पटनाः भारत-नेपाल सीमा से सटे घोड़ासहन थाना क्षेत्र में साइबर ठगी के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक संगठित गिरोह के नेटवर्क को उजागर किया है, संयुक्त ऑपरेशन में चार थानों की पुलिस और साइबर यूनिट ने मिलकर कार्रवाई की, जिससे बाजार क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। यह कार्रवाई घोड़ासहन के मेन रोड, बाजार रोड और वीरता चौक इलाके में की गई, जहां एक साथ करीब आधा दर्जन दुकानों को खंगाला गया। छापेमारी में 67 लाख रुपये से अधिक की नकदी बरामद की गई है, जिसमें भारतीय और नेपाली दोनों मुद्राएं शामिल हैं।
जानकारी के अनुसार छापेमारी की शुरुआत “रेडीमेड सेंटर” नामक दुकान से हुई, जहां तलाशी के दौरान नेपाली और भारतीय करेंसी की बड़ी खेप बरामद हुई। सूत्रों के अनुसार, छापेमारी सिर्फ दुकानों तक सीमित नहीं रही, बल्कि एक संदिग्ध के घर पर भी दबिश दी गई, जहां से नोटों से भरा बैग बरामद किया गया।
इसके अलावा पुलिस ने कई जरूरी दस्तावेज, बैंक लेनदेन से जुड़े कागजात, क्यूआर कोड स्कैनर और डिजिटल उपकरण भी अपने कब्जे में लिए हैं। बताया जा रहा है कि मामला भारतीय और नेपाली मुद्रा के अवैध एक्सचेंज रैकेट से जुड़ा हो सकता है। दरअसल, साइबर डीएसपी अभिनव पाराशर को गुप्त सूचना मिली थी कि घोड़ासहन क्षेत्र में एक गिरोह बड़े पैमाने पर साइबर ठगी कर रहा है।
इस सूचना को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने जिले के एसपी स्वेन प्रभात को अवगत कराया। इसके बाद एसपी के निर्देश पर एक विशेष टीम का गठन किया गया, जिसमें साइबर थाना, घोड़ासहन थाना और आसपास के अन्य थानों के पुलिसकर्मियों को शामिल किया गया।
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मौके से तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया है। इनसे पूछताछ की जा रही है, ताकि इस पूरे नेटवर्क के अन्य सदस्यों और गतिविधियों का पता लगाया जा सके। शुरुआती जांच में यह मामला संगठित साइबर गिरोह से जुड़ा हुआ प्रतीत हो रहा है, जो बड़े स्तर पर ठगी की घटनाओं को अंजाम दे रहा था।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ के आधार पर गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जा रही है और आने वाले समय में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। बरामद नकदी के स्रोत, इसके उपयोग और लेन-देन के तरीकों की भी गहन जांच की जा रही है।