प्रमोद भार्गव वरिष्ठ पत्रकार व साहित्कार हैं। वे जनसत्ता से लेकर हंस तक कई पत्र-पत्रिकाओं में लेखन का काम कर चुके हैं। 'भाषा और भाषाई शिक्षा के बुनियादी सवाल' और 'मीडिया का बदलता स्वरूप' प्रमोद भार्गव की प्रमुख किताबों के लेखक हैं।Read More
केंद्र सरकार ने 8 अप्रैल को कुछ डेयरी उत्पादों के आयात की संभावना जताई थी। दरअसल यह संभावना इसलिए थी क्योंकि लंपी वायरस के चलते देश में 1 लाख 86 हजार पशुधन की मौत से दूध उत्पादन में स्थिरता बनी हुई है। ...
आजकल अनेक बच्चे स्मार्ट फोन के आदी हो गए हैं. कोरोना काल में ऑनलाइन शिक्षा के बहाने ये विद्यार्थियों की मुट्ठी में आ गए. फिर क्या था, जो खेल भारत की समृद्ध संस्कृति, शारीरिक स्वास्थ्य और जीवन के विकास की अभिप्रेरणा थे, वे देखते-देखते भ्रम, ठगी, लालच ...
ऋग्वैदिक काल से ही चंद्रमास और सौर वर्ष के आधार पर की गई कालगणना प्रचलन में आने लगी थी, जिसे जन सामान्य ने स्वीकार किया। कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष के आधार पर उज्जैन के राजा विक्रमादित्य ने विक्रम संवत की विधिवत शुरुआत की। ...
सहरिया आदिवासियों का होली और होलिका-दहन प्रमुख पर्व है. होलिका-दहन के स्थल पर सहरिया पुरुष ढोल और झांज बजाते हैं. स्त्रियां लोकगीत गाती हैं. होली के अगले दिन रंग-गुलाल से लोग परस्पर होली खेलते हैं. इस दिन महिलाएं गालियां भी गाती हैं. इनमें स्त्रियों ...
हृदय प्रत्यारोपण की कुल संख्या 2013 में 30 से बढ़कर 2022 में 250 हो गई है। वहीं फेफड़े के प्रत्यारोपण की संख्या 23 से बढ़कर 138 हो गई है। बावजूद इसके अंग प्रत्यारोपण की जरूरत की पूर्ति आसानी से अंगों के उत्पादन से ही संभव हो पाएगी। ...
जलवायु परिवर्तन के प्रभाव से बर्फ के पिघलने से बनने वाली झीलों की संख्या लगातार बढ़ रही है. ये नए संकट का इशारा है. भारत-पाकिस्तान समेत दुनिया के कई देश इस संकट से व्यापक तौर पर प्रभावित होंगे. ...
युवा वैज्ञानिकों को इस नाते उल्लेखनीय पहल करने की जरूरत है। लेकिन यदि इन लक्ष्यों की पूर्ति हेतु धन के अतिरिक्त प्रावधान की घोषणा कर दी जाती तो उत्साही नवोन्मेषी वैज्ञानिकों को प्रोत्साहन मिलता क्योंकि अनेक कल्पनाशील वैज्ञानिक धन की कमी के चलते अपने ...