लाइव न्यूज़ :

मीना अल-अहमदी रिफाइनरी के बाद 'मीना अब्दुल्ला' को बनाया निशाना, ड्रोन हमले के बाद कुवैत में दो तेल रिफाइनरी में लगी आग?

By सतीश कुमार सिंह | Updated: March 19, 2026 14:35 IST

कुवैत के सूचना मंत्रालय ने बताया कि कुवैत नेशनल पेट्रोलियम कंपनी के स्वामित्व वाली दूसरी रिफाइनरी में भी आग लग गई, जब ड्रोन हमले में मीना अब्दुल्ला स्थित रिफाइनरी को निशाना बनाया गया।

Open in App
ठळक मुद्दे ड्रोन हमले में मीना अब्दुल्ला स्थित रिफाइनरी को निशाना बनाया गया।यह इस मामले में फांसी दिए जाने का पहला ज्ञात मामला है। ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर बढ़ते हमलों के बीच अधिकारी नुकसान का आकलन कर रहे हैं।

दुबई: कुवैत ने कहा कि बृहस्पतिवार को ड्रोन हमले के बाद देश में दो तेल रिफाइनरी में आग लग गई। कुवैत ने बताया कि ड्रोन हमले के कारण मीना अब्दुल्ला रिफाइनरी में आग लग गई। इससे पहले बृहस्पतिवार को ही ड्रोन हमले के बाद इसके पास स्थित मीना अल-अहमदी रिफाइनरी में आग लग गई थी। खाड़ी देशों के ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर बढ़ते हमलों के बीच अधिकारी नुकसान का आकलन कर रहे हैं। कुवैत के सूचना मंत्रालय ने बताया कि कुवैत नेशनल पेट्रोलियम कंपनी के स्वामित्व वाली दूसरी रिफाइनरी में भी आग लग गई, जब ड्रोन हमले में मीना अब्दुल्ला स्थित रिफाइनरी को निशाना बनाया गया।

ईरान की न्यायपालिका ने जनवरी में देशभर में हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान हिरासत में लिए गए तीन लोगों को फांसी दिए जाने की बृहस्पतिवार को घोषणा की। यह इस मामले में फांसी दिए जाने का पहला ज्ञात मामला है। समाचार एजेंसी रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, सऊदी अरब की तेल कंपनी अरामको की लाल सागर बंदरगाह यानबू स्थित SAMREF रिफाइनरी पर हवाई हमला हुआ है।

कतर और संयुक्त अरब अमीरात में इसी तरह के हमले हुए हैं। ईरान के ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर अमेरिकी-इजरायली हमलों के जवाब में किए गए। सऊदी अरामको और एक्सॉनमोबिल के संयुक्त उद्यम वाली इस महत्वपूर्ण ऊर्जा सुविधा को हमले में मामूली नुकसान पहुंचा है।

यह हमला ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर द्वारा SAMREF सहित सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और कतर में स्थित कई तेल सुविधाओं को खाली करने की चेतावनी जारी करने के बाद हुआ। सऊदी अरामको ने अभी तक इस हमले पर कोई बयान जारी नहीं किया है। हमले से वैश्विक तेल आपूर्ति को खतरा यह हमला वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए खतरा है।

क्योंकि पिछले महीने के अंत में युद्ध शुरू होने के बाद ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य को प्रभावी रूप से बंद करने के बाद से यानबू बंदरगाह खाड़ी अरब देशों से कच्चे तेल के दो प्रमुख निर्यात मार्गों में से एक रहा है। ईरान और ओमान के बीच स्थित यह संकरा जलमार्ग सामान्यतः विश्व की तेल आपूर्ति का पांचवां हिस्सा वहन करता है।

टॅग्स :ईरानआगअमेरिकादुबईUAEक्रूड ऑयल
Open in App

संबंधित खबरें

विश्वईरान युद्ध के बीच रक्षा समझौते के तहत पाकिस्तान ने सऊदी में अपने 8,000 सैनिक और जेट किए तैनात

ज़रा हटकेप्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ईंधन बचाने की अपील, जम्मू में घोड़ा-तांगे दौड़ाने लगे लोग, वीडियो

विश्वराष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बीजिंग यात्रा, ताइवान का जिक्र नहीं?, व्हाइट हाउस ने फैक्ट शीट जारी किया

कारोबार₹6 ट्रिलियन का नुकसान! सेंसेक्स में 833.20 अंक की गिरावट, क्रूड का भाव 111.2 डॉलर प्रति बैरल

विश्वतेलंगाना की रहने वाली 25 वर्षीय नव्या गडुसु की मौत और सड़क दुर्घटना में 6 घायल 

कारोबार अधिक खबरें

कारोबार12 ज्योतिर्लिंगों में से एक भीमाशंकर मंदिर पर खर्च होंगे 172.22 करोड़ रुपये, महाराष्ट्र सरकार ने 6 तीर्थ और विरासत स्थलों के लिए 993 करोड़ रुपये मंजूर

कारोबारGold Price Today: सोने का भाव आज का 18 मई 2026, जानें दिल्ली, मुंबई समेत बड़े शहरों में सोने की कीमत

कारोबारऊर्जा संकट और बढ़ते विदेशी मुद्रा संकटः मितव्ययिता की शुरुआत तो बहुत पहले ही हो जानी चाहिए थी!

कारोबारघरों की ‘होम मिनिस्टर’ पर बचत की जिम्मेदारी?, पीएम मोदी की ‘बचत और आत्मनिर्भरता’ की अपील?

कारोबारITR Filing 2026: कौन भर सकता है ITR-1 सहज फॉर्म? आखिरी तारीख से पहले नोट कर लें ये बातें; भूलकर भी न करें ये गलतियां