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अकोट और अंबरनाथ के बाद अचलपुर नगर परिषद?, भाजपा, एआईएमआईएम और कांग्रेस ने हाथ मिलाया?, सत्ता में हर कुछ संभव, 41 सदस्यीय परिषद में तीनों दल के पास 27 पार्षद

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: January 22, 2026 21:08 IST

Akot and Ambernath, Achalpur Municipal Council: निर्दलीयों को 10, प्रहार जनशक्ति पार्टी को दो और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) को दो सीटें मिली थीं।

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ठळक मुद्देAkot and Ambernath, Achalpur Municipal Council: एआईएमआईएम के एक पार्षद को शिक्षा एवं खेल समिति का अध्यक्ष निर्विरोध चुना गया। Akot and Ambernath, Achalpur Municipal Council: कांग्रेस के एक सदस्य को जलापूर्ति समिति का अध्यक्ष बनाया गया।Akot and Ambernath, Achalpur Municipal Council: भाजपा के एक पार्षद को महिला एवं बाल कल्याण समिति की कमान सौंपी गई।

नागपुरः शीर्ष नेतृत्व की नाराजगी के बावजूद, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) और कांग्रेस ने महाराष्ट्र के अमरावती जिले की अचलपुर नगर परिषद में विभिन्न समितियों के अध्यक्षों का निर्विरोध चुनाव सुनिश्चित करने के लिए आपस में तालमेल किया है। यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब कुछ दिन पहले ही भाजपा ने अकोट और अंबरनाथ के स्थानीय निकायों में क्रमशः असदुद्दीन ओवैसी नीत एआईएमआईएम और कांग्रेस के साथ गठजोड़ किया था। पिछले दिनों अचलपुर में हुए स्थानीय निकाय चुनावों में 41 सदस्यीय नगर परिषद में कांग्रेस ने 15 सीटें जीती थीं, जबकि भाजपा को नौ, एआईएमआईएम को तीन, निर्दलीयों को 10, प्रहार जनशक्ति पार्टी को दो और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) को दो सीटें मिली थीं।

इस तालमेल के बाद, एआईएमआईएम के एक पार्षद को शिक्षा एवं खेल समिति का अध्यक्ष निर्विरोध चुना गया। इसी तरह कांग्रेस के एक सदस्य को जलापूर्ति समिति का अध्यक्ष बनाया गया, जबकि भाजपा के एक पार्षद को महिला एवं बाल कल्याण समिति की कमान सौंपी गई। अचलपुर से भाजपा विधायक प्रवीण तयाडे ने मीडिया से कहा कि इस तालमेल के लिए उन्हें विश्वास में नहीं लिया गया।

उन्होंने बताया कि स्थानीय निकाय चुनावों में उन्हें केवल वार्ड संख्या एक की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। भाजपा और एआईएमआईएम के बीच तालमेल को लेकर पूछे गए सवाल पर तयाडे ने कहा, “मैं हिंदुत्व विचारधारा वाला विधायक हूं और हमारी पार्टी भी हिंदुत्व की विचारधारा पर काम करती है, इसलिए मैं ऐसा कभी नहीं कर सकता।

हालांकि, इस मामले में पार्टी के वरिष्ठ नेता जो भी निर्णय लेंगे, हम उसे स्वीकार करेंगे।” राज्य में पिछले दिनों हुए स्थानीय निकाय चुनावों के बाद भाजपा ने अकोला जिले की अकोट नगर परिषद में एआईएमआईएम के साथ गठजोड़ किया था।

लेकिन मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की फटकार के बाद इसे खत्म कर दिया गया। वहीं, अंबरनाथ नगर परिषद में शिवसेना को सत्ता से दूर रखने के लिए भाजपा और कांग्रेस ने हाथ मिलाया। इस कदम के बाद कांग्रेस ने अपने सभी 12 पार्षदों को निलंबित कर दिया था, हालांकि वे बाद में भाजपा में शामिल हो गए।

टॅग्स :महाराष्ट्रBJPकांग्रेसऑल इंडिया मजलिस -ए -इत्तेहादुल मुस्लिमीनराहुल गांधीअसदुद्दीन ओवैसीदेवेंद्र फड़नवीस
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