पटनाः बिहार में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक शातिर जालसाज ने खुद को ईडी डायरेक्टर बताकर बड़े अधिकारियों को अपने जाल में फंसाने की कोशिश की। मामला भोजपुर के डीएम तनय सुल्तानिया से जुड़ा है, जिन्हें ठगने की साजिश रचने वाला आरोपी आखिरकार कानून के शिकंजे में आ गया। पटना पुलिस और एसटीएफ की टीम ने एक गुप्त सूचना के आधार पर बड़ी कार्रवाई करते हुए शातिर ठग अभिषेक अग्रवाल को गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरफ्तारी पटना के कोतवाली थाना क्षेत्र से की गई है।
आरोपी लंबे समय से ईडी का फर्जी अधिकारी बनकर पटना समेत बिहार के कई जिलों में लोगों को अपना शिकार बना रहा था। सूत्रों के मुताबिक, आरोपी ने खुद को नई दिल्ली का ‘ईडी डायरेक्टर’ बताकर डीएम को कई बार कॉल किया और रसूख का दबाव बनाकर उन्हें अपने प्रभाव में लेने की कोशिश की।
लेकिन डीएम ऑफिस के कर्मी रोहित कुमार को शक हुआ और 28 अप्रैल को नवादा थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया। केस दर्ज होते ही पुलिस और एसटीएफ हरकत में आई और जालसाज की तलाश तेज कर दी गई। आरोपी पर बीएनएस की कई गंभीर धाराओं और आईटी एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है, जिसमें रंगदारी, धोखाधड़ी और आपराधिक धमकी जैसे संगीन इल्जाम शामिल हैं।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी फर्जी सिम और डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर बड़े अफसरों को ब्लैकमेल करता था और ट्रांसफर-पोस्टिंग तक में दखल देने की कोशिश करता था। बता दें कि अभिषेक अग्रवाल का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है। साल 2022 में वह तब सुर्खियों में आया था।
जब उसने पटना हाईकोर्ट के तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश के नाम पर बिहार के तत्कालीन डीजीपी एसके सिंघल को फोन किया था। उस समय उसने तत्कालीन गया एसएसपी की पैरवी के लिए कॉल किया था, जिसके बाद उसे गिरफ्तार किया गया था। इस हाई-प्रोफाइल मामले ने पूरे प्रशासनिक महकमे में हलचल मचा दी थी।
पुलिस के अनुसार, वह लगातार अपना स्वरूप बदलकर और बड़े सरकारी पदों का रौब दिखाकर लोगों के साथ आर्थिक धोखाधड़ी कर रहा था। जेल से छूटने के बाद उसने फिर से ठगी का धंधा शुरू कर दिया था, जिसके बाद पुलिस लगातार उसकी गतिविधियों पर नजर रख रही थी।
अभिषेक अग्रवाल की गिरफ्तारी के बाद पुलिस उससे गहन पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि उसने हाल के दिनों में और कितने लोगों को चूना लगाया है? पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इस जालसाजी में उसके साथ और कौन-कौन से लोग शामिल हैं? अधिकारियों का कहना है कि इस गिरफ्तारी से सरकारी तंत्र का नाम लेकर ठगी करने वाले गिरोहों पर लगाम लगेगी।