लाइव न्यूज़ :

UP Anti-Conversion Law: यूपी में धर्मांतरण विरोधी कानून के तहत पहली बार दोषी ठहराए गए व्यक्ति को 5 साल की सजा

By रुस्तम राणा | Updated: September 18, 2022 19:30 IST

अमरोहा के अतिरिक्त जिला न्यायाधीश (पोक्सो एक्ट) की अदालत ने एक 26 वर्षीय अफजल को 16 साल की लड़की के अपहरण के आरोप में पांच साल की जेल की सजा सुनाई है।

Open in App
ठळक मुद्देदोषी नाबालिग लड़की का जबरदस्ती शादी के लिए धर्म परिवर्तन कराने की कोशिश कर रहा थाअदालत ने पेशे से ड्राइवर आरोपी पर 40,000 रुपये का जुर्माना भी लगायाखुद को अरमान कोहली के रूप में पेश कर हिंदू लड़की को किया था गुमराह

अमरोहा:उत्तर प्रदेश में राज्य के धर्मांतरण विरोधी कानून के तहत पहली बार दोषी ठहराए गए शख्स को 5 साल की सजा सुनाई गई है। अमरोहा के अतिरिक्त जिला न्यायाधीश (पोक्सो एक्ट) की अदालत ने एक 26 वर्षीय अफजल को 16 साल की लड़की के अपहरण के आरोप में पांच साल की जेल की सजा सुनाई है। दोषी नाबालिग लड़की का जबरदस्ती शादी के लिए धर्म परिवर्तन कराने की कोशिश कर रहा था।

अदालत ने पेशे से ड्राइवर आरोपी पर 40,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया। अतिरिक्त जिला न्यायाधीश (पॉक्सो कोर्ट) कपिला राघव ने शनिवार को अफजल को पांच साल की जेल की सजा सुनाई, जिसने खुद को अरमान कोहली के रूप में पेश करके हिंदू लड़की को गुमराह किया था। 

2 अप्रैल, 2021 को अफजल लड़की को भगाकर ले गया था। जब लड़की घर नहीं लौटी तो उसके पिता ने उसी दिन पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। वह लड़की को नई दिल्ली के उस्मानपुर इलाके में ले गया जहां उसने अपनी असली पहचान बताई। उसने जबरन लड़की का धर्म बदल दिया।

हालांकि, इससे पहले कि लड़की को शादी के लिए मजबूर किया जा सके, अमरोहा की एक पुलिस टीम उसके मोबाइल फोन की निगरानी के माध्यम से अफजल के स्थान को ट्रैक करने के बाद वहां पहुंच गई। शिकायत के दो दिन के अंदर बच्ची को छुड़ा लिया गया। ट्रायल के दौरान लड़की ने अफजल के खिलाफ गवाही दी। आरोपी के खिलाफ सबूत के तौर पर लड़की और अफजल के बीच व्हाट्सएप चैट को भी अदालत में पेश किया गया।

गौरतलब है कि फरवरी 2021 में योगी आदित्यनाथ सरकार ने गैरकानूनी धार्मिक रूपांतरण निषेध अधिनियम, 2021 पारित किया था। अधिनियम इसके तहत दोषी लोगों के लिए 15,000 रुपये तक के जुर्माने के अलावा, पांच साल तक जेल की सजा का प्रावधान है।

वहीं यदि अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति समुदायों की महिलाओं या नाबालिग के धर्मांतरण के लिए जेल की अवधि 10 साल तक और 25,000 रुपये तक का जुर्माना है।

टॅग्स :कोर्टलव जिहादउत्तर प्रदेशअमरोहा
Open in App

संबंधित खबरें

भारत2020 Delhi riots case: अदालत ने बीमार माँ की देखभाल के लिए उमर खालिद को अंतरिम ज़मानत देने से किया इनकार

क्राइम अलर्टTwisha Sharma Death Case: 10000 रुपये इनाम की घोषणा, फरार वकील-पति समर्थ सिंह की अग्रिम जमानत याचिका खारिज, पासपोर्ट रद्द करने की प्रक्रिया जारी, वीडियो

क्राइम अलर्टमां का कटा हाथ लेकर 3 दिन तक भटकता रहा ITBP जवान, कानपुर की घटना से सनसनी

क्राइम अलर्टTwisha Sharma death case: 60 दिन की गर्भवती और मारिजुआना का सेवन?, ट्विशा शर्मा की सास ने कहा-ग्लैमर की दुनिया में धकेली गई और माता-पिता ने छोड़ दी?

क्राइम अलर्टउत्तर प्रदेश में वैन और ट्रक की भीषण टक्कर में 10 लोगों की मौत, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गहरा शोक व्यक्त किया

क्राइम अलर्ट अधिक खबरें

क्राइम अलर्टडंडा और रॉड से हमला कर पत्नी फूल कुमारी दास, 3 बच्चे ह्रदय दास, संध्या दास और सोन दास को मार डाला, चंदनपट्टी गांव से दिल दहला देने वाली घटना

क्राइम अलर्टनीट पेपरफूट मामले में सीबीआई टीम की नागपुर-चंद्रपुर में छापेमारी, दो छात्राओं और एक छात्र से पूछताछ, लातूर से मिली थी ‘नागपुर लिंक

क्राइम अलर्टTelangana: दूसरी शादी के लिए महिला ने पानी की टंकी में डुबोकर अपनी छह साल की बेटी को मार डाला

क्राइम अलर्ट29 वर्षीय पंजाबी गायिका यशविंदर कौर की कथित अपहरण के छह दिन बाद मिली डेड बॉडी

क्राइम अलर्टसुखदेवगिरी गोस्वामी से जागृति की शादी, 2 बच्चे की मां को पति के बड़े भाई शांतिगिरी से हुआ प्यार और की शादी, मन नहीं भरा तो कांतिलाल से दूसरा प्रेम?, 25000 रुपये देकर ऐसे रचा साजिश?