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टीएमसी के मुंह से धर्म की बात शोभा नहीं?, अधीर रंजन चौधरी ने कहा-पुलिस और TMC के गुंडे ने 15 साल से पश्चिम बंगाल में क्या गदर काटे हैं?, वीडियो

By सतीश कुमार सिंह | Updated: May 2, 2026 15:08 IST

चुनाव में केंद्रीय बल की उपस्थिति में आम लोग मतदान कर पाए, भयमुक्त होकर चुनाव में शामिल हो पाए। इसका मतलब यह नहीं है कि मैं भाजपा, चुनाव आयोग का समर्थन करता हूं।

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ठळक मुद्देपंचायत चुनाव से लेकर नगर पालिका आदि चुनाव में भी नामांकन भरने नहीं दिया जाता।पुलिस और TMC के गुंडे साथ मिलकर चुनाव में विपक्षियों के शामिल होने के रास्ते बंद कर देते हैं।अगर कोई जीतता है तो उसे सर्टिफिकेट भी नहीं दिया जाता। 

मुर्शिदाबाद पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में कांग्रेस उम्मीदवार अधीर रंजन चौधरी ने सीएम ममता बनर्जी और टीएमसी पर हल्ला बोला। चौधरी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट में कोई भी जा सकता है, लेकिन बंगाल में सत्तारबढ़ पार्टी टीएमसी के मुंह से धर्म की बात शोभा नहीं देती। बंगाल में पंचायत चुनाव से लेकर नगर पालिका आदि चुनाव में भी नामांकन भरने नहीं दिया जाता।

पुलिस और TMC के गुंडे साथ मिलकर चुनाव में विपक्षियों के शामिल होने के रास्ते बंद कर देते हैं। अगर कोई जीतता है तो उसे सर्टिफिकेट भी नहीं दिया जाता। इस बार मैंने देखा कि चुनाव में केंद्रीय बल की उपस्थिति में आम लोग मतदान कर पाए, भयमुक्त होकर चुनाव में शामिल हो पाए। इसका मतलब यह नहीं है कि मैं भाजपा, चुनाव आयोग का समर्थन करता हूं।

SIR अलग है लेकिन चुनाव में लोगों ने केंद्रीय बलों के कारण भयमुक्त होकर मतदान किया है। एसआईआर का मामला अलग है, लेकिन केंद्रीय बलों की मौजूदगी और सक्रियता के कारण ही लोग बिना किसी डर के चुनाव में मतदान कर पाए। पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज अग्रवाल ने फाल्टा में पुनर्मतदान पर कहा कि पुनर्मतदान कुछ बूथों पर हो रहा है।

आकलन किया गया, जहां पुनर्मतदान की जरूरत लगी वहां पुनर्मतदान हो रहा है। फाल्टा में पुनर्मतदान होगा या नहीं, यह चुनाव आयोग तय करेगा। अगर लोग चाहें तो पुनर्मतदान हो, ऐसा कोई प्रावधान नहीं है। स्वतंत्र और निष्पक्ष होने चाहिए और इसे लेकर ECI को एक रिपोर्ट भेज दी गई है। ECI तय करेगा कि फाल्टा में पुनर्मतदान होगा या नहीं।

निर्वाचन आयोग मतगणना कर्मियों का चयन कर सकता है, आगे कोई आदेश आवश्यक नहीं: न्यायालय

उच्चतम न्यायालय ने शनिवार को कहा कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में मतगणना के लिए केंद्र सरकार के कर्मियों की तैनाती संबंधी निर्वाचन आयोग के परिपत्र को चुनौती देने वाली तृणमूल कांग्रेस की याचिका पर आगे किसी आदेश की आवश्यकता नहीं है। इस याचिका में तृणमूल कांग्रेस ने कलकत्ता उच्च न्यायालय द्वारा याचिका खारिज किए जाने के फैसले को चुनौती दी थी।

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