लाइव न्यूज़ :

Covid 19 JN.1: कोरोना के नए वैरिएंट जेएन.1 की रफ्तार तेज, भीड़-भाड़ से बचने की सलाह

By संदीप दाहिमा | Updated: December 25, 2023 14:26 IST

Open in App
1 / 5
देश में कोविड-19 के बढ़ते मामलों के बीच 2023 के अंत में जेएन.1 उपस्वरूप ने चिंताएं एक बार फिर बढ़ा दी हैं। ऐसे में दिल्ली सरकार ने इस पर नजर रखने के साथ ही जांच बढ़ाने की योजना बनाई है। त्योहारी सीजन के बीच कोविड मामलों में बढ़ोतरी के साथ नया खतरा मंडरा रहा है, ऐसे में दिल्ली में डॉक्टरों ने लोगों को मास्क पहनने, भीड़-भाड़ से बचने और स्वस्थ आहार लेने की सलाह दी है।
2 / 5
ओमीक्रॉन स्वरूप द्वारा संचालित कोविड महामारी की विनाशकारी तीसरी लहर के परिणामस्वरूप 2022 की शुरुआत में दिल्ली में संक्रमणों में रिकॉर्ड वृद्धि हुई थी और डेल्टा स्वरूप द्वारा संचालित दूसरी लहर ने अन्य स्थानों की तरह राष्ट्रीय राजधानी में भी 2021 में कहर बरपाया था। वर्ष 2023 की शुरुआत में जो हालात थे उसे देखते हुए इस ताजा खतरे ने कई विशेषज्ञों को सही साबित कर दिया है कि “कोविड अभी दुनिया से खत्म नहीं हुआ है”। केंद्र और दिल्ली सरकार दोनों सतर्क हैं और उन्होंने किसी भी स्थिति से निपटने के लिए आगे की योजना बनाई है।
3 / 5
दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सौरभ भारद्वाज ने 20 दिसंबर को ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि ऑक्सीजन सिलेंडर, वेंटिलेटर बेड और अन्य आवश्यकताओं की “फिर से समीक्षा” की जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि कोविड उप-स्वरूप जेएन.1 संक्रामक है लेकिन “हल्का” है। उन्होंने कहा कि शहर सरकार इस मुद्दे से निपटने के लिए “पूरी तरह से सतर्क” है। दिल्ली स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने कहा कि शहर सरकार जीनोम अनुक्रमण बढ़ाएगी। अधिकारियों ने बेहतर स्थिति को देखते हुए पिछले वर्ष मास्क पहनने की अनिवार्यता को हटा दिया था लेकिन नए स्वरूप पर बढ़ती चिंता के बीच दिल्ली में कई लोगों के चेहरे पर मास्क फिर से लौट आया है। वर्षांत में क्रिसमस और नए साल के जश्न के दौरान सार्वजनिक स्थलों पर काफी भीड़-भाड़ होगी।
4 / 5
शहर की अधिकांश आबादी ने धीरे-धीरे बंद स्थानों और सार्वजनिक स्थानों पर मास्क लगाए बिना रहना सीख लिया है। नए साल में एहतियात के तौर पर बड़ी संख्या में लोगों को मास्क पहने देखा जा सकता है। भीड़-भाड़ वाले मेट्रो कोचों में कई यात्रियों को अब संक्रमण से बचने के लिए मास्क पहने या हैंड सैनिटाइजर का उपयोग करते देखा जा सकता है। भारद्वाज ने हाल ही में यह भी कहा था कि लोगों को घबराना नहीं चाहिए। मंत्री ने कहा था, “सावधान रहकर सतर्क रहें और आप संक्रमण को फैलने से रोक सकते हैं।” वर्ष 2023 में दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री ने शहर के कई सरकारी अस्पतालों का दौरा भी किया। भारद्वाज ने 21 दिसंबर को दो अस्पतालों का निरीक्षण किया और कहा कि किसी को भी “वीआईपी सुविधा” नहीं दी जाएगी।
5 / 5
उन्होंने पूर्वी दिल्ली में लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल और डॉ. हेडगेवार आरोग्य संस्थान का औचक निरीक्षण किया। भारद्वाज ने 14 दिसंबर को शहर के चार सरकारी अस्पतालों का औचक निरीक्षण किया था और एक अस्पताल में साफ-सफाई में लापरवाही के लिए प्रशासन को फटकार लगाई थी और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का निर्देश दिया था। भारद्वाज ने जिन अस्पतालों का दौरा किया था उनमें दीन दयाल उपाध्याय अस्पताल, दादा देव अस्पताल, इंदिरा गांधी अस्पताल और सुश्रुत ट्रॉमा सेंटर शामिल थे।
टॅग्स :कोविड-19 इंडियाकोरोना वायरसदिल्ली में कोरोनाCoronaओमीक्रोन (B.1.1.529)
Open in App

संबंधित खबरें

स्वास्थ्यकौन हैं डॉ. आरती किनिकर?, सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवा में खास उपलब्धि के लिए लोकमत महाराष्ट्रीयन ऑफ द ईयर 2026 पुरस्कार

स्वास्थ्यLMOTY 2026: हजारों मरीजों के लिए आशा की किरण?, डॉ. गौतम भंसाली को 'लोकमत महाराष्ट्रीयन ऑफ द ईयर 2026' पुरस्कार

भारतGalgotias row: 2020 की 'आवाज़ से कोरोना खत्म' वाली स्टडी वापस ली गई, AI समिट की गड़बड़ी के बीच स्क्रीनशॉट हुआ ट्रेंड

स्वास्थ्यCOVID-19 infection: रक्त वाहिकाओं 5 साल तक बूढ़ी हो सकती हैं?, रिसर्च में खुलासा, 16 देशों के 2400 लोगों पर अध्ययन

भारत'बादल बम' के बाद अब 'वाटर बम': लेह में बादल फटने से लेकर कोविड वायरस तक चीन पर शंका, अब ब्रह्मपुत्र पर बांध क्या नया हथियार?

स्वास्थ्य अधिक खबरें

स्वास्थ्यसन फार्मा ने लॉन्च किया ‘हार्ट के लिए 8- मेकिंग इंडिया हार्ट स्ट्रॉन्ग’ कैंपेन, दिल के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए भारतीयों से रोजाना में अच्छी आदतें अपनाने का आग्रह

स्वास्थ्यऑटिज्म : समझ और स्वीकार्यता की जरूरत

स्वास्थ्यफोर्टिफाइड चावल : पोषण या स्वास्थ्य पर संकट ?

स्वास्थ्यचीनी का सेवन कम कीजिए और खाना बनाते समय तेल का प्रयोग 10 प्रतिशत तक घटाएं?, प्रधानमंत्री मोदी बोले-छोटे प्रयास करिए और मोटापे को दूर भगाएं?

स्वास्थ्यरात में सिर्फ़ 11 मिनट ज़्यादा सोने से हार्ट अटैक का खतरा हो सकता है कम