नवरात्रि यानी 'नौ-रात'। हिन्दू धर्म में ये त्योहार वर्ष में चार बार आता है-चैत्र, आषाढ़, आश्विन और माघ। चैत्र में चैत्र नवरात्रि और अश्विन में इस पर्व को शारदीय नवरात्रि के नाम से जाना जाता है। इन दो नवरात्रि से ठीक पहले गुप्त नवरात्रि आते हैं, जिन्हें गुप्त एवं तांत्रिक साधनाओं के लिए जाना जाता है। लेकिन हिन्दू परिवारों में चैत्र और शारदीय नवरात्रि का महत्व है और इसे ही विशेष रूप से मनाया जाता है। Read More
शारदीय नवरात्रि का पावन पर्व चल रहा है। इस पर्व में मां शक्ति के नौ रूपों की पूजा की जाती है। नवरात्रि के चतुर्थी तिथि के दिन मां कूष्मांडा की पूजा का विधान है। हालांकि इस साल तृतीया और चतुर्थी तिथि एक ही दिन पड़ रही हैं। ऐसे में मां चंद्रघंटा और मां ...
आज मनुष्य विचलित हो रहा है, हिंसा की प्रवृत्तियां प्रबल हो रही हैं, परस्पर अविश्वास पनप रहा है और चित्त अशांत हो रहा है। स्थानीय, राष्ट्रीय और वैश्विक स्तरों पर जीवन मूल्यों का क्षरण भी परिलक्षित हो रहा है। ऐसे कठिन समय में जगदंबा का स्मरण, वंदन और अ ...
नवरात्रि के तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की पूजा का विधान है। मां दुर्गा ने यह रूप असुरों के संहार के लिए धारण किया था। मां चंद्रघंटा ने ही महिषासुर का वध कर देवताओं को उसके आतंक से मुक्त करवाया। ...
शारदीय नवरात्रि के दौरान वास्तु के कुछ विशेष उपाय करने से भी आप लाभ प्राप्त कर सकते हैं। ये उपाय आपके घर की नकारात्मक ऊर्जा को समाप्त करने में कारगर साबित होंगे। नवरात्रि से जुड़े वास्तु के ये उपाय इस प्रकार हैं - ...
नवरात्रि के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की आराधना की जाती है। ब्रह्मचारिणी मां दुर्गा माता का दूसरा रूप हैं। मां ब्रह्माचारिणी अपने भक्तों की सभी मनाकोमनाओं को पूर्ण कर उनके जीवन में आने वाली परेशानियों को दूर करती हैं। ...
शारदीय नवरात्रि पर्व शुरू हो गया है। यह हिन्दू धर्म का महत्वपूर्ण पर्व है। इस दौरान आप ज्योतिष शास्त्र में बताए गए राशि के अनुसार कुछ विशेष उपाय करने से मां दुर्गा का आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं। ...