लाइव न्यूज़ :

'हिंदी विवाद' में कूदे त्रिपुरा के सीएम बिप्लब कुमार देब, कहा- इस भाषा का विरोध करने वालों को भारत से प्यार नहीं

By रोहित कुमार पोरवाल | Updated: September 18, 2019 20:36 IST

अपने बयानों से अक्सर सुर्खियों में रहने वाले त्रिपुरा के मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब ने देश में मौजू हिंदी विवाद को लेकर अपनी प्रतिक्रिया रखी है। बिप्लब देव ने कहा कि जिन लोगों को हिंदी से प्यार नहीं, उन्हें भारत प्यार नहीं है।

Open in App
ठळक मुद्देत्रिपुरा के मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब ने कहा कि जिन लोगों को हिंदी से प्यार नहीं, उन्हें भारत से प्यार नहीं।उन्होंने यह भी कहा कि वह अंग्रेजी का विरोध नहीं कर रहे हैं और हिंदी थोप नहीं रहे हैं।

त्रिपुरा के मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब ने अपने ताजा बयान में दावा किया कि जो लोग हिंदी को 'राष्ट्र भाषा' बनाए जाने को लेकर विरोध कर रहे हैं, वे देश से प्यार नहीं करते हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनका बयान अंग्रेजी के खिलाफ नहीं है और वे हिंदी को थोप नहीं रहे हैं। 

बिप्लब देव ने कहा, ''मैं हिंदी का समर्थन कर रहा हूं क्योंकि देश में ज्यादातर लोग हिंदी बोलते हैं।''

बिप्लब देब ने समाचार एजेंसी पीटीआई से कहा कि अग्रेजों ने भारत पर 200 वर्ष राज नहीं किया होता तो देश में आधिकारिक कामों में अंग्रेजी का इस्तेमाल नहीं होता।

आधिकारिक भाषा अधिनियम (1963) के अनुसार, हिंदी और अंग्रेजी केंद्र सरकार और संसद के लिए आधिकारिक भाषा हैं। देश की कुल 22 भाषाओं को संविधान की आठवीं अनुसूची के तहत मान्यता प्राप्त है।

पिछले शनिवार (14 सितंबर) को हिंदी दिवस के मौके पर गृहमंत्री अमित शाह ने कहा था कि भाषा के तौर पर हिंदी पूरे देश को एकजुट कर सकती है। अमित शाह के बयान के बाद सबसे पहले दक्षिण के राज्यों से विरोध होना शुरू हो गया था। अब तक इस विवाद में डीएमके प्रमुख एमके स्टालिन, पी. चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम और फिल्म अभिनेता रजनीकांत समेत कई नेता कूद चुके हैं। केंद्रीय मंत्री अमित शाह के बयान के समर्थन में त्रिपुरा के सीएम बिप्लब कुमार देव ने आगे कहा, ''औपनिवेशिक शासन के प्रति वफादारी के कारण, अंग्रेजी कई लोगों के लिए प्रतिष्ठा का प्रतीक बन गई।"

बिप्लब देव ने कहा, ''ऐसा नहीं है कि केवल अंग्रेजी बोलने वाले देश तरक्की करते हैं। अगर जर्मनी, चीन, जापान, रूस और इजरायल जैसे देशों पर यह लागू होता तो उनका विकास नहीं होता।''

बिप्लब देव ने सरकारी अधिकारियों से आग्रह किया कि जो लोग अंग्रेजी नहीं जानते हैं और केवल हिंदी या क्षेत्रीय बोलियां बोल पाते हैं, उन लोगों की भी मदद करें।

टॅग्स :त्रिपुराबिप्लब कुमार देबहिन्दी दिवसअमित शाहभारतीय जनता पार्टी (बीजेपी)मोदी सरकार
Open in App

संबंधित खबरें

विश्वसवाल पूछने के अवसर और तरीके को लेकर गंभीर सवाल

भारत'भारत अब नक्सल-मुक्त है': अमित शाह ने छत्तीसगढ़ में उग्रवाद के खात्मे की घोषणा की

भारतसेवा ‘डायल 112’ की 400 गाड़ियों को हरी झंडी दिखाई और 33 मोबाइल फॉरेंसिक प्रयोगशाला की शुरुआत, अमित शाह ने कहा- नक्सलियों को किया साफ?

भारतगुजरात स्थानीय निकाय चुनाव 2026ः ​​84 नगरपालिका में से 77, 34 जिलों में से 33 और 260 तालुका में से 253 पर बीजेपी की जीत?, अमित शाह ने कहा- कांग्रेस साफ और आप 0 पर आउट?

क्राइम अलर्ट90 दिन पहले सोशल मीडिया पर दोस्ती, धलाई से अगरतला पहुंची महिला, आईफोन देने का लालच देकर 'कंटेंट क्रिएटर' होटल ले गया और किया रेप?

भारत अधिक खबरें

भारतईमानदारी के अभाव में शातिर बन जाती है समझदारी

भारत"सरकार हर आयोजन को सड़क पर करा रही है": सड़कों पर नमाज को लेकर सीएम योगी पर अखिलेश का पलटवार

भारतUjjain: श्री महाकाल मंदिर सभा मंडप में सफाई कर्मी महिला को कुत्ते ने काटा

भारत'चंद दिनों के बलात्कार और दुष्कर्म के चंद आंकड़े दे रहा हूँ': नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने आंकड़े जारी कर सम्राट सरकार पर बोला तीखा हमला

भारतविकास प्रक्र‍िया में जनजातीय समाज को शामिल करने प्रधानमंत्री श्री मोदी ने बनाई नीतियां: मंत्री डॉ. शाह