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ब्लॉग: प्रकृति दिखा रही है अपना रौद्र रूप

By निरंकार सिंह | Updated: July 14, 2023 15:05 IST

जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभाव के नए-नए स्वरूप देखने को मिल रहे हैं जैसे दिल्ली, असम, हिमाचल प्रदेश और पंजाब में आई बारिश के बाद की तबाही।

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ठळक मुद्देदुनिया भर में चरम मौसम की घटनाओं में बहुत तेजी से इजाफा देखने को मिल रहा है उत्तर भारत में बारिश कहर बरपा रही है कई राज्यों में बारिश के कारण लोगों की मौत हो गई

पूर्वोत्तर के असम में आई भारी बाढ़ के बाद अब उत्तर भारत के कई राज्य भारी बारिश और बाढ़ का कहर झेल रहे हैं। हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, राजस्थान और दिल्ली में कई स्थान जलमग्न हैं।  भारी बारिश और जमीन धंसने से अब तक कई लोगों की मौत हो चुकी है। 

उत्तर भारत के कई राज्यों में बारिश का कहर जारी है. इन राज्यों से बारिश और बाढ़ की भयावह तस्वीरें सामने आ रही हैं. राजधानी दिल्ली में कई इलाकों में पानी भर गया है. बारिश से सबसे ज्यादा तबाही हिमाचल प्रदेश में हुई है. मौसम के बदलते तेवर से प्राकृतिक आपदाओं में वृद्धि, पर्यावरणीय गिरावट और जैव विविधता की हानि कृषि को तो तबाह कर ही रही है, अब यह इंसानों को भी प्रभावित कर रही है। 

जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभाव के नए-नए स्वरूप देखने को मिल रहे हैं. पिछले कई दशकों से वैज्ञानिक शोध हमें कई तरह के जलवायु परिवर्तन के खतरों से आगाह करते रहे हैं और उनकी वजह से मौसम आदि में बदलावों और उसके इंसानों और अर्थव्यवस्थाओं को हो रहे नुकसान के बारे में जानकारी दे रहे हैं। 

लेकिन जलवायु परिवर्तन का दुनिया में अब तक कितना प्रभाव पड़ा है और उससे क्या क्या बदलाव आए हैं यह एक नए अध्ययन में वैज्ञानिकों ने पता लगाने का प्रयास किया है. यह सवाल और ज्यादा प्रासंगिक इसलिए भी हो गया है क्योंकि हाल ही में दुनिया भर में चरम मौसम की घटनाओं में बहुत तेजी से इजाफा देखने को मिला है। 

पश्चिमी अमेरिका, पूर्वी अफ्रीका, चीन और उत्तरी मैक्सिको भीषण सूखे का सामना कर रहे हैं. पाकिस्तान और कुछ अमेरिकी इलाकों में भीषण तबाही देखने को मिली है. सूखे और बाढ़ के अलावा यूरोप और उत्तर पश्चिम प्रशांत भीषण गर्मी का सामना कर रहे हैं जहां ग्रीष्मलहरों ने कहर ढाया है। 

दक्षिणी अफ्रीका में विनाशकारी तूफान, अमेरिका में तीव्र हरीकेन जैसी घटनाओं ने चरम मौसम के रूप में अभूतपूर्व उपस्थिति दर्ज कराई है।  इनका पूर्वानुमान वैज्ञानिकों ने लंबे समय पहले ही लगा लिया था। चीन, भारत और पाकिस्तान से लेकर यूरोप तथा अफ्रीका जैसे देशों में लगातार जलवायु परिवर्तन का बुरा असर देखने को मिल रहा है। 

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