लाइव न्यूज़ :

आपत्तिजनक सामग्री हटाने के भारत सरकार के आदेश को ट्विटर ने दी कानूनी चुनौती, बताया अभिव्यक्ति की आजादी का उल्लंघन

By रुस्तम राणा | Updated: July 5, 2022 17:54 IST

आपत्तिजनक कंटेंट हटाने के आदेश की न्यायिक समीक्षा की ये कोशिश इस अमेरिकी कंपनी और भारत सरकार के बीच टकराव में एक और कड़ी साबित होगी।

Open in App
ठळक मुद्देकानूनी चुनौती में ट्विटर सरकार के इन आदेशों को पलटने की मांग कर रहा हैआपत्तिजनक कंटेंट हटाने के आदेश की न्यायिक समीक्षा चाहता है ट्विटर

नई दिल्ली: ट्विटर ने भारत सरकार के खिलाफ कानूनी मोर्चा खोल दिया है। सोशल मीडिया कंपनी ने अपने प्लेटफॉर्म से आपत्तिजनक सामग्री को हटाने के लिए भारत सरकार के कुछ आदेशों को अदालत में चुनौती दी है।

ट्विटर सरकार के इन आदेशों को पलटने की मांग कर रहा है। आपत्तिजनक कंटेंट हटाने के आदेश की न्यायिक समीक्षा की ये कोशिश इस अमेरिकी कंपनी और भारत सरकार के बीच टकराव में एक और कड़ी साबित होगी।

ट्विटर को पिछले एक साल में भारतीय अधिकारियों द्वारा एक स्वतंत्र सिख राज्य के समर्थन वाले खातों सहित सामग्री पर कार्रवाई करने के लिए कहा गया था। इन कथित ट्वीट्स और खातों के जरिए किसानों आंदोलन को लेकर झूठ और गलत सूचना फैलाई जा रही थी। इसके अलावा ऐसी भी पोस्ट्स थी जिनमें सरकार द्वारा कोविड-19 महामारी से निपटने के लिए सरकार की आलोचना की जा रही थीं। 

भारत के आईटी मंत्रालय ने मंगलवार को ट्विटर के कानूनी कदम के बारे में टिप्पणी के अनुरोध का तुरंत जवाब नहीं दिया। भारत सरकार ने पहले कहा है कि ट्विटर सहित बड़ी सोशल मीडिया फर्मों ने कानूनी स्थिति के बावजूद हटाने के अनुरोधों का अनुपालन नहीं किया है।

पिछले महीने के अंत में, ट्विटर को भारत के आईटी मंत्रालय द्वारा उनके आदेशों का पालन न करने पर आपराधिक कार्यवाही की चेतावनी दी गई थी। हालांकि ट्विटर ने इस सप्ताह सरकार के आदेश का अनुपालन किया। ट्विटर ने न्यायिक समीक्षा के अपने अनुरोध में तर्क दिया कि कुछ निष्कासन आदेश भारत के आईटी अधिनियम के खिलाफ हैं। आईटी अधिनियम सरकार को अन्य कारणों से राष्ट्रीय सुरक्षा के हित में सामग्री तक सार्वजनिक पहुंच को अवरुद्ध करने की अनुमति देता है।

बता दें कि भारत में करीब 2.4 करोड़ यूजर्स वाले ट्विटर ने ये भी दलील दी है कि कुछ ऑर्डर्स में कंटेंट के लेखक को नोटिस तक नहीं दिया गया। इसमें ये भी कहा गया है कि कुछ पोस्ट राजनीतिक दलों के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से पोस्ट किए गए हैं। इनको ब्लॉक करना एक तरह से अभिव्यक्ति की आजादी का उल्लंघन है।

टॅग्स :ट्विटरInformation Technologyभारत सरकार
Open in App

संबंधित खबरें

भारतNEET exam cancelled 2026: नीट परीक्षा में अत्यंत शर्मनाक बर्ताव!

कारोबार15 वर्ष और अधिक आयु के लोगों के लिए बेरोजगारी दर बढ़कर अप्रैल में 5.2 प्रतिशत?, 6 महीने के उच्च स्तर पर आंकड़े

भारतशिक्षा और परीक्षा: साख बहाल करने का सवाल

कारोबारउपलब्धि के दावों के बीच क्या सचमुच हो रहा खादी का विस्तार?, कुल कारोबार 1.70 लाख करोड़ रुपए के पार

कारोबारसीएसआर पर सालाना खर्च 15,000 करोड़ रुपये को पार?, विशेषज्ञ बोले-स्थानीय भागीदारी को और मजबूत करने की जरूरत

टेकमेनिया अधिक खबरें

टेकमेनियाएआई: तकनीकी प्रगति या पर्यावरणीय संकट? 

टेकमेनियाPoco M8 5G Launched in India: 50MP कैमरा, 5520mAh बैटरी और 15,999 की लॉन्च कीमत

टेकमेनियाThe Realme 16 Pro 5G Price: 7000mAh की दमदार बैटरी के साथ इंडिया में लॉन्च हुआ Realme 16 Pro 5G, जानें कीमत, फीचर्स और भी बहुत कुछ

टेकमेनियाGoogle Doodle Today: नए साल के पहले दिन पर गूगल ने बनाया खास डूडल, जानिए क्यों है ये खास

टेकमेनियाYouTube down: यूट्यूब हुआ डाउन, भारत और यूएस में हजारों यूजर्स ने वीडियो स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म के साथ समस्याओं की शिकायत की