चेन्नई: ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) के वरिष्ठ विधायकों एसपी वेलुमणि और सीवी षणमुगम के नेतृत्व वाले धड़े ने मंगलवार को कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री सी. जोसफ विजय के नेतृत्व वाली तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) सरकार को समर्थन देने का निर्णय लिया है। षणमुगम ने कहा कि वे आज दोपहर मुख्यमंत्री विजय से मिलकर उनकी सरकार को समर्थन देने के लिए पत्र सौंपे। तमिलनाडु विधानसभा चुनावों में अन्नाद्रमुक ने 47 सीटें जीतीं। सूत्रों ने कहा कि 30 विधायकों ने विजय को समर्थन दे रहे हैं। इसके साथ ही टीटीवी दिनाकरण विधायक कामराज ने भी समर्थन दिया है।
उन्होंने यह भी दावा किया कि पार्टी महासचिव एडप्पाडी के पलानीस्वामी सरकार बनाने के लिए द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) को समर्थन देना चाहते थे। उन्होंने कहा, “हमने उनके (पलानीस्वामी के) इस फैसले का विरोध किया क्योंकि अन्नाद्रमुक का गठन ही द्रमुक को हराने के लिए किया गया था।” षणमुगम ने यह भी मांग की कि पलानीस्वामी को तुरंत पार्टी की महापरिषद की बैठक बुलानी चाहिए।
षणमुगम ने पिछले एक दशक में अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुन्नेत्र कज़गम को मिली चुनावी हारों का हवाला दिया। तीन हार कट्टर प्रतिद्वंद्वी द्रविड़ मुन्नेत्र कज़गम के हाथों और चौथी हार पिछले महीने टीवीके के हाथों है। उन्होंने एआईएडीएमके प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री एडप्पाडी के पलानीस्वामी की भी आलोचना की।
जिन्होंने डीएमके के साथ गठबंधन पर विचार किया था। हमने डीएमके के विरोध में इस पार्टी की स्थापना की थी। 53 वर्षों तक हमारी राजनीति डीएमके के विरुद्ध रही। इसी को देखते हुए डीएमके के समर्थन से एआईएडीएमके सरकार बनाने का प्रस्ताव खारिज कर दिया गया था... अगर हम ऐसा गठबंधन बनाते, तो एआईएडीएमके का अस्तित्व ही समाप्त हो जाता।