भारत निर्वाचन आयोग (Election Commission of India) एक स्वायत्त एवं अर्ध-न्यायिक संस्थान है। जिसका गठन भारत में स्वतंत्र एवं निष्पक्ष रूप से विभिन्न से भारत के प्रातिनिधिक संस्थानों में प्रतिनिधि चुनने के लिए गया है। भारतीय चुनाव आयोग की स्थापना 25 जनवरी 1950 में की गई थी। इसके तल्कालीन मुख्य निर्वाचन आयुक्त ओम प्रकाश रावत हैं। आयोग में वर्तमान में एक मुख्य चुनाव आयुक्त और दो चुनाव आयुक्त होते हैं। Read More
Delhi Najafgarh Assembly (Vidhan Sabha) Result Live Update: पश्चिमी दिल्ली लोकसभा सीट के अंतर्गत आने वाली इस सीट पर आम आदमी पार्टी और बीजेपी के बीच कड़े मुकबले की उम्मीद जताई जा रही थी। आप नेता कैलाश गहलोत और बीजेपी की ओर से चुनाव लड़ रहे अजीत सिंह ...
चुनाव में भारी जीत को तैयार आम आदमी पार्टी ने इस पल को बेहद इमोशनल बताया। उन्होंने अपने ऑफिश्यली ट्विटर उकाउंट पर बॉलीवुड स्टार शाहरुख खान की 2007 में आई फिल्म 'चक दे इंडिया' का एक वीडियो शेयर किया। ...
आप की जीत से जहां पार्टी कार्यालय में आप के सैकड़ों कार्यकर्ता जीत का जश्न मना रहे थे तो वहीं एक्सिस माई इंडिया के एग्जिट पोल के लिए सर्वे करने वाले प्रदीप गुप्ता ने भी जमकर ठुमके लगाए। ...
मंगलवार को आरएसएस के विचारक दीन दयाल उपाध्याय की प्रतिमा के अनावरण के मौके पर जब पत्रकारों ने उनसे दिल्ली विधानसभा चुनाव के नतीजों को लेकर प्रश्न पूछे तो उन्होंने कहा कि जनता मालिक है। ...
केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने मंगलवार को दिल्ली के अपने समकक्ष अरविंद केजरीवाल को विधानसभा चुनाव में ‘शानदार जीत’ को लेकर बधाई दी और कहा कि यह विजय देश में समावेशी राजनीति की अग्रदूत होगी। उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘ दिल्ली चुनाव में शानदार जीत के ...
Delhi Seemapuri Assembly (Vidhan Sabha) Election Result Hindi Update: केजरीवाल सरकार के मंत्री राजेंद्र पाल गौतम के सामने कांटे की टक्कर है। 2015 में राजेंद्र पाल गौतम ने भाजपा के कर्मवार को 48,821 वोट से हराया था। कांग्रेस प्रत्याशी को तीसरे स्थान स ...
दिल्ली मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) रणबीर सिंह ने बताया कि मतगणना सुबह आठ बजे आरंभ हो गई, जो कई दौर में की जाएगी। ‘एक्जिट पोल’ में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (आप) की जीत का अनुमान व्यक्त किए जाने और चुनाव आयोग द्वारा मतदान प्रतिशत की घोषणा में देरी हो ...
चुनाव कराने के लिए आवश्यक व्यवस्था करने पर खर्च भी खूब बैठता है जो अंततोगत्वा जनता पर ही भारी पड़ता है. सरकारी अमले के लिए भी उनके अपने मूल दायित्व के साथ यह अतिरिक्त काम का बोझ होता है जिसके कारण चुनाव के दौरान अन्य दायित्वों की उपेक्षा होना स्वाभाव ...