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गुवाहाटी में कुकी जो काउंसिल के प्रतिनिधिमंडल से मिले मणिपुर सीएम वाई खेमचंद सिंह, शांति और सामान्य स्थिति पर 1.45 घंटा चर्चा

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: March 22, 2026 12:56 IST

कुकी जो काउंसिल के सदस्यों को जातीय संघर्ष से प्रभावित राज्य में शांति और सामान्य स्थिति बहाल करने के उपायों पर चर्चा करने के लिए एक बैठक के वास्ते आमंत्रित किया था।

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ठळक मुद्देशनिवार को गुवाहाटी में काउंसिल के सदस्यों के साथ बैठक करने के अनुरोध को दोहराया। बैठक शाम सात बजे शुरू हुई और लगभग एक घंटे 45 मिनट तक चली।केजेडसी प्रतिनिधिमंडल ने कई महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए, जिन्हें मुख्यमंत्री ने ध्यानपूर्वक सुना।

इंफाल: मणिपुर के मुख्यमंत्री वाई खेमचंद सिंह ने गुवाहाटी में कुकी जो काउंसिल के एक प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी। एक अधिकारी ने बताया, ‘‘मणिपुर के मुख्यमंत्री ने शनिवार शाम गुवाहाटी में कुकी जो काउंसिल के प्रतिनिधिमंडल के साथ बंद कमरे में एक बैठक की।’’ बहरहाल, अधिकारियों ने बैठक के विवरण साझा नहीं किए। मणिपुर सरकार ने शुक्रवार को कुकी जो काउंसिल के सदस्यों को जातीय संघर्ष से प्रभावित राज्य में शांति और सामान्य स्थिति बहाल करने के उपायों पर चर्चा करने के लिए एक बैठक के वास्ते आमंत्रित किया था।

कुकी जो काउंसिल के अध्यक्ष को संबोधित एक पत्र में मुख्यमंत्री के सचिव ने सिंह के राज्य में सामान्य स्थिति बहाल करने से संबंधित मुद्दों पर विचार-विमर्श करने के लिए शनिवार को गुवाहाटी में काउंसिल के सदस्यों के साथ बैठक करने के अनुरोध को दोहराया। इस बीच, कुकी जो काउंसिल ने रविवार को जारी एक बयान में कहा, ‘‘कल पहली बार मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह के नेतृत्व वाली मणिपुर सरकार ने असम के गुवाहाटी में कुकी-जो काउंसिल (केजेडसी) के नेताओं के साथ बैठक की।’’ बयान में कहा गया है कि बैठक शाम सात बजे शुरू हुई और लगभग एक घंटे 45 मिनट तक चली।

इसमें कहा गया है, ‘‘मेइती और कुकी-जो समुदायों के बीच लगभग तीन वर्षों के संघर्ष के बाद पहली बैठक के रूप में यह वार्ता मुख्य रूप से गतिरोध तोड़ने का एक प्रयास थी।’’ बयान के अनुसार, ‘‘केजेडसी प्रतिनिधिमंडल ने कई महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए, जिन्हें मुख्यमंत्री ने ध्यानपूर्वक सुना।

इनमें प्रमुख थे कुकी और तांगखुल समुदायों के बीच जारी तनाव को कम करने की तत्काल आवश्यकता और किसी भी सार्थक शांति व सुलह प्रक्रिया के लिए एक मूलभूत शर्त के रूप में संघर्ष के पीड़ितों के लिए न्याय सुनिश्चित करना।’’ केजेडसी ने यह भी कहा कि राजनीतिक समाधान होने तक बफर जोन की शुचिता बनाए रखना महत्वपूर्ण है।

क्षेत्र में स्थायी व दीर्घकालिक शांति सुनिश्चित करने के लिए जारी सस्पेंशन ऑफ ऑपरेशंस (एसओओ) वार्ता के समाधान में तेजी लाने की आवश्यकता है। बयान में कहा गया है, ‘‘मुख्यमंत्री ने मणिपुर में शांति और सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए अपनी चिंताओं, प्रतिबद्धताओं और अपनी सरकार द्वारा उठाए गए कदमों के बारे में बताया। मुख्यमंत्री ने इस चुनौतीपूर्ण दौर में उनसे बातचीत करने की केजेडसी की पहल और साहसिक कदम की सराहना की।’’ इसमें कहा गया है कि हालांकि, बैठक बिना किसी निर्णय या समझौते के समाप्त हो गयी।

टॅग्स :मणिपुरBJPअसम
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