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भय्यूजी महाराज बेटी को भेजना चाहते थे विदेश, अब ये तथ्य आए सामने 

By लोकमत समाचार हिंदी ब्यूरो | Updated: June 20, 2018 05:17 IST

12 जून को बेटी के घर पहुंचने से पहले उन्होंने आत्महत्या कर ली। सवाल यह है कि फैसला किसका था। महाराज या बेटी का? बीबीए के लिए देश में ही ऐसी कई संस्थाएं हैं, जिनका काफी नाम है।

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इंदौर, 20 जून: भय्यूजी महाराज आत्महत्या मामले में वजह दूसरी पत्नी और बेटी के बीच आपसी खटास को बताया जा रहा है लेकिन तनाव की एक वजह बेटी की सोहबत भी सामने आ रही है। शायद इसलिए महाराज बेटी को विदेश भेजना चाहते थे। हालांकि पुलिस अभी इस बिंदु पर ध्यान नहीं दे पाई है।

इस मामले की जांच के दौरान यह बात सामने आई थी कि महाराज बेटी कुहू को बीबीए की पढ़ाई के लिए लंदन भेजने वाले थे। इसके लिए उन्होंने पुणो के सेवादार अमोल चव्हाण को जवाबदारी सौंपी थी। घटना के एक दिन पहले महाराज बेटी के पास पुणे जा रहे थे। आधे रास्ते में बेटी का फोन आया कि वह खुद 12 जून को इंदौर आ रही है। उसे डेली कॉलेज से अपनी टीसी लेनी है और कुछ अन्य काम भी है। इस फोन के बाद महाराज सेंधवा से वापस इंदौर लौट आए। उसके बाद से वे ज्यादा तनाव में थे। 

12 जून को बेटी के घर पहुंचने से पहले उन्होंने आत्महत्या कर ली। सवाल यह है कि फैसला किसका था। महाराज या बेटी का? बीबीए के लिए देश में ही ऐसी कई संस्थाएं हैं, जिनका काफी नाम है। इसे छोड़कर लंदन क्यों भेजना चाहते थे। यही नहीं, जिस डेली कॉलेज से कुहू ने 12वीं पास किया था, वहां भी बीबीए का कोर्स कराया जाता है। 

अंडर ग्रेजुएशन के इस कोर्स की संबद्धता लंदन की मानी हुई डी-मोंट यूनिवर्सिटी से है। जहां अंतिम एक साल वहां जाकर पढ़ाई करनी पड़ती है और डिग्री वहीं से मिलती है। दूसरा सवाल, क्या कुहू के आए बिना डेली कॉलेज से टीसी नहीं निकलती? टीसी बिना छात्र के आए भी कॉलेज माता-पिता या उनके अभिभावकों दे देता है। इसलिए टीसी के लिए इंदौर आने की कोई खास वजह नहीं थी।

बताया जाता है कि महाराज बेटी के इर्द-गिर्द रहने वाले कुछ लोगों को पसंद नहीं करते थे। उन्हें लगता था कि वे उनकी बेटी का भविष्य खराब कर सकते हैं। इसलिए वे बेटी को लेकर ज्यादा चिंतित रहते थे।

वे चाहते थे कि बेटी जितनी जल्दी हो सके विदेश पढ़ाई के लिए चली जाए। इसके लिए उन्होंने पैसों का इंतजाम करना शुरू कर दिया था। हो सकता है कि पिता और बेटी में इस बात को लेकर भी खट-पट हो। पुलिस ने अभी तक इस बिंदु पर ध्यान नहीं दिया है। 

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