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बिहार में नीतीश कुमार अभी कर रहे खेला?, राजद विधायक फैसल रहमान से मिले मुख्यमंत्री, जाते-जाते तेजस्वी यादव से छिनेंगे विपक्ष नेता पद?

By एस पी सिन्हा | Updated: April 2, 2026 15:11 IST

सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, सिंचाई और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी योजनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई।

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ठळक मुद्देलालू-तेजस्वी यादव को मुश्किल में डाल दिया था।राजद को मुख्य विपक्षी दल का दर्जा खत्म हो जाएगा।विकास को लेकर मुख्यमंत्री से शिष्टाचार भेंट की।

पटनाः बिहार मे राजद विधायक फैसल रहमान के द्वारा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से की गई मुलाकात की तस्वीरों को गुरुवार को शेयर किए जाने के बाद सियासी हलचल तेज हो गई है। इस मुलाकात को राजनीतिक हलकों में अहम माना जा रहा है। फैसल रहमान ने राज्यसभा चुनाव के दौरान वोटिंग नहीं कर लालू-तेजस्वी यादव को मुश्किल में डाल दिया था।

अगर फैसल रहमान ने राजद का साथ छोड़ा तो इससे राजद को मुख्य विपक्षी दल का दर्जा खत्म हो जाएगा। हालांकि फैसल रहमान ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए जानकारी दी कि उन्होंने ढाका क्षेत्र के सर्वांगीण विकास को लेकर मुख्यमंत्री से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, सिंचाई और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी योजनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई।

उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री ने सभी प्रस्तावों पर सकारात्मक रुख दिखाया और क्षेत्र के विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई। बता दें कि 16 मार्च को हुए राज्यसभा चुनाव के दौरान फैसल रहमान मतदान में शामिल नहीं हुए थे। उनके वोट नहीं देने के कारण राजद उम्मीदवार एडी सिंह को हार का सामना करना पड़ा था।

इस पर सफाई देते हुए रहमान ने कहा था कि उनकी मां की अचानक तबीयत खराब हो गई थी, जिसकी वजह से वे वोटिंग में शामिल नहीं हो सके। इसी बीच बिहार विधानसभा की 19 समितियों का गठन भी कर दिया गया है, जिसमें वोटिंग से दूर रहे कांग्रेस विधायक मनोहर प्रसाद सिंह और राजद के फैसल रहमान को भी एक-एक समिति का अध्यक्ष बनाया गया है।

यह समितियां वित्त वर्ष 2026-27 के लिए गठित की गई हैं, जिनका कार्यकाल 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2027 तक रहेगा। विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार की मंजूरी के बाद समितियों के अध्यक्षों और सदस्यों की सूची जारी कर दी गई है। सियासी जानकार इस घटनाक्रम को राज्यसभा चुनाव के बाद बदलते समीकरणों और संभावित सियासी संदेश के तौर पर देख रहे हैं।

उल्लेखनीय है कि फैजल रहमान पर अगर राजद कार्रवाई करती है तो इससे राजद की मुश्किलें बढ़ जाएगी। बिहार विधानसभा चुनाव में राजद के 25 विधायक जीते थे। इसी कारण राजद को राज्य में मुख्य विपक्षी दल का दर्जा प्राप्त है। दरअसल, 243 सदस्यीय विधानसभा में कुल सीटों का 10 फीसदी विधायक होने पर ही मुख्य विपक्षी दल का दर्जा मिलता है।

ऐसे में राजद के पास 25 विधायक होंगे तभी तेजस्वी यादव नेता प्रतिपक्ष बने रहेंगे। अगर फैसल रहमान को पार्टी निकालती है तो इससे तेजस्वी की नेता प्रतिपक्ष की कुर्सी ही चली जाएगी। माना जा रहा है कि इसी कारण मतदान से गायब रहने पर भी फैजल पर कार्रवाई नहीं हुई। ऐसे में अब फैसल रहमान की आगे की क्या कुछ गतिविधियां होती है, यह देखने वाली बात होगी।

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