससे अनुमान लगाया जा सकता है कि जांच एजेंसियां कितनी मुस्तैदी से अपने काम में जुटी हुई हैं और देश को आतंकी खतरों से बचा रही हैं।

टॅग्स :एनआईएआईएसआईएसमहाराष्ट्रकर्नाटकसीबीआई
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