पटनाः पूर्व सांसद और बाहुबली नेता आनंद मोहन ने अपनी ही पार्टी जनता दल यूनाइटेड(जदयू) के शीर्ष नेतृत्व के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. आनंद मोहन के बयान ने बिहार की सियासत में एक बार फिर से हलचल मचा दी है. जदयू से उनके बेटे चेतन आनंद के विधायक और पत्नी लवली आनंद के सांसद होने के बावजूद आनंद मोहन ने पार्टी और सरकार पर तीखा हमला बोला है. बता दें कि 17 मई को सीतामढ़ी में महाराणा प्रताप की प्रतिमा अनावरण के दौरान आनंद मोहन ने भाजपा और जदयू पर जमकर हमला बोला था. यह कहा था कि नीतीश कुमार को जिंदा दफना दिया गया है.
अब जदयू थैली की पार्टी बनकर रह गई है. इसके बाद मंगलवार को फिर उनका एक बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. एक कार्यक्रम में उन्होंने स्वास्थ्य मंत्रालय के बंटवारे से लेकर मंत्री पद और टिकट वितरण तक पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं. आनंद मोहन ने बिना नाम लिए निशांत कुमार पर तंज कसते हुए कहा कि स्वास्थ्य मंत्रालय ऐसे लोगों को दिया गया है, जिन्हें खुद डॉक्टर की जरूरत है.
आनंद मोहन ने कहा कि लोगों के बीच इस बात की चर्चा हो रही है कि निशांत कुमार को स्वास्थ्य मंत्रालय इसलिए दिया गया कि बाप- बेटे को डॉक्टर की जरूरत है. वायरल वीडियो में आनंद मोहन यह कहते नजर आ रहे हैं कि धड़ल्ले से टिकटे बेची गई। सिर्फ टिकट ही नहीं बिकी करोड़ों रुपये में मंत्री पद भी बिके।
टिकट और मंत्री पद किसने बेचा यह हमसे बेहतर सरफुद्दीन साहब जानते हैं। लोगों ने अपने बेटे-बेटियों को सेट कर दिया। परिवारवाद पर हल्ला मचाने वाले के भाई को डुमरांव से टिकट दिया गया। दादा की वेदना को कोई सुनने वाला आज नहीं है, लेकिन दादा का दर्द तुम्हारे षडयंत्र को ले डूबेगा. ये साजिश करने वाले ’चांडाल चौकड़ी’ ने आज जनता दल पर प्रश्न चिन्ह खड़ा कर दिया.
जदयू के साथियों को मैं कहने आया हूं कि यह नीतीश कुमार का सफाया नहीं है, पिछड़ों के राज का सफाया है. आनंद मोहन का कुछ भी नहीं जाता, यह मैं आपको ललकारने नहीं आया हूं बल्कि आपको सच बताने आया हूं. आनंद मोहन ने दावा किया कि सत्ता में बैठे लोग सिद्धांत नहीं, बल्कि सौदेबाजी की राजनीति कर रहे हैं.
इस बीच जदयू ने आनंद मोहन के बयान पर तीखा पलटवार किया है. पार्टी के मुख्य प्रवक्ता एवं विधान पार्षद नीरज कुमार ने कहा कि नीतीश कुमार ने कई लोगों को राजनीतिक रूप से अस्वस्थ कर दिया है और कई लोगों को स्वस्थ भी किया है. ऐसे में कोई भी व्यक्ति बिना साक्ष्य के नीतीश कुमार और उनके बेटे निशांत कुमार के व्यक्तिगत चरित्र पर हमला नहीं कर सकता.
नीरज कुमार ने कहा कि नीतीश कुमार केवल बिहार के नेता नहीं बल्कि “क्लाइमेट लीडर” और “ग्लोबल थिंकर” हैं. उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार और उनके बेटे निशांत दोनों ही उच्च शिक्षित हैं. निशांत योग्य हैं, इसलिए स्वास्थ्य मंत्री बनाए गए हैं. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि “स्वास्थ्य विभाग मुरेठा बांधकर नहीं चलेगा बल्कि शालीनता और सादगी से चलता है।”
नीरज कुमार ने कहा कि पार्टी में किसी को सांसद, विधायक, विधान पार्षद या बोर्ड-निगम का पद पाने के लिए एक रुपया तक नहीं देना पड़ा है. उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि अगर किसी के पास ऐसा कोई प्रमाण है तो वह सार्वजनिक करे. नीरज कुमार ने यह भी कहा कि खुद आनंद मोहन कह चुके हैं कि वे जदयू में नहीं हैं,
इसलिए उन्हें पार्टी नेता नीतीश कुमार पर टिप्पणी करने का कोई अधिकार या औचित्य नहीं है. उन्होंने कहा कि आनंद मोहन की पत्नी लवली आनंद और बेटे चेतन आनंद इस तरह के बयान नहीं दे रहे हैं, ऐसे में आनंद मोहन खुद “तीन में हैं या तेरह में”, यह उन्हें स्पष्ट करना चाहिए। नीरज कुमार ने कहा कि जदयू ने ही शिवहर की सीट भाजपा से लेकर लवली आनंद को दी थी,
वहीं नवीनगर सीट पर वीरेंद्र कुमार की जगह चेतन आनंद को मौका दिया गया. इसके बावजूद इस तरह की बयानबाजी करना ईमानदारी नहीं कहलाएगी. उल्लेखनीय है कि राजनीतिक हलकों में यह भी चर्चा है कि आनंद मोहन अपने बेटे चेतन आनंद को मंत्री नहीं बनाए जाने से नाराज चल रहे हैं. माना जा रहा है कि इसी नाराजगी के बाद से वे लगातार जदयू और नीतीश कुमार पर हमलावर हैं.