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Assam: बकरीद पर मुस्लिम गाय की कुर्बानी न दें- प्रमुख इस्लामी संगठन जमीयत उलेमा समेत अन्य मुसलमान नेताओं ने की अपील, जानें पूरा मामला

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: July 4, 2022 13:47 IST

Eid-ul-Zuha 2022: कुर्बानी को लेकर बोलते हुए एआईयूडीएफ के अध्यक्ष अजमल ने कहा, ‘‘चूंकि अधिकतर लोग गाय को पवित्र मानते हैं, तो मैं लोगों से गाय की कुर्बानी नहीं देने और किसी अन्य जानवर की बलि देने का विनम्र आग्रह करता हूं।’’

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ठळक मुद्देपूरे देश में अगले हफ्ते ईद-उज-अजहा या बकरीद मनाया जाएगा। ऐसे में असम में गाय की कुर्बानी नहीं करने की अपील की गई है। यह अपील प्रमुख इस्लामी संगठन समेत मुस्लिम नेताओं द्वारा की गई है।

Eid-ul-Zuha 2022: प्रमुख इस्लामी संगठन जमीयत उलेमा की असम इकाई ने मुसलमानों से ईद-उज-अजहा या बकरीद पर गायों की कुर्बानी नहीं देने का आग्रह किया है। ऐसा इसलिए ताकि इससे हिंदुओं की धार्मिक भावनाएं आहत न हों। इस पर बोलते हुए संगठन की राज्य इकाई के प्रमुख बदरुद्दीन अजमल ने कहा कि कुर्बानी इस त्योहार का महत्वपूर्ण हिस्सा है, ऐसे में गायों के अलावा अन्य जानवरों की बलि दी जा सकती है। 

मामले में एआईयूडीएफ के अध्यक्ष अजमल ने क्या कहा

इस पर बोलते हुए राजनीतिक दल ‘ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट’ (एआईयूडीएफ) के अध्यक्ष अजमल ने एक बयान दिया है। बयान में उन्होंने कहा, ‘‘हिंदुओं का सनातन धर्म गाय को मां मानता है और उसकी पूजा करता है। हमें उनकी धार्मिक भावनाओं को आहत नहीं करना चाहिए।’’ 

मामले में आगे बोलते हुए अजमल ने कहा कि इस्लामी मदरसे ‘दारुल उलूम देवबंद’ ने 2008 में एक सार्वजनिक अपील की थी कि बकरीद पर गाय की कुर्बानी न दी जाए और उसने यह बताया था कि इस बात का कोई उल्लेख या अनिवार्यता नहीं है कि गाय की ही बलि देनी होगी। 

गाय की कुर्बानी पर धुबरी के सांसद ने क्या कहा

ऐसी ही कुछ अपील धुबरी के सांसद द्वारा भी की गई है। उन्होंने कहा, ‘‘मैं फिर से वही अपील दोहराता हूं और अपने साथियों से गाय के बजाय किसी अन्य जानवर की बलि देने का आग्रह करता हूं, ताकि देश की बहुसंख्यक आबादी की धार्मिक भावना को ठेस न पहुंचे।’’ 

अजमल ने ऊंट, बकरी, गाय, भैंस और भेड़ की कुर्बानी देने की दी सलाह

कुर्बानी को लेकर बोलते हुए एआईयूडीएफ के अध्यक्ष अजमल ने कहा कि ईद-उज-अजहा के दौरान ऊंट, बकरी, गाय, भैंस और भेड़ जैसे अन्य जानवरों की बलि दी जा सकती है। 

इस पर उन्होंने कहा, ‘‘चूंकि अधिकतर लोग गाय को पवित्र मानते हैं, तो मैं लोगों से गाय की कुर्बानी नहीं देने और किसी अन्य जानवर की बलि देने का विनम्र आग्रह करता हूं।’’ आपको बता दें कि देश में 10 जुलाई को बकरीद मनाए जाने की संभावना है। 

टॅग्स :असमईदJamiat Ulema-e-Hindगायऑल इंडिया युनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंटDarul Uloom
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