आतंकी या आतंकवादी, ये पूरी दुनिया के लिए परेशानी की वजह हैं। ये वो लोग हैं जो दुनियाभर में दशहत का माहौल फैलाना चाहते हैं। वे इसके लिए वे हथियार, गोला-बारूद, बंदूक का इस्माल करते हैं। आमतौर पर इनका संगठन होता है, जैसे मौजूदा दौर का सबसे बड़ा आतंकी संगठन आईएसआईएस यानी इस्लामिक स्टेट है। इसके अलावा तालिबान, लश्कर ए तैयबा, हिजबुल मुजाहिद्दीन आदि प्रमुख आतंकी संगठन है। जबकि अब तक के सबसे बड़े आतंकी के तौर पर ओसमा बिन लादेन को जाना जाता है। Read More
कश्मीर में मानव बमों के बारे में तो अब हर दिन नई चेतावनी दी जाने लगी है। इससे अक्सर दहशत का माहौल बनता रहता है जबकि यह एक सच्चाई है कि जम्मू कश्मीर में सुरक्षाबल अब तक कितने मानव बमों के हमलों को सहन कर चुके हैं अब किसी को याद नहीं है। ...
डार 1990 में आतंकवादी संगठन तहरीक-उल-मुजाहिदीन का प्रमुख रह चुका था। पुलिस के एक प्रवक्ता ने बताया कि दोपहर में मैसूमा में मस्जिद के भीतर एक व्यक्ति की हत्या की सूचना मिली है। ...
पुलवामा हमले की बरसीः कश्मीर में आतंकियों के पुलवामा जैसे हमले की साजिश का बड़ा खुलासा हुआ है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक जम्मू कश्मीर में आतंकी सुरक्षाबलों पर आईईडी के जरिए हमले की साजिश में लगे हैं। ...
जम्मू-कश्मीरः हिजबुल मुजाहिदीन आतंकी संगठन के लिए काम कर रहे गिरफ्तार युवकों की पहचान आदिल अहमद डार, आकिब फैयाज मकरूऔर एजाज अहमद सोफी के तौर पर हुई है। ...
यह सजा ऐसे समय में दी गयी है जब फ्रांस की राजधानी पेरिस में चार दिन बाद फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स की बैठक होने वाली है जहां पाकिस्तान को काली सूची में शामिल होने से बचने के लिए अपना पक्ष रखना है। ...
प्रमुख रक्षा अध्यक्ष जनरल बिपिन रावत ने इस आलोचना को भी खारिज किया कि सशस्त्र बल जम्मू-कश्मीर में लोगों के अधिकारों का दमन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जमीनी हकीकत और आतंकवाद के खतरों पर विचार करते हुए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। ...
वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं पूर्व मंत्री जी. एम. सरूरी ने हिज्बुल मुजाहिदीन के सबसे लंबे समय तक जीवित आतंकवादी रहे और किश्तवाड़ में आतंकवाद को फिर से खड़ा करने के पीछे सरगना रहे मोहम्मद अमीन भट उर्फ ‘जहांगीर सरूरी’ के साथ किसी तरह का संबंध होने से सख्ती ...
मकबूल बट का परिवार आज पुरुषविहीन है। यह वही मकबूल बट है जिसने कश्मीर में कथित ‘आजादी’ के संघर्ष की शुरुआत करते हुए बर्घिंग्म में भारतीय राजनयिक रविन्द्र महात्रे की हत्या की थी और उसे 11 फरवरी 1984 को फांसी पर लटका दिया गया था। ...