लाइव न्यूज़ :

ब्लॉग: ईडी प्रमुख का कार्यकाल बढ़ाने पर फिर क्यों बढ़ा विवाद?

By शशिधर खान | Updated: November 22, 2022 09:14 IST

साल 2020 में केंद्र ने एस.के. मिश्रा का कार्यकाल समाप्त होने के बाद उन्हें 2 साल का सेवा विस्तार दिया था. 2021 में जब अध्यादेश जारी करके केंद्र सरकार ने एस.के. मिश्रा का कार्यकाल बढ़ाया तो मामला सुप्रीम कोर्ट के पास गया.

Open in App

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी-एन्फोर्समेंट डायरेक्टरेट) प्रमुख एस.के. मिश्रा को तीसरी बार सेवा विस्तार देने के केंद्र सरकार के फैसले पर नया विवाद पैदा हो गया है. यह ऐसे समय में सुप्रीम कोर्ट से निकला है, जब ईडी के कार्यकाल से राजनीतिक विवाद सुर्खियों में है.

विदित हो कि ईडी निदेशक का कार्यकाल पांच वर्ष करने के अध्यादेश को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही है. उसके बावजूद एस.के. मिश्रा का तीसरी बार कार्यकाल इसी हफ्ते बढ़ाया गया है. अगले साल वे इस पद पर पांच साल पूरे कर लेंगे.  

केंद्रीय सतर्कता आयोग एक्ट में दो अध्यादेशों द्वारा संशोधन करके केंद्र सरकार ने 14 नवंबर, 2021 को ईडी निदेशक और सीबीआई निदेशक के लिए पांच साल सेवा विस्तार का प्रावधान कर दिया था. उसके साथ ही इन दोनों प्रमुखों का सीवीसी एक्ट के अंतर्गत निर्धारित 2 साल का कार्यकाल बढ़कर 5 साल का हो गया. नवंबर, 2021 में केंद्र सरकार ने उस वक्त संशोधन अध्यादेश जारी किया, जब ईडी डायरेक्टर संजय कुमार मिश्रा की सेवा समाप्त होने में मात्र तीन दिन शेष रह गए थे.

2020 में केंद्र ने मिश्रा का कार्यकाल समाप्त होने के बाद उन्हें 2 साल का सेवा विस्तार दिया था. 2021 में जब अध्यादेश जारी करके केंद्र सरकार ने एस.के. मिश्रा का कार्यकाल बढ़ाया तो मामला सुप्रीम कोर्ट के पास गया. इस अध्यादेश की वैधता को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई. शीर्ष कोर्ट ने एस.के. मिश्रा का सेवा विस्तार रद्द तो नहीं किया, मगर केंद्र सरकार से कहा कि 17 नवंबर (2021) से आगे ईडी निदेशक को और सेवा विस्तार नहीं दिया जाए. लेकिन 17 नवंबर की तारीख आने से तीन दिन पहले 14 नवंबर को ही केंद्र ने अध्यादेश लाकर एस. के. मिश्रा के सेवा विस्तार का इंतजाम कर दिया. 

राष्ट्रपति ने 18 नवंबर को अध्यादेश लागू करके मिश्रा का कार्यकाल एक साल के लिए बढ़ा दिया. केंद्र सरकार के आदेश के तुरंत बाद याचिकाकर्ताओं ने शीर्ष कोर्ट के पास गुहार लगाई कि यह मामला जल्द सुनवाई के लिए लिस्टिंग (सूचीबद्ध) किया जाए, क्योंकि सरकार ने फिर से संजय कुमार मिश्रा का कार्यकाल बढ़ा दिया. सुनवाई कर रही 2 जजों की सुप्रीम पीठ में से एक जस्टिस एस.के. कौल ने अगले ही दिन 18 नवंबर को खुद को अलग करते हुए कहा कि यह मामला मैं नहीं ले सकता, अब इसकी सुनवाई वो पीठ करेगी, जिसका हिस्सा वे नहीं हैं.

अब इसकी सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट चीफ जस्टिस वाई.वी. चंद्रचूड़ नई पीठ गठित करेंगे. फिर जब सुनवाई शुरू होगी तब पता चलेगा कि शीर्ष कोर्ट की अवहेलना पर जज क्या रुख अपनाते हैं.

टॅग्स :प्रवर्तन निदेशालयसुप्रीम कोर्ट
Open in App

संबंधित खबरें

कारोबारअनिल अंबानी के करीबी अमिताभ झुनझुनवाला और अमित बापना अरेस्ट, ईडी एक्शन

भारतअशोक मित्तल पर ईडी का शिकंजा! राज्यसभा में राघव चड्ढा की जगह उपनेता बने AAP सांसद के घर छापेमारी

भारतसुप्रीम कोर्ट के जज ने युवा वकीलों को रविवार को भी काम करने की सलाह दी

भारतलालू यादव को नहीं राहत?, सुप्रीम कोर्ट ने जमीन के बदले नौकरी मामले में सीबीआई एफआईआर रद्द करने से किया इनकार

भारत'₹15,000 देते रहो और खुश रहो': सुप्रीम कोर्ट ने पत्नी से 16 साल से अलग रह रहे पति की तलाक़ की अर्ज़ी ठुकराई

भारत अधिक खबरें

भारतNari Shakti Vandan Adhiniyam: महिलाएं राजनीति में सुधार ला सकेंगी?

भारतNari Shakti Vandan Adhiniyam: समावेशी लोकतंत्र की निर्णायक दिशा में कदम

भारतदक्षिण भारत के 5 राज्य में अभी 129 सांसद और परिसीमन के बाद होंगे 195?, कर्नाटक में 42,आंध्र प्रदेश में 38, तेलंगाना में 26, तमिलनाडु में 59 और केरल में 30?, अमित शाह ने समझाया गणित?

भारतमध्यप्रदेश: आचार्य शंकर की गुरु एवं संन्यास भूमि ओंकारेश्वर में मनाया जाएगा एकात्म पर्व, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सहित द्वारका शंकराचार्य सदानंद सरस्वती करेंगे शुभारंभ

भारतमहाराष्ट्र: 1 मई से रिक्शा और टैक्सी ड्राइवरों के लिए मराठी भाषा ज़रूरी