बजौम ने यह भी कहा कि नाइजर अफ्रीका के अशांत साहेल क्षेत्र में एकमात्र लोकतांत्रिक देश है जो मानवाधिकारों का सम्मान करता है और ‘बोको हराम’ के माध्यम से आईएसआईएस के हमलों को झेलता है। उन्होंने कहा कि तख्तापलट की सफलता के ‘हमारी सीमाओं से कहीं बहुत आगे
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यह सुनने में अजीब लग सकता है लेकिन सच है। हंगामे के बीच संसद में खान एवं खनिज (विकास और विनियमन) संशोधन विधेयक पारित किए जाने के केंद्र सरकार के कदम से गैर-एनडीए शासित अधिकांश राज्यों को फायदा हुआ है।
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नूंह हिंसा पर बोलते हुए सुप्रीम कोर्ट ने भी कड़ी टिप्पणी की है और कहा है कि किसी को भी हेट स्पीच अर्थात नफरत भरे शब्द नहीं बोलने चाहिए। कोर्ट ने यह भी कहा है कि आपके शब्दों में हिंसा का भी कोई उल्लेख नहीं होना चाहिए।
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अनुमान है कि अगले 20 वर्षों में बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में भारत का निर्भरता अनुपात सबसे कम होगा। इसमें कोई दो मत नहीं कि देश की अर्थव्यवस्था को तेजी से आगे बढ़ाने में बुनियादी ढांचे के निर्माण में आई क्रांति अहम भूमिका निभा रही है।
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आज के डिजिटल युग में डाटा बहुत ही कीमती चीज बन गया है। आपने कई बार आपने गौर किया होगा कि गूगल, फेसबुक या अन्य सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर आप कुछ भी सर्च करते हैं तो उससे संबंधित विज्ञापन आपको दिखाई देने लगता है। इससे आप समझ सकते हैं कि कंपनियां आपके डा
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आज आवश्यकता इसी बात की है कि मूल निवासियों को मूल निवासी ही रहने दिया जाए। उनकी सहमति से उनका उन्नयन हो। उन पर कोई वन कानून लादा न जाए। वे जंगलों के संरक्षक हैं। पर्यावरण के रक्षक हैं। उनको वनों का शत्रु न समझें।
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एक दशक के दौरान महाराष्ट्र के बड़े हिस्से में बरसात के दिनों में भूस्खलन भयावह रूप से नुकसान कर रहा है। दूरस्थ अंचलों की बात तो दूर है, देश की आर्थिक राजनीति कही जाने वाली मुंबई में पिछले साल 19 जून को सुबह चेंबूर के भारत नगर में पहाड़ के तराई में स्
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विदेशी चीतों को भारत की धरती कभी रास नहीं आई. इनको बसाने के प्रयास पहले भी होते रहे हैं. एक समय चीते की रफ्तार भारतीय वनों की शान हुआ करती थी. लेकिन 1947 के आते-आते चीतों की आबादी लुप्त हो गई.
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तय कार्यक्रम के अनुसार पाकिस्तान की राष्ट्रीय असेंबली नौ अगस्त को भंग होनी है. इसके बाद नब्बे दिन के भीतर चुनाव कराए जाने हैं. लेकिन संकेत मिल रहे हैं कि चुनाव कुछ महीनों के लिए टाले जा सकते हैं.
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मदन दास जी ने एक ऐसे भारत की कल्पना की थी, जिसके प्रत्येक नागरिक के लिए आत्मनिर्भरता जीवन की वास्तविकता हो. एक ऐसे समाज का निर्माण हो जहां सम्मान, सशक्तिकरण और सामूहिक समृद्धि की भावना हो.
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