लाइव न्यूज़ :

BBC मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर RSS ने जताई नाराजगी, कहा- शीर्ष अदालत का औजार की तरह इस्तेमाल कर रहीं देश विरोधी ताकतें

By भाषा | Updated: February 16, 2023 11:43 IST

सोशल मीडिया मंचों पर वृत्तचित्र की पहुंच को रोकने के सरकार के फैसले को चुनौती देने वाली याचिकाओं के एक और जत्थे पर अप्रैल में सुनवाई होगी। 

Open in App
ठळक मुद्देआरएसएस से संबंधित साप्ताहिक पत्रिका ‘पाञ्चजन्य’ ने अपने संपादकीय में सुप्रीम कोर्ट की आलोचना की है।पत्रिका ने कहा कि भारत विरोधी तत्व कथित रूप से शीर्ष अदालत का ‘‘औजार’’ की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं।

नयी दिल्लीः राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से संबंधित साप्ताहिक पत्रिका ‘पाञ्चजन्य’ ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर बीबीसी के विवादित वृत्तचित्र से जुड़े सोशल मीडिया लिंक को प्रतिबंधित करने के आदेश को लेकर केंद्र सरकार को नोटिस भेजने के लिए उच्चतम न्यायालय की आलोचना की।

पत्रिका ने कहा कि भारत विरोधी तत्व कथित रूप से शीर्ष अदालत का ‘‘औजार’’ की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं। पत्रिका के ताजा संस्करण के एक संपादकीय में कहा गया है कि मानवाधिकारों के नाम पर आतंकवादियों को ‘‘बचाने’’ के प्रयासों और पर्यावरण के नाम पर भारत के विकास में ‘‘बाधाएं’’ पैदा करने के बाद अब यह प्रयास किया जा रहा है कि देश विरोधी ताकतों को भारत में दुष्प्रचार करने का अधिकार हो।

बीबीसी के वृत्तचित्र को लेकर शीर्ष अदालत के नोटिस का जिक्र करते हुए संपादकीय में कहा गया, ‘‘हमारे देश के हितों की रक्षा के लिए उच्चतम न्यायालय की स्थापना की गई थी, लेकिन भारत विरोधी अपना रास्ता साफ करने के प्रयासों के लिए इसका एक औजार की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं।’’

इसमें कहा गया है कि उच्चतम न्यायालय करदाताओं के धन से चलता है और देश के लिए भारतीय कानून के अनुसार काम करता है। संपादकीय में बीबीसी के वृत्तचित्र को भारत को बदनाम करने के लिए एक ‘‘दुष्प्रचार’’ करार देते हुए कहा गया कि यह ‘‘असत्य’’ और ‘‘कल्पनाओं पर आधारित’’ है। इसमें यह भी कहा गया है कि सभी देश-विरोधी ताकतें ‘‘हमारे लोकतंत्र, हमारी उदारता और हमारी सभ्यता के मानकों’’ के प्रावधानों का ‘‘हमारे खिलाफ’’ फायदा उठाती हैं।

उच्चतम न्यायालय ने पिछले हफ्ते विवादित वृत्तचित्र के मद्देनजर भारत में बीबीसी पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के अनुरोध वाली याचिका को खारिज कर दिया था। सोशल मीडिया मंचों पर वृत्तचित्र की पहुंच को रोकने के सरकार के फैसले को चुनौती देने वाली याचिकाओं के एक और जत्थे पर अप्रैल में सुनवाई होगी। 

टॅग्स :आरएसएससुप्रीम कोर्टBBC
Open in App

संबंधित खबरें

भारतजमानत नियम और जेल अपवाद, यूएपीए मामले में भी यही नियम?, सुप्रीम कोर्ट ने हंदवाड़ा निवासी सैयद इफ्तिखार अंद्राबी को दी राहत, पासपोर्ट जमा करने और हर 15 दिन में एक बार थाने जाओ?

भारतदिल्ली बार काउंसिल चुनावः मतगणना पर रोक, प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा- न्यायालय फैसला नहीं सुनाता, तब तक मतपत्रों की गिनती स्थगित

भारतकभी किसी के विचारों पर आत्मावलोकन भी तो हो!

भारतCJI सूर्यकांत ने अपने बेरोज़गार युवाओं की तुलना 'कॉकरोच' से करने वाले बयान पर दी सफाई

क्राइम अलर्ट3,700 करोड़ रुपये घोटाला, 250 से अधिक मामले दर्ज, सुप्रीम कोर्ट ने ‘मुख्य साजिशकर्ता’ की पत्नी को दी जमानत

भारत अधिक खबरें

भारत'भारत अब नक्सल-मुक्त है': अमित शाह ने छत्तीसगढ़ में उग्रवाद के खात्मे की घोषणा की

भारतMadhya Pradesh: खेलते‑खेलते कार में बंद 4 साल की बच्ची की मौत, दो घंटे तक किसी ने नहीं देखा

भारतमुंबई और अहमदाबाद के बीच भारत की पहली बुलेट ट्रेन की पहली झलक सामने आई

भारतमहाराष्ट्र के पालघर में शादी के परिवार को ले जा रहे एक ट्रक की दूसरे ट्रक से टक्कर, 12 की मौत, 20 से ज़्यादा घायल

भारतरांची के बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार में महिला कैदी का किया गया यौन शोषण, हुई गर्भवती, कराया गया गर्भपात! नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र