आर्टिकल 370 के प्रावधान के तहत जम्मू कश्मीर को विशेषाधिकार दिए जाते हैं। इसके अनुसार भारतीय संसद द्वारा पारित कोई भी प्रस्ताव, नियम या नीति में बदलाव जम्मू कश्मीर पर लागू नहीं होता। जम्मू कश्मीर राज्य का अपना संविधान और झंडा है। देश में घोषित आपातकाल या आर्थिक आपातकाल कश्मीर में लागू नहीं होता। भारत की संसद जम्मू कश्मीर की विधानसभा भंग नहीं कर सकती। अनुसूचित जाति और अनिसूचित जनजाति सम्बंधी नियम जम्मू कश्मीर में लागू नहीं होते। Read More
पाकिस्तानी अखबार डॉन ने लिखा, "विपक्ष के जोरदार विरोध के बीच भारत ने कश्मीर के विशेष दर्जा खत्म करने के लिए पेश किया संकल्प।" पाकिस्तानी अखबार 'द न्यूज' ने एक आर्टिकल में लिखा, अब पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय कोर्ट में जाने पर विचार कर सकता है। अखबार लिखत ...
अयोध्या के रामजन्म भूमि-बाबरी मस्जिद भूमि विवाद का सर्वमान्य समाधान मध्यस्थता के माध्यम से खोजने में सफलता नहीं मिलने के तथ्य का संज्ञान लेते हुए सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार (02 अगस्त) को कहा कि अब इस मामले में छह अगस्त से रोजाना सुनवाई होगी। ...
गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को राज्य सभा में जम्मू कश्मीर से जुड़े दो विधेयक औऱ दो संकल्प पेश किए। गृह मंत्री द्वारा पेश किये गए संकल्प के अनुसार जम्मू कश्मीर को मिला विशेष राज्य का दर्जा खत्म हो जाएगा। ...
राज्यसभा में गृह मंत्री अमित शाह ने जम्मू-कश्मीर से जुड़े विधेयकों को पेश किया। इसके बाद से ही सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई है। वरिष्ठ इतिहासकार रामचंद्र गुहा अपने ट्वीट के चलते सोशल मीडिया पर ट्रोल हो गए। ...
भूपेंद्र यादव ने कहा यह ऐसा मौका है जब पार्टियों को आपसी राजनीति भूलकर एक साथ खड़ा होना चाहिए। भूपेंद्र यादव ने चर्चा के दौरान अपने भाषण में महाभारत के एक प्रकरण की याद दिलाते हुए यह बात कही। ...
वहीं, जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाने के संकल्प और इसे लद्दाख से अलग कर केंद्र शासित प्रदेश बनाने के विधेयक पर बसपा सहित बीजेडी और एआईएडीएमके ने केंद्र सरकार को समर्थन देने का फैसला किया है। ...
कश्मीर में पर्यटन सबसे बड़ा रोजगार जनरेटर है। इस घटना के मद्देनजर कश्मीर पर्यटन को बड़ा झटका लगा है। सूत्रों के अनुसार, दीवाली की छुट्टियों के दौरान यात्रा की योजना बनाने वाले 30 प्रतिशत पर्यटक पहले ही बुकिंग पर रोक लगा चुके हैं। ...