लाइव न्यूज़ :

स्वतंत्रता संग्राम में क्रांतिकारियों की भूमिका बताने के लिए अमित शाह की जरूरत नहीं -बोले महात्मा गांधी के प्रपौत्र तुषार गांधी, ‘बापू’ के बारे में कही यह बात

By भाषा | Updated: January 15, 2023 17:07 IST

गौरतलब है कि अमित शाह ने हाल ही में कहा था कि स्वतंत्रता संग्राम के दौरान अहिंसक आंदोलन के केवल एक प्रकार के आख्यान को ही ‘‘शिक्षा, इतिहास और दंतकथाओं के माध्यम से लोगों पर थोपा गया है’’, जबकि भारत की स्वतंत्रता सशस्त्र क्रांतिकारियों के योगदान सहित सामूहिक प्रयासों का परिणाम थी।

Open in App
ठळक मुद्देगृह मंत्री अमित शाह के बयान को लेकर महात्मा गांधी के प्रपौत्र तुषार गांधी ने जवाब दिया है। उन्होंने कहा है कि स्वतंत्रता संग्राम में क्रांतिकारियों की भूमिका बताने के लिए अमित शाह की जरूरत नहीं है। तुषार गांधी ने आगे कहा है कि बापू ने स्वयं स्वीकार किया था कि केवल उनके प्रयत्नों से ही स्वतंत्रता प्राप्त नहीं हुई थी।

तिरुवनन्तपुरम: राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के प्रपौत्र तुषार गांधी ने कहा है कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को देश के स्वतंत्रता आंदोलन में सशस्त्र क्रांतिकारियों के योगदान के बारे में बात करने की कोई जरूरत नहीं है, क्योंकि ‘बापू’ ने खुद उनकी भूमिका को स्वीकार किया था। 

इससे पहले अमित शाह ने क्या कहा था  

आपको बता दें कि अमित शाह ने हाल ही में कहा था कि स्वतंत्रता संग्राम के दौरान अहिंसक आंदोलन के केवल एक प्रकार के आख्यान को ही ‘‘शिक्षा, इतिहास और दंतकथाओं के माध्यम से लोगों पर थोपा गया है’’, जबकि भारत की स्वतंत्रता सशस्त्र क्रांतिकारियों के योगदान सहित सामूहिक प्रयासों का परिणाम थी। 

इस पर तुषार गांधी ने क्या कहा है

इस पर बोलते हुए तुषार गांधी ने शुक्रवार को केरल साहित्य महोत्सव (केएलएफ) के छठे संस्करण में अपने संबोधन में कहा, ‘‘हमें ये बातें कहने के लिए किसी अमित शाह की जरूरत नहीं है। अमित शाह को ये बातें इसलिए कहने की जरूरत है, क्योंकि उनके पास अपने बारे में या अपनी विचारधारा के बारे में कहने के लिए कुछ भी नहीं है। बापू ने स्वयं स्वीकार किया था कि केवल उनके प्रयत्नों से ही स्वतंत्रता प्राप्त नहीं हुई थी।’’ 

बापू किसी और व्यक्ति की तरह थे एक साधारण इंसान- तुषार गांधी

इस पर बोलते हुए उन्होंने कहा, ‘‘महात्मा गांधी ने सभी को श्रेय दिया था, यहां तक कि क्रांतिकारियों के पहले के प्रयासों को भी। उन्होंने नेताजी सुभाष चंद्र बोस के योगदान को भी स्वीकार किया था।’’ महात्मा गांधी के प्रपौत्र ने अपनी नवीनतम पुस्तक ‘द लॉस्ट डायरी ऑफ कस्तूर, माई बा’ के बारे में कहा कि बापू किसी और व्यक्ति की तरह एक साधारण इंसान थे और इसीलिए उन्होंने राष्ट्रपिता को किताब में ‘महात्मा’ नहीं कहा। 

एशिया के सबसे बड़े साहित्य सम्मेलनों में से एक के रूप में विख्यात केरल साहित्य महोत्सव (केएलएफ) साहित्य और संस्कृति के प्रतीक के एक उदार मिश्रण की मेजबानी कर रहा है, जिसमें नोबेल पुरस्कार विजेता, बुकर पुरस्कार विजेता, वरिष्ठ राजनेता से लेकर इतिहासकार, फिल्मी हस्तियां, राजनयिक और कलाकार शामिल हो रहे हैं। 

टॅग्स :महात्मा गाँधीअमित शाहसुभाष चंद्र बोस
Open in App

संबंधित खबरें

भारतसेवा ‘डायल 112’ की 400 गाड़ियों को हरी झंडी दिखाई और 33 मोबाइल फॉरेंसिक प्रयोगशाला की शुरुआत, अमित शाह ने कहा- नक्सलियों को किया साफ?

भारतगुजरात स्थानीय निकाय चुनाव 2026ः ​​84 नगरपालिका में से 77, 34 जिलों में से 33 और 260 तालुका में से 253 पर बीजेपी की जीत?, अमित शाह ने कहा- कांग्रेस साफ और आप 0 पर आउट?

भारतLok Sabha Poll 2029: विधानसभाओं में जीत से लोकसभा की पृष्ठभूमि बना रही भाजपा! 

भारतआखिर क्यों सीएम योगी आदित्यनाथ, मोहन यादव और विष्णु देव साय से मिले अमित शाह, यूपी, एमपी और छत्तीसगढ़ में क्या हो सकता?, इन राज्य में 2027-28 में चुनाव

भारतपीएम मोदी की अपील का सीएम डॉ. यादव यूं कर रहे पालन, Photos में देखिए सादगी

भारत अधिक खबरें

भारतMadhya Pradesh: खेलते‑खेलते कार में बंद 4 साल की बच्ची की मौत, दो घंटे तक किसी ने नहीं देखा

भारतमुंबई और अहमदाबाद के बीच भारत की पहली बुलेट ट्रेन की पहली झलक सामने आई

भारतमहाराष्ट्र के पालघर में शादी के परिवार को ले जा रहे एक ट्रक की दूसरे ट्रक से टक्कर, 12 की मौत, 20 से ज़्यादा घायल

भारतरांची के बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार में महिला कैदी का किया गया यौन शोषण, हुई गर्भवती, कराया गया गर्भपात! नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र

भारततख्त श्री पटना साहिब गुरुद्वारे में माथा टेकने पटना पहुंचे पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने केन्द्र सरकार और भाजपा पर बोला तीखा हमला