पटनाः बिहार के पटना में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बयान पर राष्ट्रीय लोक मोर्चा (आरएलएम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि उन्हें पता है कि उनकी हार निश्चित है, इसलिए वे घबराई हुई हैं, वे ऐसी स्थिति पैदा कर रही हैं ताकि हारने के बाद वे कह सकें कि ईवीएम मशीन से छेड़छाड़ की गई थी। कुशवाहा ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्थिति पर भारत का नियंत्रण नहीं है। इस कारण जो दाम बढ़ रहे हैं, इसका सामना हम सभी को करना पड़ेगा। JDU नेता राजीव रंजन प्रसाद ने कहा कि ममता बनर्जी को इसका अंदाजा हो गया है कि पश्चिम बंगाल से उनकी विदाई हो गई है।
मतदाताओं ने दोनों ही चरणों में TMC को करारी शिकस्त दी है। सुनियोजित तरीके से निर्वाचन तंत्र की विश्वसनीयता को तार-तार करने के लिए ऐसे आरोपों को लगाने का सिलसिला TMC के लोगों की तरफ से जारी है... इन्हें जहां लगता है कि ये लोग चुनाव हारने वाले हैं, वहां ये लोग इसी तरह से आरोप लगाते हैं। चुनाव आयोग ने इनके एक-एक आरोप का जवाब दे दिया है।
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बयान पर कहा कि 4 मई, दीदी गई इसलिए वे यह सब बोल रही हैं और दुष्प्रचार कर रही है। EVM लूटना, बूथ लूटना न तो भाजपा का संस्कार है और न ही हमारे कार्यकर्ता ऐसा करते हैं।
TMC की इस प्रकार की रीति-नीति रही है... हम जनता के आशीर्वाद से पश्चिम बंगाल में बड़े बहुमत के साथ सरकार बनाने जा रहे हैं।" उन्होंने आगे कहा, "अखिलेश यादव ने महिलाओं से जो बैर लिया है उसके बाद उनकी खैर नहीं है। उन्हें महिलाओं से माफी मांगने के लिए यात्रा निकालनी चाहिए।
केंद्रीय मंत्री बी.एल. वर्मा ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बयान पर कहा, "उन्हें दिख रहा है कि जनता ने उनके, TMC की गुंडई के विरोध में मतदान करने का काम किया है, एग्जिट पोल में भाजपा की सरकार बनती देख उनमें हताशा है। वे ड्रामा करती रहें लेकिन 4 मई को उनकी कुर्सी जाना तय है।
स्ट्रॉन्ग रूम में कई स्तर की सुरक्षा की जाती है, इसके बाद भी इस तरह आरोप लगाना, ड्रामा करना सिर्फ अनावश्यक रूप से चुनाव आयोग पर दबाव बनाने के लिए किया जाता है। 4 मई को जब मतगणना होगी तो ममता बनर्जी की विदाई तय है और भाजपा सरकार बनाएगी।"
टीएमसी सांसद डोला सेन ने कहा कि हमने वह वीडियो साझा किया है जो चुनाव आयोग दिखा रहा है। अगर यह फर्जी निकला, तो चुनाव आयोग फर्जी है। हर कोई जानता है कि चुनाव आयोग ने क्या किया है, कानून से परे, परंपरा से परे, हर चीज से परे जाकर... उस वीडियो में साफ दिख रहा है कि स्ट्रांग रूम खुला था और बत्तियां जल रही थीं, और कुछ गड़बड़ हो रही थी।
सबने इसे देखा, इसलिए हमारे उम्मीदवार वहां गए, न सिर्फ हमारे दो उम्मीदवार, बल्कि विपक्ष के दो उम्मीदवार भी वहां गए। फिर चुनाव आयोग ने उन्हें दिखाया कि यह डाक मतपत्र था। सवाल यह है कि उन्होंने हमें पहले क्यों नहीं बताया? यह कानून के खिलाफ है।
सेन ने कहा कि भाजपा के हाथ में कुछ नहीं है। 2021 में वे हार गए। 2024 में नतीजा और भी बुरा रहा। अब 2026 में नतीजा और भी बुरा होगा, और भाजपा यह बात जानती है। उन्हें सपने देखने का हक है, लेकिन यहां अंतिम फैसला जनता का होगा और दीदी ही जीतेंगी। आयोग की तरफ से जो कुछ भी हो रहा है, वह न तो कानूनी है और न ही नैतिक। उन्होंने जो वीडियो फुटेज दिया है, उसका वे क्या जवाब देंगे?
पश्चिम बंगाल के मंत्री और श्यामपुकुर विधानसभा सीट से TMC उम्मीदवार शशि पांजा ने कहा कि बहुत गंभीर चूक हुई है। कैमरा नंबर 17 में, हमने देखा कि स्ट्रॉन्ग रूम में लोग थे, जो असल में सील था। अगर आप वह दरवाज़ा खोल रहे हैं, तो आपको सभी राजनीतिक दलों को बताना चाहिए था। अब, कल वे कह रहे थे कि उन्होंने एक ईमेल भेजा था।
अगर किसी ने उसका जवाब दिया होता, तो हम कुछ नहीं कहते, लेकिन किसी भी राजनीतिक दल से कोई नहीं था, तो आपने वह कमरा क्यों खोला?... कल उन्होंने अनौपचारिक रूप से हमें बताया कि संचार में कमी है, पारदर्शिता का अभाव है, लेकिन उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस पर कोई जवाब नहीं दिया... ऐसा नहीं है कि हम घबरा रहे हैं लेकिन नियमों का पालन होना चाहिए जो नहीं हो रहा है।
TMC सांसद सौगत राय ने कहा, "स्ट्रॉन्ग रूम में बाहर अनधिकृत लोग घुस गए थे। इसे लेकर कुणाल घोष और शशि पांजा ने धरना भी दिया। कुछ लोग मतगणना प्रक्रिया में छेड़छाड़ करना चाहते हैं। मैंने यह भी देखा कि शेखावत मेमोरियल गर्ल्स स्कूल जहाँ मुख्यमंत्री के विधानसभा क्षेत्र की मतगणना होगी वहाँ गुजरात से आए कुछ लोग बाहर नारेबाजी कर रहे थे... हमें संदेह है कि भाजपा मतगणना प्रक्रिया में कुछ करना चाहती है इसलिए मुख्यमंत्री ने सबको आगाह किया है।"