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20 साल बाद एक अणे मार्ग स्थित सीएम आवास को खाली किया पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार?, बुद्ध पूर्णिमा के दिन 7 सर्कुलर रोड में शिफ्ट, वीडियो

By एस पी सिन्हा | Updated: May 1, 2026 16:46 IST

पुत्र निशांत कुमार भी इस दौरान मौजूद रहे। इससे पहले इस आवास का उपयोग मुख्यमंत्री कार्यालय के रूप में किया जा रहा था।

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ठळक मुद्देगृह प्रवेश से पहले बौद्ध भिक्षुओं द्वारा पूजा-पाठ किया गया और पूरे बंगले को फूलों से सजाया गया।बंगले के लॉन को आकर्षक बनाने के लिए कोलकाता से विशेष घास मंगवाई गई है।नीतीश कुमार के लिए 7 सर्कुलर रोड का यह बंगला खास महत्व रखता है।

पटनाः बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 20 साल बाद एक अणे मार्ग स्थित मुख्यमंत्री आवास को छोड़कर 7 सर्कुलर रोड स्थित नए बंगले में शिफ्ट हो गए हैं। नीतीश कुमार के इस नए पते पर जेड प्लस सुरक्षा भी तैनात कर दी गई है। सुबह से ही उनके सामान को नए आवास में स्थानांतरित किया गया। गृह प्रवेश से पहले बौद्ध भिक्षुओं द्वारा पूजा-पाठ किया गया और पूरे बंगले को फूलों से सजाया गया।

उनके पुत्र निशांत कुमार भी इस दौरान मौजूद रहे। इससे पहले इस आवास का उपयोग मुख्यमंत्री कार्यालय के रूप में किया जा रहा था। बता दें कि 7 सर्कुलर रोड स्थित यह बंगला खास तौर पर आधुनिक तकनीक से तैयार किया गया है और इसे भूकंपरोधी बनाया गया है, ताकि बड़े झटकों को भी सह सके। बंगले के लॉन को आकर्षक बनाने के लिए कोलकाता से विशेष घास मंगवाई गई है।

इस नए आवास में शिफ्ट होने के बाद नीतीश कुमार और राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव अब पड़ोसी बन गए हैं। राबड़ी देवी का आवास यहां से महज दो घर की दूरी पर है और दोनों के बीच लगभग 200 मीटर का फासला है। दोनों आवास सर्कुलर रोड के दक्षिण दिशा में स्थित हैं। नीतीश कुमार के लिए 7 सर्कुलर रोड का यह बंगला खास महत्व रखता है।

वर्ष 2014 में लोकसभा चुनाव हारने के बाद जब उन्होंने मुख्यमंत्री पद छोड़ा था और जीतन राम मांझी को मुख्यमंत्री बनाया था, तब वे इसी बंगले में रहने लगे थे। बाद में इसी आवास से उन्होंने दोबारा सत्ता में वापसी की। हालांकि 2015 में फिर से मुख्यमंत्री बनने के बाद वे 1 अणे मार्ग लौट गए थे, लेकिन इस बंगले को अपने पास ही रखा।

संख्या 7 को नीतीश कुमार अपने लिए शुभ मानते हैं। उनके राजनीतिक जीवन में यह अंक कई बार अहम रहा है-चाहे वह 1977 में राजनीति की शुरुआत हो, 1987 में युवा लोकदल के अध्यक्ष बनना हो या उनकी योजनाओं का नाम ‘सात निश्चय’ रखना हो। वर्तमान में बिहार सरकार ‘सात निश्चय पार्ट-3’ पर काम कर रही है।

करीब 19 वर्षों तक 1 अणे मार्ग बिहार की सत्ता का केंद्र रहा, जहां से नीतीश कुमार ने राज्य की राजनीति और प्रशासन को दिशा दी। 20 साल तक बिहार की सत्ता संभालने के बाद राज्यसभा सांसद के तौर पर निर्वाचित होने के बाद बीते 14 अप्रैल को उन्होंने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था।

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