लाइव न्यूज़ :

Bihar: मंत्री अशोक चौधरी अब दिखेंगे प्रोफेसर की भूमिका में, बीएसयूएससी के द्वारा असिस्टेंट प्रोफेसर के रूप में हुआ है चयन

By एस पी सिन्हा | Updated: June 25, 2025 14:45 IST

Bihar: अशोक चौधरी ने भी कांग्रेस से अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत की और 2000 में बरबीघा से विधायक बने।

Open in App

Bihar:  जदयू के वरिष्ठ नेता एवं बिहार के ग्रामीण कार्य मंत्री डा. अशोक चौधरी अब बिहार के कॉलेज में छात्रों को भी पढ़ाते नजर आएंगे। 58 वर्षीय चौधरी का चयन बिहार राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग (बीएसयूएससी) द्वारा असिस्टेंट प्रोफेसर के रूप में हुआ है। वह राजनीतिक विज्ञान विभाग में अपनी सेवाएं देंगे। अनुसूचित जाति श्रेणी से चयनित अशोक चौधरी अब प्रोफेसर साहब के रूप में जाने जाएंगे।

बीएसयूएससी द्वारा जारी 280 रिक्तियों में से 274 उम्मीदवारों का चयन किया गया, जिनमें मंत्री चौधरी भी शामिल हैं। आयोग ने चयन प्रक्रिया में शैक्षणिक योग्यता, शिक्षण अनुभव, शोध कार्य और इंटरव्यू को आधार बनाया था। 

अशोक चौधरी के परिवार ने पुष्टि की है कि वे यह पद स्वीकार करेंगे और इसके बाद अगर वह राजनीति से कुछ समय के लिए अवकाश लेते हैं और प्रोफेसर की भूमिका निभाएंगे। बता दें कि अशोक चौधरी की बेटी सांसद शांभवी चौधरी ने भी उनके चयन को गर्व का विषय बताया। चौधरी पहले भी कई बार यह बात कह चुके हैं कि वे राजनीति के साथ-साथ शिक्षा के क्षेत्र में भी कुछ सार्थक करना चाहते हैं।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेहद करीबी माने जाने वाले अशोक चौधरी इस समय बिहार के तीन प्रमुख मंत्रियों में से एक हैं। अब सबकी नजर इस पर है कि वे किस कॉलेज में असिस्टेंट प्रोफेसर के रूप में योगदान देंगे। उल्लेखनीय है कि बीएसयूएससी ने 2020 में 52 विषयों में 4,638 असिस्टेंट प्रोफेसर पदों के लिए भर्ती निकाली थी, जिसमें पॉलिटिकल साइंस के 280 पद शामिल थे। इस प्रक्रिया में हजारों अभ्यर्थियों ने हिस्सा लिया, लेकिन साक्षात्कार और परिणाम की देरी के कारण यह भर्ती लंबे समय तक चर्चा में रही।

अशोक चौधरी पहले बिहार के शिक्षा मंत्री भी रह चुके हैं। अशोक चौधरी का जन्म 25 फरवरी 1968 को शेखपुरा जिले के बरबीघा में हुआ था। उनके पिता स्व. महावीर चौधरी भी कांग्रेस के नेता थे और बिहार में मंत्री रह चुके थे। अशोक चौधरी ने भी कांग्रेस से अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत की और 2000 में बरबीघा से विधायक बने। 2013 में बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष रहे, लेकिन 2018 में जदयू में शामिल हो गए।

वर्तमान में वह नीतीश कुमार सरकार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं और जदयू के राष्ट्रीय महासचिव हैं। उनकी बेटी शांभवी चौधरी लोक जनशक्ति पार्टी(रामविलास) से समस्तीपुर की सांसद हैं।

टॅग्स :बिहारजेडीयूएजुकेशन
Open in App

संबंधित खबरें

भारततख्त श्री पटना साहिब गुरुद्वारे में माथा टेकने पटना पहुंचे पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने केन्द्र सरकार और भाजपा पर बोला तीखा हमला

भारतबिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने की उद्योगपतियों को बिहार वापस आने और प्रदेश में ही उद्योग लगाने की अपील

भारतबिहार में पिछले एक माह में 8 हजार 681 बच्चों के गायब होने की बात आई सामने, 85 प्रतिशत संख्या लड़कियां हुईं गायब

स्वास्थ्यबिहार में हर साल कैंसर से 80000 मौत?, प्रतिवर्ष 1.20 लाख नए रोगी, देश में चौथे स्थान पर बिहार, आईजीआईएमएस रिपोर्ट में खुलासा?

भारतNEET exam cancelled 2026: नीट परीक्षा में अत्यंत शर्मनाक बर्ताव!

भारत अधिक खबरें

भारत'भारत अब नक्सल-मुक्त है': अमित शाह ने छत्तीसगढ़ में उग्रवाद के खात्मे की घोषणा की

भारतMadhya Pradesh: खेलते‑खेलते कार में बंद 4 साल की बच्ची की मौत, दो घंटे तक किसी ने नहीं देखा

भारतमुंबई और अहमदाबाद के बीच भारत की पहली बुलेट ट्रेन की पहली झलक सामने आई

भारतमहाराष्ट्र के पालघर में शादी के परिवार को ले जा रहे एक ट्रक की दूसरे ट्रक से टक्कर, 12 की मौत, 20 से ज़्यादा घायल

भारतरांची के बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार में महिला कैदी का किया गया यौन शोषण, हुई गर्भवती, कराया गया गर्भपात! नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र