लाइव न्यूज़ :

अनुच्छेद-370ः 31 अक्टूबर को जम्मू-कश्मीर का बंटवारा, 62 साल पुरानी राज्य विधान परिषद भंग

By भाषा | Updated: October 17, 2019 17:15 IST

राज्य को आधिकारिक रूप से 31 अक्टूबर की मध्यरात्रि दो केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख और जम्मू-कश्मीर में विभाजित करने से कुछ दिन पहले बुधवार को विधान परिषद को भंग करने का आदेश जारी किया गया। जम्मू-कश्मीर विधानसभा के साथ केंद्र शासित प्रदेश होगा।

Open in App
ठळक मुद्देविधान परिषद में कार्यरत 116 कर्मियों को 22 अक्टूबर तक सामान्य प्रशासन विभाग को रिपोर्ट करने को कहा गया है।उल्लेखनीय है कि 36 सदस्यीय विधान परिषद 1957 में संसद के कानून के स्थापित की गई थी।

जम्मू-कश्मीर को इस महीने के अंत में दो केंद्र शासित प्रदेशों में बांटने से पहले राज्य प्रशासन ने एक आदेश जारी कर 62 साल पुरानी राज्य विधान परिषद को भंग कर दिया है और यहां कार्यरत 116 कर्मचारियों को सामान्य विभाग में रिपोर्ट करने का निर्देश दिया है।

राज्य को आधिकारिक रूप से 31 अक्टूबर की मध्यरात्रि दो केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख और जम्मू-कश्मीर में विभाजित करने से कुछ दिन पहले बुधवार को विधान परिषद को भंग करने का आदेश जारी किया गया। जम्मू-कश्मीर विधानसभा के साथ केंद्र शासित प्रदेश होगा।

आदेश के मुताबिक विधान परिषद में कार्यरत 116 कर्मियों को 22 अक्टूबर तक सामान्य प्रशासन विभाग को रिपोर्ट करने को कहा गया है। राज्य सरकार के सचिव फारूक अहमद लोन की ओर से जारी आदेश में समय-समय पर विधान परिषद के लिए खरीदे गए वाहनों को निदेशक मोटर गैराज और विधान सभा परिषद की इमारत को फर्नीचर, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों सहित निदेशक संपदा को सौंपने को कहा गया है।

उल्लेखनीय है कि 36 सदस्यीय विधान परिषद 1957 में संसद के कानून के स्थापित की गई थी। यह 87 सदस्यीय विधान सभा के ऊपरी सदन के तौर पर काम करती थी। आदेश में कहा गया, ‘‘जम्मू-कश्मीर राज्य पुनर्गठन कानून-2019 की धारा 57 के तहत परिणाम स्वरूप जम्मू-कश्मीर विधान परिषद को खत्म किया जाता है और वहां कार्यरत सभी कर्मियों को 22 अक्टूबर को सामान्य प्रशासन विभाग से संपर्क करने का आदेश दिया जाता है।’’

आदेश में आगे कहा गया कि विधानसभा परिषद सचिवालय के विधायी सबंधी सभी दस्तावेजों को सचिव विधि एंव न्याय विभाग और संसदीय मामलों को स्थानांतरित किया जाए। गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने पांच अगस्त को जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले संविधान के अनुच्छेद-370 के अधिकतर प्रावधानों को निष्क्रिय कर दिया था। 

टॅग्स :धारा ३७०जम्मू कश्मीरआर्टिकल 35A (अनुच्छेद 35A)सत्यपाल मलिकमोदी सरकार
Open in App

संबंधित खबरें

भारतजमानत नियम और जेल अपवाद, यूएपीए मामले में भी यही नियम?, सुप्रीम कोर्ट ने हंदवाड़ा निवासी सैयद इफ्तिखार अंद्राबी को दी राहत, पासपोर्ट जमा करने और हर 15 दिन में एक बार थाने जाओ?

भारतसुंबली मावस उत्सव: घाटी में गूंजी पुरानी आवाजें, 37 साल बाद कश्मीरी पंडितों ने अपनी मिट्टी को चूमा

क्राइम अलर्टजम्मू-कश्मीर: अपहरण के मामलों में 50% की कमी, लेकिन शून्य पर पहुंचना अभी बाकी

भारतचौंकाने वाला आंकड़ा: कश्मीर में कुत्तों से आगे निकलीं बिल्लियां, 85,000 से ज़्यादा लोग हुए शिकार

भारत'ED सरकार के इशारे पर काम कर रही', PMLA मामले में जमानत के बाद बोले रॉबर्ट वाड्रा- "मेरे पास छिपाने के लिए कुछ नहीं"

भारत अधिक खबरें

भारत"सरकार हर आयोजन को सड़क पर करा रही है": सड़कों पर नमाज को लेकर सीएम योगी पर अखिलेश का पलटवार

भारतUjjain: श्री महाकाल मंदिर सभा मंडप में सफाई कर्मी महिला को कुत्ते ने काटा

भारत'चंद दिनों के बलात्कार और दुष्कर्म के चंद आंकड़े दे रहा हूँ': नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने आंकड़े जारी कर सम्राट सरकार पर बोला तीखा हमला

भारतविकास प्रक्र‍िया में जनजातीय समाज को शामिल करने प्रधानमंत्री श्री मोदी ने बनाई नीतियां: मंत्री डॉ. शाह

भारतक्या बीजेपी में शामिल होंगे रेवंत रेड्डी? तेलंगाना सीएम को लेकर निज़ामाबाद के सांसद धर्मपुरी के बयान ने मचाई सनसनीखेज