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18 राज्य में उपचुनाव, भाजपा के लिए करो या मरो की स्थिति, करीब 30 सीट पर था कब्जा, 51 विधानसभा पर मतगणना जारी

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: October 24, 2019 09:20 IST

उपचुनाव पार्टियों के लिए प्रतिष्ठा की लड़ाई है क्योंकि परिणाम विधानसभा के गणित को आंशिक रूप से ही बदल पाएंगे। इसके परिणाम से पार्टियों में उत्साह बढ़ेगा।

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ठळक मुद्देसोमवार को आयोजित हुए उपचुनाव में 57 फीसदी मतदान हुआ था। सबसे ज्यादा उत्तर प्रदेश की 11 सीटों पर उपचुनाव हुआ था। वहीं इसके बाद गुजरात में छह, बिहार में पांच, असम में चार, हिमाचल प्रदेश में दो और तमिलनाडु में दो सीटों पर उपचुनाव हुए थे।

देश के 18 राज्यों की 51 विधानसभा और दो लोकसभा सीटों के लिए हुए उपचुनाव में वोटों की गिनती शुरू हो गई। इन सीटों में से करीब 30 सीट भाजपा और उसके सहयोगियों के पास है। वहीं 12 सीटें कांग्रेस और बाकी अन्य क्षेत्रीय पार्टियों के पास है। 

उपचुनाव पार्टियों के लिए प्रतिष्ठा की लड़ाई है क्योंकि परिणाम विधानसभा के गणित को आंशिक रूप से ही बदल पाएंगे। इसके परिणाम से पार्टियों में उत्साह बढ़ेगा। सोमवार को आयोजित हुए उपचुनाव में 57 फीसदी मतदान हुआ था। सबसे ज्यादा उत्तर प्रदेश की 11 सीटों पर उपचुनाव हुआ था। वहीं इसके बाद गुजरात में छह, बिहार में पांच, असम में चार, हिमाचल प्रदेश में दो और तमिलनाडु में दो सीटों पर उपचुनाव हुए थे। जिन दो लोकसभा सीटों पर उपचुनाव हुआ था, उनमें से एक महाराष्ट्र की सतारा लोकसभा सीट और बिहार की समस्तीपुर लोकसभा सीट है।

राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण उत्तर प्रदेश में उपचुनाव एक तरह से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के लिए परीक्षा की तरह है। भाजपा के पास यहां 403 विधानसभा सीटों में से 302 हैं। यहां 11 सीटों के लिए भाजपा, बहुजन समाज पार्टी (बसपा), समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस के बीच चौतरफा मुकाबला है। इन सीटों में से आठ सीट पहले भाजपा के पास थी, एक सीट उसके सहयोगी दल अपना दल (सोनेलाल) के पास थी। वहीं रामपुर और जलालपुर (आंबेडकरनगर) क्रमश: समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के पास थी। राज्य में सोमवार को 47.05 फीसदी मतदान हुआ था।

पंजाब के उपचुनाव में कांग्रेस की जीत एक तरह से मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह की नीतियों का समर्थन होगी। राज्य में फगवाड़ा (आरक्षित), जलालाबाद, दाखा और मुकेरियां विधानसभा सीट पर उपचुनाव हुए थे। अरुणाचल प्रदेश में खोंसा पश्चिम सीट पर, छत्तीसगढ़ में नक्सल प्रभावित चित्रकोट सीट पर, तेलंगाना में हुजुरनगर सीट पर, मध्य प्रदेश की झाबुआ और मेघालय की शेल्ला सीट पर उपचुनाव हुआ था।

बिहार में लोकसभा की एक सीट समस्तीपुर और विधानसभा की पांच सीटों किशनगंज, सिमरी बख्तियारपुर, दरौंदा, नाथनगर और बेलहर सीट पर चुनाव हुआ था। बिहार में अगले साल विधानसभा चुनाव होने वाले हैं और इस उपचुनाव का प्रदर्शन नीतीश कुमार सरकार की नीतियों को लेकर जनता की राय दिखा सकता है। 

टॅग्स :बिहारभारतीय जनता पार्टी (बीजेपी)नीतीश कुमारयोगी आदित्यनाथउत्तर प्रदेश
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