पटनाः बिहार विधानमंडल के बजट सत्र के तीसरे दिन गुरुवार को राज्यपाल के अभिभाषण के धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की बातों का जोरदार तरीके से जवाब दिया। इस दौरान दोनों ने बीच हल्की-फुल्की नोक-झोंक देखने को मिली। दरअसल, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सदन में अपनी बात रख रहे थे, तभी उन्होंने विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की ओर इशारा करते हुए इधर-उधर करने की टिप्पणी की। इस पर तेजस्वी यादव बोलने के लिए उठ खड़े हुए, लेकिन मुख्यमंत्री ने तुरंत कहा, “बैठो।"
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने तेजस्वी से कहा कि चुपचाप बैठकर मेरी बातें सुनो। 6 विधायकों को खींचने के लिए पैसे कहां से लाए थे? गड़बड़ करते थे, उसी का पैसा था। गड़बड़ करते थे, इसलिए तुम लोगों को छोड़ दिए। वहीं, मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद सदन में हलचल मच गई। जबकि नीतीश कुमार की बात सुनकर तेजस्वी यादव मुस्कुराते नजर आए।
उन्होंने कहा कि कुछ भी बोलिएगा। इसपर मुख्यमंत्री और ज्यादा सख्त हो गए। उन्होंने तेजस्वी को डांटते हुए बैठने को कहा। जब तेजस्वी यादव फिर कुछ बोलने की कोशिश करने लगे तो नीतीश कुमार ने कहा कि अरे बैठो, तुम बच्चा न है जी। हम तुम्हारे बाप के समय के हैं। हम तुमको मानते हैं, तुमको बनाए हैं।
मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद सत्ता पक्ष के विधायक मेज थपथपाते दिखे, जबकि विपक्ष की तरफ से विरोध के स्वर भी उठे। सदन में कुछ देर तक शोर-शराबे की स्थिति बनी रही। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने भाषण के दौरान तेजस्वी यादव पर गंभीर आरोप लगाए और कहा कि मंत्री रहते हुए उन्होंने खूब पैसा कमाया है।
भाषण के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि बिहार में एक नए एजुकेशन सिटी का निर्माण कराया गया है। इसपर तेजस्वी ने टोका और पूछा कि कहां एजुकेशन सिटी का निर्माण हुआ है। तब मुख्यमंत्री के पास बैठे उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने स्पष्ट किया कि बनाया नहीं गया है बल्कि आने वाले समय में बनाया जाएगा।
इसके बाद मुख्यमंत्री ने नई विकास योजनाओं और राज्य में किए जा रहे विभिन्न प्रोजेक्ट्स पर अपनी बात जारी रखी। लेकिन तेजस्वी यादव दोबारा उठ खड़े हुए। इस पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने हंसते हुए कहा कि “तुम बैठो न यार, तुम्हारे पापा की शादी से पहले मेरी शादी हुई तो तभी से हम तुमको मानते हैं, तुम अब बैठो।
मुख्यमंत्री ने राज्य की विकास योजनाओं का ब्यौरा देते हुए कहा कि सरकार ने शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क निर्माण, जल संसाधन और किसानों की कल्याणकारी योजनाओं पर विशेष ध्यान दिया है। उन्होंने बताया कि राज्य में नई सड़क परियोजनाओं और पुल निर्माण के कार्य तेजी से चल रहे हैं।
साथ ही, उन्होंने शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कदमों का जिक्र करते हुए कहा कि बिहार में शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। सरकार विकास योजनाओं के कार्य निरंतर चल रहे हैं और सरकार सभी क्षेत्रों में समान रूप से काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि चाहे सड़क हो, शिक्षा हो या स्वास्थ्य, सभी क्षेत्रों में सुधार और विकास पर जोर दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि पहले न इलाज का इंतजाम था, न पढ़ाई का, बिजली बहुत कम थी, अब किसी तरह का डर भय नहीं है। पहले हिन्दू-मुस्लिम झगड़ा होता था। 2006 से कब्रिस्तानों की घेराबंदी शुरू हुई।
अब कोई झगड़ा झंझट नहीं होता है। शिक्षा में भी काम किया। बड़ी संख्या में स्कूल खोले, शिक्षकों की नियुक्ति की बीपीएससी द्वारा शिक्षकों की नियुक्ति की। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने तेजस्वी को जवाब देते हुए कहा कि पिताजी चले गए तो माताजी को रख गए। इन लोगों ने कोई काम नहीं किया। अब लगातार काम हो रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 3 लाख 68 हजार नियोजित शिक्षक बने थे। अब ये सरकारी शिक्षक बन रहे हैं। मामूली परीक्षा लेकर 5 मौके दिए गए। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बताया कि चार परीक्षाएं हो चुकी हैं। नियोजित शिक्षकों को बीपीएससी की परीक्षा न देकर मामूली परीक्षा से सरकारी शिक्षक बनाया गया।
