लाइव न्यूज़ :

मोबाइल को ऐसे इस्तेमाल करने से नपुंसक बन सकते हैं आप, स्पर्म क्वालिटी भी हो सकती है खराब

By लोकमत समाचार ब्यूरो | Updated: January 11, 2019 08:15 IST

वर्ष 2014 में पब्लिश ब्रिटेन के एक्जिटर युनिवर्सिटी की रिसर्च में मोबाइल से निकलने वाली इलेक्ट्रोमैग्नेटिक विकिरणों का नपुंसकता से संबंध पाया गया था। रिसर्चर ने आगाह किया था, पैंट की जेब में स्मार्टफोन रखने से पुरुषों में न सिर्फ स्पर्म का उत्पादन घटता है, बल्कि अंडाणुओं को निषेचित करने की गति भी धीमी पड़ जाती है।

Open in App

मोबाइल हमारी लाइफ में इस तरह रच-बस गया है कि इससे एक पल दूर होने पर सूना-सूना लगता है। हालत ये है, कुछ लोग सोते समय भी स्मार्टफोन सिरहाने रखकर सोते हैं। अगर आप भी ऐसा करते हैं, तो आदत बदल डालिए। रिसर्च के दौरान मोबाइल से निकलने वाली विकिरणों को कैंसर से लेकर नपुंसकता तक के खतरे से जोड़ा गया है।

कैंसर का खतराअंतर्राष्ट्रीय कैंसर रिसर्च एजेंसी ने स्मार्टफोन से निकलने वाली इलेक्ट्रोमैग्नेटिक विकिरणों को संभावित कार्सिनोजन (कैंसरकारी तत्वों) की श्रेणी में रखा है। एजेंसी ने चेताया है, स्मार्टफोन का ज्यादा इस्तेमाल मस्तिष्क और कान में ट्यूमर की वजह बन सकता है, जिसके कैंसर की आशंका है।

संतान सुख पर संकटवर्ष 2014 में पब्लिश ब्रिटेन के एक्जिटर युनिवर्सिटी की रिसर्च में मोबाइल से निकलने वाली इलेक्ट्रोमैग्नेटिक विकिरणों का नपुंसकता से संबंध पाया गया था। रिसर्चर ने आगाह किया था, पैंट की जेब में स्मार्टफोन रखने से पुरुषों में न सिर्फ स्पर्म का उत्पादन घटता है, बल्कि अंडाणुओं को निषेचित करने की गति भी धीमी पड़ जाती है।

नींद में खलल डालती है नीली रोशनी

वर्ष 2017 में इजरायल की हाइफा युनिवर्सिटी की रिसर्च में सोने से आधे घंटे पहले से स्क्रीन का इस्तेमाल बंद कर देने की सलाह दी गई थी। रिसर्चर का कहना था, स्मार्टफोन, कम्प्यूटर और टीवी स्क्रीन से निकलने वाली नीली रोशनी ‘स्लीप हार्मोन’ मेलाटोनिन का उत्पादन बाधित करती है। इससे व्यक्ति को न सिर्फ सोने में दिक्कत होती है, बल्कि सुबह उठने पर थकान, कमजोरी और भारीपन भी लगता है।

जलने-फटने का भी जोखिम

पहले भी मोबाइल बैटरी के फटने की घटनाओं के बारे में सुना होगा।  बता दें, जुलाई 2014 में डलास में तकिए के नीचे स्मार्टफोन रख सो रही किशोरी के फोन में आग लगी थी। मई 2015  में कनेक्टिकट में बिस्तर पर फोन चार्ज कर रहे किशोर का फोन व गद्दा जल गया था। पिछले साल कुआलालंपुर में सोते समय युवक का फोन फट गया था।

टॅग्स :हेल्थ टिप्समेडिकल ट्रीटमेंट
Open in App

संबंधित खबरें

स्वास्थ्यसन फार्मा ने लॉन्च किया ‘हार्ट के लिए 8- मेकिंग इंडिया हार्ट स्ट्रॉन्ग’ कैंपेन, दिल के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए भारतीयों से रोजाना में अच्छी आदतें अपनाने का आग्रह

स्वास्थ्यरात में सिर्फ़ 11 मिनट ज़्यादा सोने से हार्ट अटैक का खतरा हो सकता है कम

स्वास्थ्यरूमेटॉइड आर्थराइटिस विशेषज्ञ डॉ. मुकेश शारदा को Guinness World Records से अंतरराष्ट्रीय सम्मान

स्वास्थ्यक्या हीटवेव के दौरान आपकी किडनी को खतरा है? पीक गर्मी आने से पहले जानने हैल्थ टिप्स की ज़रूरी बातें

स्वास्थ्यWorld Hearing Day: जम्‍मू कश्‍मीर में सुनने की क्षमता में बढ़ती कमी पर विशेषज्ञों ने जताई चिंता, जानें वजह

स्वास्थ्य अधिक खबरें

स्वास्थ्यबांग्लादेश खसरा प्रकोपः 100 से अधिक बच्चों की मौत?, मार्च से अब तक 900 से अधिक केस, खसरा-रूबेला का आपातकालीन टीकाकरण अभियान चलाया?

स्वास्थ्यJammu-Kashmir: जम्‍मू कश्‍मीर में कैंसर का बढ़ता बोझ, 2018 से कश्मीर में 50,000 से ज्‍यादा मामले सामने आए

स्वास्थ्यविश्व स्वास्थ्य दिवसः वैज्ञानिक सोच से बदलेगी सेहत की तस्वीर

स्वास्थ्यपुष्पा… नाम सुनकर फ्लावर समझे क्या? फायर है मैं…”

स्वास्थ्यऑटिज्म : समझ और स्वीकार्यता की जरूरत