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शशांक द्विवेदी का ब्लॉग: ग्रामीण भारत में आएगी इंटरनेट क्रांति

By लोकमत समाचार ब्यूरो | Updated: December 7, 2018 14:52 IST

टेलाइट के ऑपरेशनल होने के बाद इससे देश में हर सेकेंड 100 गीगाबाइट से ऊपर की ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी मिल सकेगी। ग्रामीण भारत में इंटरनेट क्रांति के लिहाज से यह प्रक्षेपण काफी महत्वपूर्ण है।

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एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी इसरो ने अब तक के सबसे वजनी सैटेलाइट का प्रक्षेपण कर दिया। दक्षिणी अमेरिका के फ्रेंच गुयाना के एरियानेस्पेस के एरियाने-5 रॉकेट से 5,854 किलोग्राम वजन वाले ‘सबसे अधिक वजनी’ उपग्रह जीसैट-11 को लॉन्च किया गया। जीसैट-11 देशभर में ब्रॉडबैंड सेवाएं उपलब्ध कराने में अहम भूमिका निभाएगा।  

इस सैटेलाइट को इंटरनेट कनेक्टिविटी के लिए गेम चेंजर कहा जा रहा है। इसके काम शुरू करने के बाद देश में इंटरनेट स्पीड में क्र ांति आ जाएगी। इसके जरिए हर सेकेंड 100 गीगाबाइट से ऊपर की ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी मिलेगी। इस सैटेलाइट की खास बात है कि यह बीम्स का कई बार प्रयोग करने में सक्षम है, जिससे पूरे देश के भौगोलिक क्षेत्न को कवर किया जा सकेगा। इससे पहले के जो सैटेलाइट लॉन्च किए गए थे उसमें ब्रॉड सिंगल बीम का प्रयोग किया गया था जो इतने शक्तिशाली नहीं होते थे कि बहुत बड़े क्षेत्न को कवर कर सकें। जीसैट-11 का जीवनकाल 15 साल से अधिक का है।

सैटेलाइट के ऑपरेशनल होने के बाद इससे देश में हर सेकेंड 100 गीगाबाइट से ऊपर की ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी मिल सकेगी। ग्रामीण भारत में इंटरनेट क्र ांति के लिहाज से यह प्रक्षेपण काफी महत्वपूर्ण है। इसरो प्रमुख के। सिवन के अनुसार जीसैट-11 भारत की बेहतरीन अंतरिक्ष संपत्ति है। यह भारत द्वारा निर्मित अब तक का सबसे भारी, सबसे बड़ा और सबसे शक्तिशाली उपग्रह है। यह अत्याधुनिक और अगली पीढ़ी का संचार उपग्रह है जिसे इसरो के आई-6 के बेस के साथ कंफिगर किया गया है। 

कुल मिलाकर जीसैट-11 भारत की मुख्य भूमि और द्वीपीय क्षेत्न में हाई-स्पीड डेटा सेवा मुहैया कराने में बड़ा मददगार साबित होगा। साथ ही चार संचार उपग्रहों के माध्यम से देश में 100 जीबीपीएस डेटा स्पीड मुहैया कराने का लक्ष्य रखा गया है। इस श्रेणी में जीसैट-11 तीसरा संचार उपग्रह है। संचार उपग्रह के मामले में भारी होने का मतलब है कि वो बहुत ताकतवर है और लंबे समय तक काम करने की क्षमता रखता है। साथ ही यह अब तक बने सभी सैटेलाइट में सबसे ज्यादा बैंडविड्थ साथ ले जाना वाला उपग्रह भी होगा और इससे पूरे भारत में इंटरनेट की सुविधा मिल सकेगी, खासकर ग्रामीण भारत में इसके जरिये इंटरनेट क्रांति संभव होगी जो देश के विकास के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।

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