लाइव न्यूज़ :

अमरनाथ यात्रा में इस बार बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की संभावना, सुरक्षा में तैनात किए जाएंगे 1 लाख से अधिक सुरक्षाकर्मी

By सुरेश एस डुग्गर | Updated: March 29, 2022 12:13 IST

अमरनाथ यात्रा इस बार दो साल के अंतराल के बाद होने जा रही है। ऐसे में सुरक्षा को लेकर भी इंतजाम पुख्ता किए जा रहे हैं। 250 के करीब सुरक्षाबलों की कंपनियां यात्रा की सुरक्षा के लिए केंद्र से मांगी गई हैं।

Open in App
ठळक मुद्देअमरनाथ यात्रा की सुरक्षा की खातिर एक लाख के करीब सुरक्षाकर्मियों को जुटाने की कवायद शुरू।सामने आई जानकारी के अनुसार 250 के करीब सुरक्षाबलों की कंपनियां यात्रा की सुरक्षा के लिए केंद्र से मांगी गई हैं।इस बार 30 जून से शुरू हो रही अमरनाथ यात्रा 11 अगस्त श्रावण पूर्णिमा के दिन तक चलेगी।

जम्मू: कश्मीर की स्थिति में आने वाले सुधार के दावों के बावजूद सुरक्षाधिकारी अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा के प्रति कोई ढील देकर खतरा मोल लेने के पक्ष में नहीं हैं। यही कारण है कि अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा की खातिर एक लाख के करीब सुरक्षाकर्मियों को जुटाने की कवायद अभी से आरंभ हो गई है।

आधिकारिक तौर पर 250 के करीब सुरक्षाबलों की कंपनियां यात्रा की सुरक्षा के लिए केंद्र से मांगी गई हैं। इनमें सीमा सुरक्षाबल और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के जवान होंगे जबकि सेना तथा राज्य पुलिस के जवानों को अतिरिक्त तौर पर तैनात किया जाएगा।

अमरनाथ श्राइन बोर्ड के अधिकारियों के अनुसार इस बार अमरनाथ यात्रा में जबरदस्त भीड़ की उम्मीद है। 30 जून से आरंभ होने वाली अमरनाथ यात्रा 11 अगस्त श्रावण पूर्णिमा के दिन तक चलेगी। शामिल होने वालों की कोई संख्या निर्धारित नहीं की गई है। भाग लेने वालों के लिए कोई शर्त भी नहीं है। गैर सरकारी अनुमान के तौर पर 10 लाख से अधिक लोग इसमें शामिल हो सकते हैं।

अधिकारी यात्रा की सुरक्षा को लेकर इसलिए चिंतित हैं क्योंकि पिछले कई सालों से यात्रा घटनारहित चल रही थी जो आईएसआई की आंख की किरकिरी बन चुकी है। दूसरा यह चर्चा आम है कि जम्मू कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाने के बाद आतंकी कुछ अधिक कर पाने में कामयाब नहीं हो पा रहे हैं। ऐसे में दो सालों के उपरांत आरंभ होने वाली अमरनाथ यात्रा आतंकियों के लिए आसान निशाना हो सकती है।

ऐसे में सुरक्षा का सबसे अधिक भार CRPF के कंधों पर होगा। पहले ही जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे की सुरक्षा की जिम्मेदारी उसी के कंधों पर है। सेना भी अपनी अहम भूमिका निभाएगी। जम्मू-पठानकोट तथा जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे पर CRPF के जवानों का साथ जम्मू कश्मीर पुलिस देगी तो जम्मू-पठानकोट राजमार्ग के पाकिस्तानी सीमा से सटे इलाकों में बीएसएफ की मदद ली जाएगी। इसी प्रकार अमरनाथ यात्रा के पड़ावस्थलों के आसपास के पहाड़ों की सुरक्षा का जिम्मा सेना के हवाले कर दिया जाएगा।

टॅग्स :अमरनाथ यात्राजम्मू कश्मीर
Open in App

संबंधित खबरें

भारतजमानत नियम और जेल अपवाद, यूएपीए मामले में भी यही नियम?, सुप्रीम कोर्ट ने हंदवाड़ा निवासी सैयद इफ्तिखार अंद्राबी को दी राहत, पासपोर्ट जमा करने और हर 15 दिन में एक बार थाने जाओ?

भारतसुंबली मावस उत्सव: घाटी में गूंजी पुरानी आवाजें, 37 साल बाद कश्मीरी पंडितों ने अपनी मिट्टी को चूमा

क्राइम अलर्टजम्मू-कश्मीर: अपहरण के मामलों में 50% की कमी, लेकिन शून्य पर पहुंचना अभी बाकी

भारतचौंकाने वाला आंकड़ा: कश्मीर में कुत्तों से आगे निकलीं बिल्लियां, 85,000 से ज़्यादा लोग हुए शिकार

भारत3 हजार करोड़ का सवाल है रे बाबा! कश्मीर में शराबबंदी पर छिड़ी बड़ी बहस

भारत अधिक खबरें

भारत"सरकार हर आयोजन को सड़क पर करा रही है": सड़कों पर नमाज को लेकर सीएम योगी पर अखिलेश का पलटवार

भारतUjjain: श्री महाकाल मंदिर सभा मंडप में सफाई कर्मी महिला को कुत्ते ने काटा

भारत'चंद दिनों के बलात्कार और दुष्कर्म के चंद आंकड़े दे रहा हूँ': नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने आंकड़े जारी कर सम्राट सरकार पर बोला तीखा हमला

भारतविकास प्रक्र‍िया में जनजातीय समाज को शामिल करने प्रधानमंत्री श्री मोदी ने बनाई नीतियां: मंत्री डॉ. शाह

भारतक्या बीजेपी में शामिल होंगे रेवंत रेड्डी? तेलंगाना सीएम को लेकर निज़ामाबाद के सांसद धर्मपुरी के बयान ने मचाई सनसनीखेज