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सांसद दिलेश्वर कामत होंगे जदयू संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष, आरसीपी सिंह बोले- मंत्रिमंडल विस्तार अब 50-50 फ़ॉर्मूले पर नहीं

By एस पी सिन्हा | Updated: January 11, 2021 19:00 IST

बिहार में सत्तारूढ़ जनता दल यूनाइटेड में लगातार बदलाव जारी है. पार्टी के शीर्ष राष्ट्रीय अध्यक्ष से ले कर कई स्तरों पर बदलाव हो रहा है.

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ठळक मुद्दे नीतीश कुमार ने बिना घोषणा किये पहले केबिनेट में पांच वर्ष में 20 लाख रोज़गार सृजन का निर्णय लिया है. नीतीश कुमार आज NDA के नेता हैं,चारों दलों साथ लेकर चलेंगे.उमेश कुशवाहा को प्रदेश जदयू का अध्यक्ष बनाए जाने पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और राष्ट्रीय अध्यक्ष आरसीपी सिंह को बधाई दी.

पटनाः बिहार में सत्तारूढ़ दल जदयू में लगातार एक के बाद एक बदलाव हो रहे हैं. इसी कड़ी में आज सुपौल से जदयू सांसद दिलेश्वर कामत को संसदीय बोर्ड का अध्यक्ष बनाया गया है.

दिलेश्वर कामत को संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष बनाए जाने की घोषणा पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष आरसीपी सिंह ने की. इससे पहले रविवार को जदयू राज्य कार्यकारिणी की बैठक के बाद उमेश कुशवाहा को प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया था. वहीं, जदयू संसदीय बोर्ड का अध्यक्ष के नाम का ऐलान करने के बाद जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष आरसीपी सिंह ने कहा कि बहुत जल्द मंत्रिमंडल का विस्तार हो जाएगा.

इसके लिए किसी को चिंता करने की जरूरत नहीं है. उन्होंने कहा कि जिस दिन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शपथ लिया उसी दिन विभागों का बंटवारा हो गया था. उन्होंने कहा कि, बिहार में कैबिनेट के अंदर तस्वीर क्या होगी. यह बात पहले ही तय हो चुकी है. उसी वक्त विभाग बट गए थे और किसके पास कितने विभाग हैं. यह बताने को काफी है कि मंत्रिमंडल में किसकी ताकत कितनी होगी.

मंत्रिमंडल का विस्तार अब 50-50 फ़ॉर्मूले पर नहीं होगा

आरसीपी सिंह के इस बयान से यह स्पष्ट हो गया है कि, मंत्रिमंडल का विस्तार अब 50-50 फ़ॉर्मूले पर नहीं होगा. एनडीए में शामिल सभी 4 घटक दल के मंत्रियों के पास विभाग का जिम्मा दिया हुआ है, उसी से सबकुछ स्पष्ट है. इसमें कहां कोई विवाद है. आरसीपी सिंह ने कहा कि मंत्रिमंडल विस्तार में कोई परेशानी नहीं है.

यहां बता दें कि बिहार में जदयू कोटे मुख्यमंत्री को छोड़कर पांच मंत्री बने हैं, जबकि बीजेपी कोटे से 7 मंत्री बनाए गए हैं. वहीं वीआईपी और हम से 1-1 मंत्री हैं. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पास 5 विभाग एवं जो विभाग किसी को अलॉट नहीं वे भी हैं. इस तरह से जदयू कोटे में 20 विभाग हैं. वहीं भाजपा कोटे में 21 विभाग हैं. जबकि जीतनराम मांझी के दल के पास 2 विभाग और वीआईपी के खाते में एक विभाग है. 

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