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682 करोड़ की केंद्रीय निधि से मजबूत होंगी महाराष्ट्र की सड़कें, सड़क परिवहन मंत्रालय ने जारी की राशि

By नितिन अग्रवाल | Updated: April 15, 2021 15:40 IST

महाराष्ट्र के बाद सबसे अधिक 628.43 करोड़ रुपए राजस्थान, 617 करोड़ उत्तर प्रदेश और 556 करोड़ रु पए मध्य प्रदेश को दिए गए हैं.

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ठळक मुद्देराज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों के लिए कुल 6934.54 करोड़ रुपए आवंटित किए हैं.60 प्रतिशत यानी 4,160 करोड़ रुपए की राशि ही राज्यों को दी जाएगी.अधिकारी ने बताया कि शेष 40 प्रतिशत राशि राज्यों के प्रदर्शन के आधार पर चालू वित्त वर्ष में जारी की जाएगी.

नई दिल्लीः महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड समेत सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की जिला एवं ग्रामीण इलाकों की सड़कों को अधिक सुरक्षित तथा मजबूत बनाने के लिए केंद्र सरकार ने केंद्रीय सड़क निधि जारी कर दी है. इसमें सबसे अधिक राशि महाराष्ट्र को मिली है.

महाराष्ट्र में 682 करोड़ रु पए की केंद्रीय निधि से जिला एवं ग्रामीण क्षेत्रों की सड़कों को मजबूत किया जाएगा. सड़क परिवहन मंत्रालय ने इस संंबंध में राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों के लिए कुल 6934.54 करोड़ रुपए आवंटित किए हैं. हालांकि इसमें से 60 प्रतिशत यानी 4,160 करोड़ रुपए की राशि ही राज्यों को दी जाएगी.

मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि शेष 40 प्रतिशत राशि राज्यों के प्रदर्शन के आधार पर चालू वित्त वर्ष में जारी की जाएगी. अधिकारी के अनुसार, पूर्व में इस केंद्रीय निधि का इस्तेमाल केवल राष्ट्रीय राजमार्ग, राज्य राजमार्ग, रेलवे ओवरब्रिज और अंडरब्रिज के लिए ही इस्तेमाल किया जाता था.

वर्ष 2017 में नियमों में बदलाव के बाद इसका इस्तेमाल अब जिला और ग्रामीण क्षेत्र की सड़कों की मरम्मत और रखरखाव पर भी किया जा सकता है. महाराष्ट्र के बाद सबसे अधिक 628.43 करोड़ रुपए राजस्थान, 617 करोड़ उत्तर प्रदेश और 556 करोड़ रु पए मध्य प्रदेश को दिए गए हैं. कर्नाटक को 442 करोड़, गुजरात को 433 करोड़ रुपए मिले हैं. सबसे कम 7.27 करोड़ रुपए की राशि केंद्रशासित प्रदेश पुडुचेरी को दी गई है. दिल्ली को लगभग 27 करोड़ रुपए और जम्मू-कश्मीर को 94.51 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं.

'ब्लैक स्पॉट' पर विशेष नजरः राज्यों को दी जाने वाली राशि में से 10 प्रतिशत राशि अनिवार्य रूप से सड़क सुरक्षा इंजीनियरिंग के लिए खर्च करनी होती है. इसमें सड़कों पर अधिक दुर्घटना वाले 'ब्लैक स्पॉट' की कमियों को दुरु स्त किया जाना भी शामिल है. इस राशि का इस्तेमाल राज्य सरकार द्वारा सर्विस रोड, पैदल पथ, अंडरपास, ओवरपास, डिवाइडर, रेलिंग, जंक्शन और साइन बोर्ड सहित अन्य जरूरी कामों के लिए किया जाता है.

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