इस तरह से अब सरकारी शिक्षकों की संख्या अब बढ़कर 5 लाख 24 हजार हो गई है। उन्होंने कहा कि पहले प्रतिदिन एक दो मरीज प्राथमिक चिकित्सा केंद्र के आते थे। अब यहां हर महीने औसतन 11 हजार 600 मरीज आते हैं।
तेजस्वी यादव ने सरकार पर बोला तीखा हमला, कहा-सरकार की नींद बेटियों की चीख से भी नहीं टूटती
बिहार विधानसभा सत्र के तीसरे दिन गुरूवार को सदन में राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान बोलते हुए नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सरकार पर तीखा हमला बोला। हालांकि भाषण के दौरान तेजस्वी यादव आज थोड़े नर्वस दिखे। पैर में चोट होने के कारण उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार से बैठकर बोलने की अनुमति ली। उन्होंने सरकार को हर मुद्दे पर घेरा।
तेजस्वी यादव ने अपनी बात की शुरुआत करते हुए कहा कि सरकार की दो पहचान हैं। पहली झूठी वाहवाही और दूसरी पूरी लापरवाही। उन्होंने कहा कि सरकार की नींद बेटियों की चीख से भी नहीं टूटती।सदन में अपराध के आंकड़े पढ़ते हुए उन्होंने सवाल किया कि आखिर कानून का राज कहां है? उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने लोकतंत्र को गनतंत्र बना दिया है।
तेजस्वी ने कहा कि चुनाव में लोक हारा और तंत्र जीता। जैसे-तैसे ये लोग सरकार में आए हैं। प्रशासन के दम पर चुनाव जीता गया। उन्होंने कहा कि 20 सालों से सत्ता में रहने के बावजूद इन लोगों ने कोई ठोस काम नहीं किया। 10 लाख नौकरियां देने का काम महागठबंधन सरकार ने किया था और यह उनका वादा था। उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि “आपका समय है, हमारा दौर आएगा।”
इसके बाद उन्होंने शायरी के जरिए सरकार को चेताते हुए कहा कि कुछ तालाब खुद को समंदर समझ बैठे हैं, सही वक्त पर हदों का एहसास करवा देंगे। तेजस्वी ने सवाल किया कि अगर बिहार इतना विकास कर रहा है, तो बताइए बिहार नंबर वन किस चीज में है। उन्होंने खुद ही जवाब दिया कि बिहार सबसे ज्यादा गरीब है। शिक्षा में फिसड्डी है। लोग तबाह हो गए हैं।
भ्रष्टाचार में अव्वल है। अपराधियों का बोलबाला है। तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री पर तंज कसते हुए कहा कि डबल इंजन की सरकार है। डबल डिप्टी सीएम हैं। डबल डिजिट में सांसद हैं। 20 साल से यही सरकार है। इसके बावजूद 1961 जैसा ही बिहार आज भी खड़ा है। भाजपा को आरक्षण और लोकतंत्र विरोधी बताते हुए उन्होंने कहा कि बजट में सरकार ने उन्हीं वादों की नकल की है, जो पहले महागठबंधन ने किए थे। तेजस्वी यादव ने कहा कि राज्यपाल के अभिभाषण में वही बातें दोहराई गईं। मुख्यमंत्री ताली बजाने को कह रहे थे, लेकिन असल में सदन उनके काम पर ताली बजा रहा था।
कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर तेजस्वी ने कहा कि बिहार में अपराध चरम पर है। आए दिन हत्याएं हो रही हैं। नीट छात्रा से दुष्कर्म, खगड़िया और मुजफ्फरपुर में अपहरण के बाद हत्या जैसी घटनाएं सामने आई हैं। उन्होंने कहा कि इसे जंगलराज कहा जाता है, लेकिन जंगलराज कहने से जानवर भी नाराज हो जाएंगे. थाना खामोश है। प्रशासन बेहोश है।
सरकार मदहोश है। उन्होंने विशेष राज्य के दर्जे की मांग भी उठाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री सड़क पर उतरें, हम साथ खड़े रहेंगे। तेजस्वी ने कहा कि अगर बिहार एक अलग देश होता, तो वह दुनिया का सबसे गरीब देश होता। उन्होंने कहा कि भाजपा की शर्तों पर सुल्तान बनना मंजूर नहीं था, क्योंकि वे अपनी जमीन और अपने विचार नहीं बेचते।
इस दौरान तेजस्वी यादव ने महिलाओं को लेकर विवादित बयान देते हुए कहा कि बिहार में महिलाएं बिकती है। तेजस्वी यादव के बयान को लेकर विधानसभा में हंगामा मच गया। तेजस्वी ने दावा किया कि महागठबंधन की सरकार के दौरान नौकरी देने की पहल हुई और शिक्षकों की बहाली भी उसी दौर में हुई।
उन्होंने कहा कि जब वे 10 लाख सरकारी नौकरी की बात करते थे, तब मुख्यमंत्री ने तंज कसते हुए पूछा था कि “पैसा कहां से आएगा?” उन्होंने कहा कि आज वही मुद्दे सरकार के एजेंडे में हैं, लेकिन युवाओं को अब भी रोजगार के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।