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कलियुग कितना बाकी है, इसके खत्म होने पर क्या होगा और किस तिथि को होगा कल्कि अवतार!

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: January 18, 2020 12:53 IST

गणना के अनुसार कलियुग की कुल अवधि 4,32,000 वर्ष बताई गई है। ऐसा कहा गया है कि कलियुग के आखिर तक मनुष्य की लंबाई 4 इंच तक रह जाएगी और उसकी उम्र भी घट कर 12 साल की हो जाएगी।

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ठळक मुद्देहिंदू मान्यताओं में चार युगों के बारे में बताया गया है, कलियुग सबसे आखिरीकलियुग की पूरी अवधि 4,32,000 वर्ष बताई गई है, आखिर में होगा भगवान कल्कि का अवतार

हिंदू धर्म से जुड़े शास्त्रों में चार युगों के बारे में बताया गया है। इसमें अभी कलियुग चल रहा है। इससे पहले द्वापरयुग, त्रेतायुग और सतयुग समाप्त हो चुके हैं। हिंदू धर्म में 'युग' का मतलब कई वर्षों की एक निर्धारित अवधि है। मान्यता है कि कलियुग में पाप पृथ्वी पर अपने चरम पर होगा और लोग धर्म के रास्ते से भटक जाएंगे।

ये भी कहा गया है कि कलियुग में जब पाप का भी बोलबाला हो जाएगा तो इसके अंत के लिए भगवान विष्णु अपने 10वें अवतार कल्कि के रूप में एक बार भी पृथ्वी पर आएंगे और सभी पापियों का संहार करेंगे। कलियुग खत्म होने के आखिरी दिनों में बहुत मोटी धारा से लगातार वर्षा होगी और पूरी पृथ्वी जलमग्न हो जाएगी।

यह प्रलय का समय होगा और सभी प्राणियों का अंत हो जाएगा। इसके बाद 12 सूर्य एक साथ उदय होंगे जिसकी वजह से पृथ्वी का पानी फिर तेजी से सूखता चला जाएगा और नये जीवन की पृष्ठभूमि तैयार होगी।

कलियुग अभी कितना बाकी है और कैसे हुई इसकी गणना

गणना के अनुसार कलियुग की कुल अवधि 4,32,000 वर्ष बताई गई है और इस काल में मनुष्य की औसत लंबाई 5.5 फीट है। इसके अनुसार सतयुग में मनुष्य की लंबाई 32 फिट थी जो त्रेता में घटकर 21 फिट और द्वापर में 11 फीट रह गई। मान्यताओं के अनुसार कलियुग के आखिर में मनुष्य की लंबाई 4 इंच तक रह जाएगी और उसकी उम्र भी घट कर 12 साल की हो जाएगी जो अभी करीब 100 वर्ष है।

पुराणों के अनुसार इंसान का एक साल देवताओं के एक अहोरात्र (दिन-रात) के बराबर है। देवताओं के दिन को उत्तरायण और रात को दक्षिणायन को रात कहा गया है। ऐसे ही एक सूर्य संक्रांति से दूसरी संक्रांति की अवधि को सौर मास कहते हैं। 

यह मास आम तौर पर 30 या 31 दिन का होता है। ऐसे में 12 सौर मास का 1 सौर वर्ष ही देवताओं का एक अहोरात्र होता है। 30 अहोरात्र, देवताओं के एक माह और 12 मास एक दिव्य वर्ष कहलाते हैं। इन्ही दिव्य वर्षों के आधार पर सभी युगों की अवधि भी निर्धारित है। इस पूरी गणना को देखें तो अभी कलियुग को शुरू हुए कुछ हजार साल ही हुए हैं। ऐसे में इसके अंत में अभी काफी समय बाकी है। 

कलियुग में भगवान कल्कि के अवतार की तिथि

मान्यता है कि पृथ्वी पर जब पाप और आतंक चरम पर होगा तब भगवान विष्णु का कल्कि अवतार होगा। भगवान विष्णु यह अवतार संभल नाम की जगह पर विष्णुयशा नामक व्यक्ति के घर होगा।

ऐसी मान्यता है कि कल्कि तब अपने देवदत्त घोड़े पर सवार होकर सभी पापियों का नाश करेंगे। भगवान विष्णु के दसवें अवतार की जो तिथि बताई गई है, उसके अनुसार वे सावन मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को इस धरती पर जन्म लेंगे। 

टॅग्स :भगवान विष्णु
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