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महात्मा गांधी के बाद अब मौलाना अबुल कलाम आजाद के संदर्भ को हटाया गया, NCERT की कक्षा 11 के पाठ्यक्रम में किया गया बदलाव

By अंजली चौहान | Updated: April 13, 2023 13:46 IST

पाठ्यपुस्तक में से जम्मू-कश्मीर के सशर्त परिग्रहण के संदर्भ भी उसी पाठ्यपुस्तक से हटा दिए गए हैं। किताब के दसवें अध्याय 'द फिलॉसफी ऑफ द कॉन्स्टीट्यूशन' में एक वाक्य हटा दिए गया है।

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ठळक मुद्देएनसीईआरटी की किताब से मौलाना अबुल कलाम आजाद के संदर्भ को 11वीं की किताब से हटाया गयाअध्याय में से जम्मू-कश्मीर के 370 के संदर्भों को भी हटाया गयाइससे पहले महात्मा गांधी के अध्याय को हटाने को लेकर काफी विवाद हुआ था

नई दिल्ली: राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) ने अपने कक्षा 11वीं के पाठ्यक्रम में बड़ा बदलाव किया है। स्वतंत्र भारत के पहले शिक्षा मंत्री मौलाना अबुल कलाम आजाद के संदर्भों को एनसीईआरटी ने राजनीतिक विज्ञान की पुस्तकों से हटाने का फैसला किया है।

एनसीईआरटी का ये फैसला ऐसे वक्त में आया है, जब अभी हाल ही में राष्ट्रीय पिता महात्मा गांधी की हत्या और स्वतंत्रता के बाद उन्होंने क्या किया, के संदर्भों को हटाने से विवाद खड़ा हो गया था। 

ग्यारहवीं के पाठ्यपुस्तक के पहले अध्याय में 'संविधान- क्यों और कैसे शीर्षक' से संविधान सभा समिति की बैठकों से मौलाना आजाद का नाम हटाने के लिए एक पंक्ति को संशोधित किया गया है। संशोधित पंक्ति में अब, "आमतौर पर जवाहरलाल नेहरू, राजेंद्र प्रसाद, सरदार पटेल या बीआर अंबेडकर इन समितियों की अध्यक्षता करते थे।" 

मौलाना आजाद ने 1946 में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी जब उन्होंने संविधान का मसौदा तैयार करने के लिए भारत की नई संविधान सभा के चुनावों में नेतृ्त्व किया। उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में अपने छठे वर्ष में ब्रिटिश कैबिनेट मिशन के साथ बातचीत करने के लिए एक प्रतिनिधिमंडल का नेतृ्त्व भी किया था। 

धारा 370 के संदर्भ भी हटाए गए 

गौरतलब है कि पाठ्यपुस्तक में से जम्मू-कश्मीर के सशर्त परिग्रहण के संदर्भ भी उसी पाठ्यपुस्तक से हटा दिए गए हैं। किताब के दसवें अध्याय 'द फिलॉसफी ऑफ द कॉन्स्टीट्यूशन' में एक वाक्य हटा दिए गया है।

नए अध्ययन में लिखा गया है कि 'उदाहरण के लिए जम्मू और कश्मीर का भारतीय संघ में विलय संविधान के अनुच्छेद 370 के तहत अपनी स्वायत्तता की रक्षा करने की प्रतिबद्धता पर आधारित था।'

अगस्त 2019 में केंद्र सरकार द्वारा अनुच्छेद 370 को निरस्त कर दिया गया था, जिससे जम्मू और कश्मीर की स्वायत्त स्थिति समाप्त हो गई थी।

दो महीने बाद, अक्टूबर 2019 में, पूर्ववर्ती राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित किया गया।

टॅग्स :NCERTमहात्मा गाँधीMahatma Gandhi
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