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जयंतीलाल भंडारी का ब्लॉग: कोरोना के बढ़ते मामलों से फिर से उभरने लगे हैं मानवीय-आर्थिक संकट

By डॉ जयंती लाल भण्डारी | Updated: April 7, 2021 13:06 IST

पूरे भारत में कोरोना की दूसरी लहर देखी जा रही है. हालात भी पहले से ज्यााद खतरनाक दिख रहे हैं. ऐसे में कई मोर्चों पर भारत के सामने बड़ी चुनौतियां खड़ी हो गई हैं.

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इस समय कोरोना की दूसरी लहर और कुछ राज्यों में कोरोना के नए डबल म्यूटेंट मिलने से देश के सामने फिर से स्वास्थ्य, मानवीय और आर्थिक चुनौतियां खड़ी हो गई हैं. 

एक बार फिर से जहां देश के कई राज्यों में लॉकडाउन और नाइट कफ्र्यू का परिदृश्य निर्मित होते हुए दिख रहा है, वहीं लोगों की उद्योग-कारोबार और रोजगार संबंधी आशंकाएं बढ़ते हुए दिखाई दे रही हैं.  

देश में कई स्थानों पर लॉकडाउन और नई पाबंदियां लगने से शेयर बाजार पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने लगा है. निवेशकों में यह धारणा तेजी से बढ़ रही है कि कोविड-19 संक्रमण फिर अर्थव्यवस्था को झटका देगा और कारोबार को नुकसान पहुंचाएगा. 

उद्योग-कारोबार भी इसलिए चिंतित हैं क्योंकि देश में कोविड-19 संक्रमण प्रतिदिन एक लाख का आंकड़ा पार कर गया है. ऐसे में देश की विनिर्माण गतिविधियों में वृद्धि की रफ्तार फिर सुस्त पड़ गई है और पिछले माह मार्च में यह सात माह के निचले स्तर पर आ गई है. 

5 अप्रैल को जारी मासिक सर्वे के मुताबिक आईएचएस मार्केट इंडिया का विनिर्माण खरीद प्रबंधक सूचकांक (पीएमआई) मार्च में घटकर सात माह के निचले स्तर 55.4 पर आ गया. फरवरी में यह सूचकांक 57.5 पर था.

चार अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोविड के तेजी से बढ़ते मामलों के मद्देनजर उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की. इस बैठक में मोदी ने राज्यों से कहा कि वे उन जगहों पर कड़े और सख्त कदम उठाते हुए व्यापक प्रतिबंध लगाएं, जहां से कोरोना तेजी से फैल रहा है. 

गौरतलब है कि देश के 16 राज्यों के 70 जिलों में कोरोना संक्रमण के मामलों में 150 फीसदी की वृद्धि देखी गई है. कई राज्यों में कोरोना की दूसरी लहर से नए मामलों में चिंताजनक तेजी दिखाई दे रही है. 

नि:संदेह तेजी से बढ़ती हुई कोरोना की दूसरी लहर को रोकने के लिए त्वरित और निर्णायक कदम उठाए जाने की जरूरत इसलिए भी है क्योंकि वर्ष 2021 में दुनिया के अधिकांश आर्थिक एवं वित्तीय संगठनों ने कोरोना संक्रमण के नियंत्रित हो जाने के मद्देनजर भारत की विकास दर में तेजी से वृद्धि की संभावना बताई है. 

इससे भारत विश्व में सबसे तेजी से विकसित होने वाली बड़ी अर्थव्यवस्था का स्थान फिर हासिल कर लेगा. ऐसे में देश में कोरोना की दूसरी लहर से बढ़ते हुए मानवीय और आर्थिक खतरों को रोकने और बढ़ती हुई विकास दर को अनुमानों के मुताबिक ऊंचाई देने के लिए कोरोना संक्रमण से संबंधित इन चार बातों पर ध्यान देना होगा. 

एक, भारत को कोरोना वैक्सीन के निर्माण की वैश्विक महाशक्ति बनाया जाए. दो, अधिक लोगों का वैक्सीकरण किया जाए तीन, कोरोना वैक्सीन की बर्बादी रुके और चार, लॉकडाउन से बाजार में ब्रेक डाउन के बढ़ते हुए खतरे और दुष्परिणाम को रोकने की नई रणनीति तुरंत तैयार की जाए.

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