नवादाः बिहार में नवादा जिले के गोविंदपुर थाना क्षेत्र के आजाद नगर मोहल्ले में झारखंड के जंगलों से भटके जंगली हाथियों ने जमकर आतंक मचाया। रविवार सुबह लगभग 60 वर्षीय बच्चू राम सुबह पेशाब करने घर से बाहर निकले थे। तभी पीछे से अचानक हाथी आ गया। हाथी ने उन्हें सूंड से उठाकर बार-बार पटका और पैरों से कुचल दिया। जिससे घटनास्थल पर ही उनकी मौत हो गई।
ताजा घटना के बाद अब तक मरने वालों की संख्या चार हो चुकी है। बता दें कि आए दिन हो रहे हमलों ने ग्रामीणों की जिंदगी को असुरक्षित बना दिया है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हाथी ने बच्चू राम को अपनी सूंढ़ में लपेटकर ऊपर उठाया और जोर से जमीन पर पटक दिया। इसके बाद भी उसका गुस्सा शांत नहीं हुआ और उसने अपने भारी पैरों से उन्हें कुचल दिया।
इस खौफनाक हमले में मौके पर ही उनकी मौत हो गई। घटना इतनी अचानक और भयावह थी कि आसपास के लोग कुछ समझ ही नहीं पाए और दूर से ही देखते रह गए। वहीं, घटना की सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और हाथियों को सुरक्षित तरीके से जंगल की ओर खदेड़ने की कोशिश कर रही है।
अधिकारियों के मुताबिक, हाथियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है और विशेषज्ञों की मदद भी ली जा रही है। उधर, स्थानीय लोग बताते हैं कि हाथी रात के अंधेरे में गांव में घुस आते हैं। खेतों में काम कर रहे लोग या सुबह-सवेरे बाहर निकलने वाले बुजुर्ग सबसे ज्यादा शिकार बन रहे हैं।
माधोपुर गांव समेत कई इलाकों में पिछले एक महीने से हाथियों का तांडव जारी है। लोगों का आरोप है कि वन विभाग के पास न तो उचित ट्रेनिंग है और न ही प्रभावी रेस्क्यू प्लान। हाथी को भगाने के नाम पर सिर्फ शोर मचाया जाता है, जो कुछ घंटों बाद वापस लौट आता है। जानकारों का कहना है कि झारखंड से भटककर आए हाथी भोजन की तलाश में गांवों में घुस रहे हैं।
जंगलों का सिकुड़ना और फसलों की आसानी से उपलब्धता इस समस्या को बढ़ा रही है। घटना के बाद हाथी वहां से निकलकर पास के खेतों और झाड़ियों में छिप जाते हैं, जिससे इलाके में और डर फैल गया। ग्रामीणों का कहना है कि हाथियों का यह झुंड पिछले कुछ दिनों से इलाके में घूम रहा है और लगातार लोगों को निशाना बना रहा है।