लाइव न्यूज़ :

जलवायु दूत ने कहा, चीन और अमेरिका को ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन को कम करने के लिए साथ आना होगा

By भाषा | Updated: July 21, 2021 12:46 IST

Open in App

लंदन, 21 जुलाई (एपी) अमेरिकी जलवायु राजदूत जॉन कैरी ने चीन से ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन को तत्काल कम करने में अमेरिका का साथ देने का आह्वान किया है और द्वितीय विश्व युद्ध के बाद यूरोप का पुनर्निर्माण करने वाले अंतरराष्ट्रीय गठबंधनों को जलवायु परिवर्तन के खिलाफ लड़ने के लिए एक मॉडल के रूप में वर्णित किया।

कैरी ने बढ़ते तापमान को रोकने और दुनिया को गर्त में जाने से रोकने के लिए जरूरी कार्रवाइयों की गति बढ़ाने की वैश्विक नेताओं को चुनौती दी। उन्होंने यहां यूनेस्को के विश्व धरोहर स्थल क्यू गार्डर्न्स में दिए एक भाषण के दौरान कहा, “सहयोगियों, साझेदारों, प्रतिद्वंद्वियों और यहां तक कि शत्रुओं को भी” साथ मिलकर काम करना चाहिए। क्यू गार्डन्स में पौधों को ग्लोबल वार्मिंग से बचाने के लिए वैज्ञानिक काम कर रहे हैं।

उन्होंने कहा, “जलवायु संकट हमारे अपने समय की परीक्षा है, और भले ही चीजें धीमी गति से सामने आ रही हों लेकिन कुछ के लिए यह परीक्षा किसी भी पिछली परीक्षा की तरह ही तीव्र और अस्तित्व से जुड़ी हुई है।”

कैरी ने कहा, “समय निकलता जा रहा है।” उन्होंने अगले दशक को निर्णायक बताते हुए कहा कि अगर दुनिया भर के देश वैश्विक तापमान वृद्धि को पूर्व औद्योगिक स्तर से 1.5 डिग्री सेल्सियस से ज्यादा नहीं बढ़ने देने की अपनी प्रतिबद्धता को पूरा करना चाहते हैं तो उन्हें ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जनों को घटाने के प्रयास तेज करने होंगे।

ज्यादातर देशों ने कार्बन उत्सर्जन को 2050 तक समाप्त करने की प्रतिबद्धता जताई है, वहीं जलवायु परिवर्तन पर अंतरसरकारी समिति का कहना है कि तापमान पर लगाम लगाने के लिए इस दशक के अंत तक उत्सर्जन में कम से कम 40 प्रतिशत तक कटौती होनी चाहिए।

स्कॉटलैंड के ग्लासगो में इस साल के अंत में होने वाले संयुक्त राष्ट्र के अगले जलवायु शिखर सम्मेलन के आयोजक इस कार्यक्रम को “तेजी से होते जलवायु परिवर्तन को नियंत्रित करने का आखिरी सबसे अच्छा मौका बता रहे हैं।”

इस सम्मेलन को सीओपी26 के नाम से जाना जाता है जिसका प्राथमिक लक्ष्य देशों के लिए 2030 तक ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन को घटाने के “महत्वाकांक्षी” लक्ष्य निर्धारित करना है।

चीन और अमेरिका विश्व में ग्रीनहाउस गैस के सबसे बड़े उत्सर्जक हैं जिसका अर्थ यह है कि अगर वे उत्सर्जन कम करने का बीड़ा नहीं उठाएंगे तो जलवायु परिवर्तन को नियंत्रित करने के प्रयास विफल हो जाएंगे।

कैरी ने अमेरिका और चीन के बीच अकसर तनावपूर्ण रहने वाले संबंधों का संदर्भ दिया लेकिन कहा कि भविष्य दोनों के सहयोग पर निर्भर है।

उन्होंने कहा, ‘‘यह रहस्य नहीं है कि चीन और अमेरिका के बीच कई मतभेद हैं। लेकिन जलवायु पर सहयोग करना ही एकमात्र रास्ता है जिससे दुनिया को मौजूदा परस्पर आत्मघाती समझौते से बाहर निकाला जा सकता है।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

Open in App

संबंधित खबरें

क्रिकेटकेकेआर के लिए सुनील नरेन और वरुण चक्रवर्ती पंजाब किंग्स के खिलाफ मैच क्यों नहीं खेल रहे हैं? जानें कारण

विश्वखुफिया प्रमुख मेजर जनरल माजिद खादेमी की मौत, इजराइल-अमेरिका ने ईरान किया हमला, 25 मरे?, जवाब में ईरान ने पड़ोसी खाड़ी देशों पर मिसाइलें दागीं

भारतयूपी में सरकारी वकीलों की फीस 50% तक बढ़ाएगी सरकार, सरकारी खजाने पर बढ़ेगा 120 करोड़ रुपए का बोझ

भारत'मेरे पति 40 साल के हैं, मैं 19 की': मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में महिला ने अपने प्रेमी के साथ रहने का अधिकार जीता

ज़रा हटकेबिहार के बक्सर जिले से सामने आई है एक दिलचस्प प्रेम कहानी, दो महिलाओं ने कर ली आपस में शादी, एक पहले से थी विवाहित, दूसरी कुंवारी

विश्व अधिक खबरें

विश्वअफगानिस्तान में भारी बारिश, 77 लोगों की मौत, 137 लोग घायल और हजारों लोग विस्थापित, वीडियो

विश्वसमय तेजी से बीत रहा और 48 घंटे बाद उन पर कहर टूट पड़ेगा?, ट्रंप ने कहा- होर्मुज जलडमरूमध्य को नहीं खोले तो?

विश्व5 दिन और न्यायिक हिरासत में रहेंगे पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली और पूर्व गृह मंत्री रमेश लेखक

विश्वUS-Israel-Iran War: ट्रंप का दावा- "तेहरान हमले में ईरानी सैन्य नेता ढेर", IDF ने हिज्बुल्लाह और ईरान के 200 से ज्यादा ठिकानों को बनाया निशाना

विश्ववैज्ञानिकों ने हमारे सौरमंडल के बाहर 45 पृथ्वी जैसे ग्रहों को खोज निकाला