गर्मी के मौसम में जब अधिक गर्म और शुष्क हवाएं चलती है, इसे लू कहा जाता है। इस दौरान हवा की गर्मी के कारण तापमान 45 डिग्री सेल्सियस या तक पहुंच जाता है और इसे ही लू या हीट स्ट्रोक कहते हैं। लू की स्थिति उस वक्त पैदा होती है, जब अधिकतम तापमान 40 डिग्री के ऊपर पहुंच जाता है। यह सामान्य तापमान से 4.5 से 6.4 डिग्री सेल्सियस अधिक होता है। मैदानी इलाकों में अधिकतम तापमान 45 डिग्री तक पहुंच जाता है तो लू के हालात पैदा हो जाते हैं। लू या हीट स्ट्रोक लगने के बाद व्यक्ति को तेज बुखार हो जाता है और उसके शरीर का तापमान 104 डिग्री फारेनहाइट या इससे अधिक चला जाता है, जिस कारण कई लोगों की जान तक चली जाती है। Read More
आईएमडी के वैज्ञानिक नरेश कुमार ने बताया कि आंध्र प्रदेश, बिहार, झारखंड, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और पश्चिम बंगाल में अगले पांच दिनों तक भयंकर लू चल सकती है। ऐसे में ज्यादा लू के लिए यहां पर अलर्ट घोषित किया गया है। ...
देश के कई राज्यों में हीटवेव को देखते हुए नेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी ने गाइडलाइंस जारी किया है। इसके तहत लोगों को घर से निकलने पर एहतियात बरतने को कहा गया है। ...
गर्मी पर बोलते हुए शोधकर्ताओं ने यह अनुमान लगाया है कि अगर जलवायु परिवर्तन को रोकने के लिए कुछ नहीं किया गया तो 2050 तक 40,000 से अधिक आत्महत्याएं हो सकती हैं। ...
अध्ययन के मुताबिक 2.7 डिग्री सेल्सियस तापमान बढ़ने पर, बुर्किना फासो और माली सहित कुछ देशों में रहना मनुष्यों के लिए खतरनाक होगा। ऑस्ट्रेलिया और भारत भी गर्म क्षेत्र (लगभग 40 प्रतिशत) में भारी वृद्धि का सामना करेंगे। ब ...
Delhi Weather: आईएमडी ने कहा कि राजस्थान, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, झारखंड और पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में लू की स्थिति कम होने की संभावना है। ...
जानकारों का कहना है कि धूल भरी आंधी हेल्थ पर बुरा असर डालते है और इससे कई समस्याएं भी होती है। उनके अनुसार, इस कारण आप में हार्ट डिजीज, स्ट्रोक, ब्लड प्रेशर और हृदय रोग के भी बढ़ने की उम्मीद ज्यादा बढ़ जाती है। ...