फाल्टाः तृणमूल उम्मीदवार जहांगीर खान ने मंगलवार को घोषणा की कि वे अपना नामांकन वापस ले रहे हैं और फाल्टा उपचुनाव नहीं लड़ेंगे। यह घोषणा पुन: मतदान से दो दिन पहले हुई है। उपचुनाव के वोटों की गिनती 24 मई को होगी। भाजपा ने बंगाल में 207 सीटों के भारी बहुमत से जीत हासिल की और सुवेंदु अधिकारी को मुख्यमंत्री बनाकर राज्य में अपनी पहली सरकार बनाई। उन्होंने कहा कि मेरा उद्देश्य फाल्टा में शांति और सुरक्षा सुनिश्चित करना और इसका अधिकतम विकास करना है। मेरा सपना था 'सोनार फाल्टा'। हमारे मुख्यमंत्री फाल्टा के लोगों के लिए विशेष पैकेज उपलब्ध करा रहे हैं।
बंगाल के सीएम अधिकारी ने तृणमूल कांग्रेस के जहांगीर खान के, फाल्टा में फिर से होने जा रहा चुनाव नहीं लड़ने के फैसले पर कहा कि उन्हें कोई पोलिंग एजेंट नहीं मिल पाया जिसके कारण वह चुनाव लड़ने से पीछे हट गए। टीएमसी प्रवक्ता अरुप चक्रवर्ती ने कहा कि पता चला है कि जहांगीर खान फाल्टा में होने जा रहा पुन:चुनाव नहीं लड़ रहे हैं, नाम वापस लेने का कारण पता नहीं है।
पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के फाल्टा विधानसभा क्षेत्र पर 21 मई को पुनर्मतदान होने वाला है। सहायक बूथों सहित सभी 285 मतदान केंद्रों पर इस महीने की 21 तारीख को नए सिरे से मतदान होगा। वोटों की गिनती 24 मई को होगी।
आयोग ने बताया कि यह निर्णय 29 अप्रैल को हुए मतदान के दौरान गंभीर चुनावी अपराधों और लोकतांत्रिक प्रक्रिया के बड़े पैमाने पर उल्लंघन की रिपोर्टों के बाद लिया गया है। पर्यवेक्षकों की रिपोर्टों में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों से छेड़छाड़, मतदाताओं को डराना-धमकाना और मतदान नियमों का उल्लंघन जैसी गंभीर अनियमितताओं को उजागर किया गया है।
इसी कारण मैं अपनी उम्मीदवारी वापस ले रहा हूं। मैंने फाल्टा के विकास और शांति के हित में अपनी उम्मीदवारी वापस ली है। कई बूथों पर मतपत्रों के बटनों को जानबूझकर काले टेप से ढक दिया गया था, जिससे सही ढंग से मतदान नहीं हो सका। अनाधिकृत व्यक्तियों को भी मतदान केंद्रों में प्रवेश करते और दूसरों की ओर से वोट डालते हुए पाया गया।
फाल्टा उपचुनाव पर मंत्री दिलीप घोष ने कहा कि फाल्टा में अब टीएमसी का कोई अस्तित्व नहीं है। उनके समर्थक गुंडे और पुलिस बल अब वहां नहीं हैं। पहले धमकियों और डरा-धमकाकर वोट लिए जाते थे। अब इसकी कोई जरूरत नहीं है, और जब हार निश्चित है, तो कोई वहां क्यों जाएगा?